सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारो को 3-3 से हराया, एशियन गेम्स 65 किग्रा फाइनल में एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान सुजीत कलकल ने 2 अक्टूबर 2026 को नागोया में एशियन गेम्स के पुरुष 65 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को रोमांचक 3-3 के मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई। एशियन चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट और अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियन सुजीत का खिताबी मुकाबला अब ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडीव से होगा। यह सुजीत के करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे तय हुई फाइनल की राह
सुजीत ने अपने अभियान की शुरुआत प्री-क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई के खिलाफ जोरदार तरीके से की। जजई ने शुरुआती दौर में 3 पॉइंट बनाकर बढ़त ली, लेकिन सुजीत ने जल्द ही खुद को संभाला — स्टेप-आउट, एक फोर-पॉइंटर, एक गो-बिहाइंड और एक एक्सपोजर के ज़रिए 9-3 की बढ़त बनाई और अंततः 13-3 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत दर्ज की।
क्वार्टर फाइनल में सुजीत ने अब्बास इब्राहिमजादेह को 10-0 से हराया — आर्म थ्रो, दो एक्सपोजर पॉइंट और दो गो-बिहाइंड के साथ।
सेमीफाइनल: ओलंपिक चैंपियन का शिकार
सेमीफाइनल में घरेलू दर्शकों के चहेते और जापान के कोटारो कियूका ने शुरुआत में दो तेज़ अंक बनाकर 2-0 की बढ़त हासिल की। सुजीत ने हार नहीं मानी और लगातार दो स्कोरिंग मूव से 4-2 की बढ़त बनाई। रिव्यू के बाद सुजीत का स्कोर 3 हो गया, फिर भी वह आगे रहे। कियूका ने जवाबी हमले से मुकाबला 3-3 से बराबर किया, लेकिन सुजीत के पास अधिक स्कोरिंग मूव होने के चलते उन्हें फाइनल का टिकट मिल गया।
गौरतलब है कि कोटारो कियूका को हालिया ओलंपिक का स्वर्ण पदक विजेता मानते हुए यह जीत न केवल व्यक्तिगत बल्कि भारतीय कुश्ती के लिए भी एक बड़ा मनोवैज्ञानिक जीत है।
भारतीय महिला पहलवानों का मिला-जुला प्रदर्शन
महिला कुश्ती में भारत की शुरुआत निराशाजनक रही। 76 किग्रा वर्ग में प्रिया मलिक किर्गिस्तान की वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट ऐपेरी मेडेट काइजी से हार गईं। प्रिया ने दूसरे पीरियड में स्कोर 2-1 तक पहुंचाया, लेकिन मेडेट काइजी ने टेकडाउन पर दबाव बनाते हुए 4-1 की बढ़त ली। प्रिया के एक बड़े थ्रो की कोशिश में मेडेट काइजी ऊपर गिरीं और उन्हें पिन कर दिया गया।
50 किग्रा वर्ग में दीपांशी को टोक्यो ओलंपिक चैंपियन और जापान की यूई सुसाकी ने 11-0 से हराया। सुसाकी ने इसके बाद कंबोडिया की समनांग डिट को महज 44 सेकंड में 10-0 से और फिर कजाकिस्तान की जीनेप बयानोवा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
दीपांशी को रेपेचेज में मिला ब्रॉन्ज का मौका
सुसाकी के फाइनल में पहुंचने के साथ दीपांशी को रेपेचेज राउंड में खेलने का अवसर मिला। दीपांशी ने रेपेचेज में समनांग डिट को 10-0 की तकनीकी श्रेष्ठता से हराया और अब वह ब्रॉन्ज मेडल मैच में कजाकिस्तान की जीनेप बयानोवा से भिड़ेंगी।
पुरुष 125 किग्रा और आगे की चुनौती
125 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत के रूहाल पहले दौर में ही कजाकिस्तान के अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन येदिगे कासिमबेक से 3-8 से हार गए। यह भारत के लिए इस भार वर्ग में निराशाजनक विदाई रही। सुजीत अब अपने करियर का पहला एशियन गेम्स गोल्ड जीतने से एक कदम दूर हैं।