7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुजीत कलकल बोले — 'देश के लिए गोल्ड जीतना ही मेरी दिवाली', वर्ल्ड चैंपियनशिप पर नज़र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुजीत कलकल बोले — 'देश के लिए गोल्ड जीतना ही मेरी दिवाली', वर्ल्ड चैंपियनशिप पर नज़र

सारांश

एशियन गेम्स 2026 में 2-9 से पिछड़कर 10-9 से जीत दर्ज करने वाले सुजीत कलकल के लिए दिवाली का त्योहार सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं — यह गोल्ड मेडल की गूंज है। अब नज़रें अस्ताना वर्ल्ड चैंपियनशिप पर हैं, जिसे वे ओलंपिक से भी कठिन मानते हैं।

मुख्य बातें

सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीता।
फाइनल में 2-9 से पिछड़ने के बाद सुजीत ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव को 10-9 से हराया।
सुजीत की नज़र अब 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक अस्ताना, कजाकिस्तान में होने वाली UWW वर्ल्ड चैंपियनशिप पर है।
हरियाणा के चरखी दादरी के 23 वर्षीय इस पहलवान ने रूस और आर्मेनिया में ट्रेनिंग की थी।
सुजीत ने TOPS , SAI और WFI को मेडल में योगदान का श्रेय दिया।

भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना ही उनके लिए असली दिवाली है। एशियन गेम्स 2026 में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीत चुके 23 वर्षीय इस रेसलर की नज़र अब 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कजाकिस्तान के अस्ताना में होने वाली UWW रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप पर टिकी है।

एशियन गेम्स में ऐतिहासिक वापसी

हरियाणा के चरखी दादरी जिले के इमलोटा गाँव के रहने वाले सुजीत ने एशियन गेम्स के 65 किग्रा फाइनल में पहले जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को हराया। इसके बाद गोल्ड मेडल मुकाबले में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव के खिलाफ पहले पीरियड के अंत में 2-9 से पिछड़ते हुए उन्होंने शानदार पलटवार किया।

जब मुकाबले में सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड बचे थे, तब सुजीत ने एक के बाद एक हमले किए — पहले स्कोर 9-8 किया और फिर दो प्वाइंट का 'टेकडाउन' कर 10-9 से जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें एशियाई महाद्वीपीय स्तर पर भारत का नया हीरो बना दिया।

सुजीत के अपने शब्दों में

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुजीत ने अपनी भावनाएँ बेबाकी से साझा कीं। उन्होंने कहा, 'एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना ही मेरे लिए दिवाली है। मैं अभी तक होली या दिवाली पर घर भी नहीं जा पाया हूं, क्योंकि हमेशा कोई न कोई प्रतियोगिता होती रहती है। मेरे पिता कहते हैं कि अगर तुम घर गोल्ड लेकर आते हो, तो वही दिवाली और होली है।'

फाइनल में पिछड़ने के बारे में उन्होंने स्वीकार किया, 'शुरुआत में मैं मुकाबले पर काबू नहीं रख पाया क्योंकि उस समय मैं ठीक से वार्मअप नहीं कर पाया था। दूसरे पीरियड में मैंने अच्छी पकड़ बनाई और मेरे हर हमले कामयाब रहे। मैच खत्म होने तक मैंने सारे प्वाइंट्स हासिल कर लिए थे।'

वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी

सुजीत ने स्पष्ट किया कि UWW वर्ल्ड चैंपियनशिप ओलंपिक से भी कठिन प्रतियोगिता है। उन्होंने बताया कि वे किसी विशेष रणनीतिक ढाँचे की बजाय पिछली प्रतियोगिताओं में हुई गलतियों पर काम करने को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा, 'हम बस पिछली प्रतियोगिताओं में हुई गलतियों पर काम करते हैं ताकि आने वाली प्रतियोगिताओं में वे गलतियाँ न दोहराई जाएं।'

SAI सोनीपत में नियमित अभ्यास करने वाले सुजीत ने एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी के लिए रूस और आर्मेनिया में भी ट्रेनिंग की। रूस में उन्हें वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और ओलंपिक के पदक विजेताओं के साथ अभ्यास का मौका मिला।

ट्रेनिंग में TOPS और SAI की भूमिका

विदेशी ट्रेनिंग के अनुभव पर सुजीत ने TOPS, SAI और WFI (भारतीय कुश्ती महासंघ) का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'उन्हीं की वजह से हमें विदेश में ट्रेनिंग का मौका मिलता है। हमारे जीते गए मेडल्स में ट्रेनिंग सबसे अहम भूमिका निभाती है।' गौरतलब है कि भारतीय कुश्ती अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है, और सुजीत जैसे युवा पहलवान इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन भारतीय कुश्ती के लिए एक और मील का पत्थर साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस प्रणाली की है जो TOPS और SAI के ज़रिए विदेशी ट्रेनिंग मुहैया कराती है — और जिसके नतीजे अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखने लगे हैं। 2-9 से पिछड़कर जीतना मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है, लेकिन असली परीक्षा UWW वर्ल्ड चैंपियनशिप होगी जहाँ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पहलवान होंगे। यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारतीय कुश्ती संघ (WFI) विवादों से उबरने की कोशिश कर रहा है — ऐसे में सुजीत जैसे युवा पहलवानों की सफलता खेल की साख को नई ऊँचाई देती है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुजीत कलकल कौन हैं और उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
सुजीत कलकल हरियाणा के चरखी दादरी जिले के 23 वर्षीय भारतीय पहलवान हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स 2026 में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में 2-9 से पिछड़ने के बाद ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव को 10-9 से हराया।
UWW रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 कब और कहाँ होगी?
UWW रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 कजाकिस्तान के अस्ताना शहर में 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होगी। यह दिवाली से करीब एक हफ्ते पहले समाप्त होगी।
सुजीत कलकल वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कैसे कर रहे हैं?
सुजीत SAI सोनीपत में नियमित ट्रेनिंग करते हैं और एशियन गेम्स तथा वर्ल्ड चैंपियनशिप की विशेष तैयारी के लिए रूस और आर्मेनिया में भी अभ्यास किया। वे किसी विशेष रणनीति की बजाय पिछली प्रतियोगिताओं में हुई गलतियों को सुधारने पर ध्यान देते हैं।
सुजीत कलकल ने 'देश को गोल्ड दिलाना ही दिवाली है' क्यों कहा?
सुजीत ने बताया कि प्रतियोगिताओं के कारण वे होली और दिवाली पर घर नहीं जा पाते। उनके पिता ने उन्हें प्रेरित किया कि अगर वे गोल्ड लेकर घर आएँ, तो वही असली दिवाली और होली है — इसी भावना को उन्होंने अपना जीवन-मंत्र बना लिया है।
सुजीत कलकल की तैयारी में TOPS और SAI की क्या भूमिका रही?
सुजीत ने TOPS (Target Olympic Podium Scheme), SAI और WFI को विदेशी ट्रेनिंग का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया। उनके अनुसार रूस में वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक के पदक विजेताओं के साथ अभ्यास करने का मौका मिला, जिसने उनकी क्षमता को नई दिशा दी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 35 मिनट पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले