7 अक्टूबर 2026
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सुजीत कलकल का एशियन गेम्स 2026 गोल्ड: जापान से लौटकर मां के हाथ का चूरमा-खीर खाकर मनाया जश्न

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सुजीत कलकल का एशियन गेम्स 2026 गोल्ड: जापान से लौटकर मां के हाथ का चूरमा-खीर खाकर मनाया जश्न

सारांश

एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड, दो विश्व खिताब और एक अजेय सीज़न — सुजीत कलकल की कहानी सिर्फ पदकों की नहीं, कोर्ट की लड़ाई से मैदान की जीत तक के असाधारण संघर्ष की है। और इस सबके बाद घर लौटकर मां के हाथ का चूरमा-खीर — यही उनका सबसे बड़ा इनाम रहा।

मुख्य बातें

सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
2026 सीज़न में वे अब तक अजेय रहे हैं — UWW रैंकिंग सीरीज़ (अल्बानिया) , एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप और अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड।
2023 में चयन ट्रायल के लिए हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा था।
अप्रैल 2024 में दुबई में फंसने के कारण एशियन ओलंपिक क्वालीफायर में भाग नहीं ले सके।
सोनीपत में ट्रेनिंग के दौरान मां घर से चूरमा और खीर भेजती रहती हैं।

भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। जापान से स्वदेश लौटने के बाद सुजीत ने बताया कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी मां के हाथ का बना चूरमा और खीर खाना रही — यही उनके संघर्ष और सफलता का सबसे मीठा इनाम था।

मां के हाथ का स्वाद — सबसे बड़ा पुरस्कार

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुजीत ने कहा, 'मैं ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन की वजह से घर से दूर रहता हूं, ऐसे में मां के हाथ का चूरमा बहुत याद आता है। एशियन गेम्स के बाद जैसे ही मैं लौटा, मेरी मां ने चूरमा और खीर भेजी।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं घर से दूर सोनीपत में ट्रेनिंग करता हूं, इसलिए मेरी मां मेरे लिए ये चीज़ें भेजती रहती हैं। जापान से लौटने के बाद, मैंने सबसे ज्यादा चूरमा और खीर खाई है।'

2026 सीज़न में अजेय रहे सुजीत

सुजीत कलकल का 2026 सीज़न अब तक बेमिसाल रहा है। उन्होंने 2025 अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप और 2026 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप — दोनों 65 किग्रा वर्ग में — जीती हैं। इसके अलावा, उन्होंने फरवरी 2026 में अल्बानिया में आयोजित UWW रैंकिंग सीरीज़ में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती में नेतृत्व संकट और विवादों के बावजूद युवा पहलवान मैदान में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

संघर्ष की कहानी — कोर्ट से मैदान तक

सुजीत की यह सफलता बिना मुश्किलों के नहीं मिली। 2023 में उन्हें एशियन गेम्स 2023 के लिए चयन ट्रायल में उचित अवसर पाने हेतु हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा था। तत्कालीन एड-हॉक कमेटी ने पहलवान बजरंग को सीधे टीम में स्थान दे दिया था, जिसे सुजीत ने कानूनी चुनौती दी।

इसके बाद अप्रैल 2024 में भी उनके रास्ते में एक और रुकावट आई। जब सुजीत और साथी पहलवान दीपक पुनिया एशियन ओलंपिक क्वालीफायर के लिए बिश्केक जा रहे थे, तो यूएई में रिकॉर्ड बारिश और बाढ़ के कारण फ्लाइट ऑपरेशन ठप हो गए और दोनों दुबई में फंस गए। आखिरकार वे बिश्केक तो पहुंचे, लेकिन सुबह का वेट-इन शुरू होने के बाद — और आयोजकों ने उन्हें मुकाबला करने की अनुमति नहीं दी।

युवा पहलवानों को सुजीत का संदेश

उन्हें 2023 के कठिन दौर के बारे में पूछे जाने पर सुजीत ने कहा, 'खुद पर भरोसा रखो और मेहनत करते रहो। भगवान इंसाफ में देर कर सकते हैं, लेकिन उसे कभी मना नहीं किया जा सकता।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'अगर हम बीते कल में फंसे रहेंगे, तो हमारा वर्तमान खराब होगा, और हम भविष्य में भी अच्छा नहीं कर पाएंगे। जो बीत गया, उसे जाने दो।' यह संदेश उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो व्यवस्थागत अवरोधों से जूझ रहे हैं।

आगे की राह

एशियन गेम्स 2026 के स्वर्ण पदक के साथ सुजीत कलकल अब भारतीय कुश्ती के सबसे चमकते सितारों में शामिल हो गए हैं। आगामी अंतरराष्ट्रीय सीज़न में उनसे विश्व चैंपियनशिप में भी पदक की उम्मीद रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ऐसी प्रणाली की विफलता की भी है जिसने एक प्रतिभाशाली पहलवान को अपना हक पाने के लिए अदालत का रुख करने पर मजबूर किया। यह पहली बार नहीं है जब भारतीय कुश्ती प्रशासन पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हों। दुबई में फंसने की घटना संयोग थी, लेकिन 2023 का ट्रायल विवाद संस्थागत खामी को दर्शाता है। असली सवाल यह है: क्या भारतीय खेल प्रशासन ऐसे खिलाड़ियों की प्रतिभा को समय पर पहचानने और सहेजने में सक्षम है, या हर बार सिस्टम से लड़कर ही खिलाड़ी को आगे आना होगा?
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में कौन-सा पदक जीता?
सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। यह प्रतियोगिता जापान में आयोजित हुई थी।
सुजीत कलकल की 2026 सीज़न में क्या उपलब्धियाँ रही हैं?
सुजीत कलकल 2026 सीज़न में अब तक अजेय रहे हैं। उन्होंने 2025 अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप, 2026 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप और फरवरी 2026 में अल्बानिया में UWW रैंकिंग सीरीज़ में गोल्ड मेडल जीता।
2023 में सुजीत कलकल को हाई कोर्ट क्यों जाना पड़ा था?
2023 में एशियन गेम्स की टीम चयन प्रक्रिया में सुजीत को उचित ट्रायल का मौका नहीं दिया गया था। तत्कालीन एड-हॉक कमेटी ने पहलवान बजरंग को सीधे टीम में शामिल कर लिया था, जिसे सुजीत ने हाई कोर्ट में चुनौती दी।
अप्रैल 2024 में सुजीत कलकल एशियन ओलंपिक क्वालीफायर में भाग क्यों नहीं ले सके?
अप्रैल 2024 में यूएई में रिकॉर्ड बारिश और बाढ़ के कारण फ्लाइट ऑपरेशन बाधित हो गए और सुजीत व दीपक पुनिया दुबई में फंस गए। वे बिश्केक देर से पहुंचे और आयोजकों ने उन्हें वेट-इन के बाद मुकाबले में भाग लेने की अनुमति नहीं दी।
सुजीत कलकल मां के हाथ का खाना क्यों खास मानते हैं?
सुजीत कलकल सोनीपत में ट्रेनिंग करते हैं और घर से दूर रहते हैं। जापान से लौटने के बाद उनकी मां ने उन्हें चूरमा और खीर भेजी, जिसे उन्होंने अपने जश्न का सबसे बड़ा हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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