धतूरा बिक्री पर कर्नाटक का बड़ा फैसला: अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 24 अगस्त 2026 को अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिए। यह कार्रवाई इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर विषैले धतूरा के फल और बीजों को मानव उपभोग हेतु बेचे जाने की कथित शिकायतों के बाद की गई। विभाग के आयुक्त एवं न्यायनिर्णय प्राधिकारी की अदालत में इस मामले की सुनवाई उसी दिन बेंगलुरु में हुई।
मामले की पृष्ठभूमि
जाँच के दौरान विभाग ने पाया कि धतूरा उत्पादों के पैकेटों पर एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस या पंजीकरण संख्या दर्ज थी और इन्हें गोदामों में संग्रहीत कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के ज़रिए बेचा एवं वितरित किया जा रहा था। विभाग के अनुसार धतूरा एक विषैला पौधा है और इसके फल व बीजों के सेवन से मानव स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसे उत्पादों को खाद्य सामग्री के रूप में बेचना या प्रचारित करना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना गया।
सुनवाई में कंपनियों का रुख
सुनवाई के दौरान अमेजन की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। स्विगी इंस्टामार्ट ने नोटिस के अनुपालन से संबंधित दस्तावेज़ नहीं दिए और अतिरिक्त समय माँगा। बिगबास्केट ने बताया कि जानकारी मिलते ही धतूरा उत्पाद की बिक्री रोक दी गई है और भविष्य में लेबलिंग में सुधार कर 'मानव उपभोग के लिए नहीं' अंकित करने का आश्वासन दिया। हालाँकि, प्राधिकरण ने तीनों कंपनियों के स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना।
विभाग के आदेश
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जारी आदेशों में कहा गया है कि धतूरा फल और बीजों की मानव उपभोग हेतु बिक्री, वितरण और प्रदर्शन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। सभी ऑनलाइन लिस्टिंग और विज्ञापन तुरंत हटाए जाएँ। इन प्लेटफॉर्मों को धतूरा उत्पाद उपलब्ध कराने वाले विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं के लाइसेंस एवं पंजीकरण भी तत्काल निलंबित किए गए हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आगे की कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्षों के विरुद्ध लागू कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर असत्यापित खाद्य उत्पादों की बिक्री को लेकर नियामकीय चिंताएँ पूरे देश में बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि यह मामला ऑनलाइन बाज़ारों में खाद्य सुरक्षा निगरानी की व्यापक खामियों को उजागर करता है।