9 अक्टूबर 2026
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एशियन गेम्स 2026 गोल्ड: अमन सहरावत ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में वर्ल्ड चैंपियन को 11-7 से हराया

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एशियन गेम्स 2026 गोल्ड: अमन सहरावत ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में वर्ल्ड चैंपियन को 11-7 से हराया

सारांश

अमन सहरावत का यह गोल्ड सिर्फ एक पदक नहीं — ब्रॉन्ज़ से गोल्ड तक के सफ़र की कहानी है। कोच की एक सीधी सलाह, खुद पर अटूट भरोसा और अंतिम मिनट में की गई जबरदस्त वापसी — 23 साल के इस पहलवान ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचा और अब निशाना 2028 ओलंपिक गोल्ड पर है।

मुख्य बातें

अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में नॉर्थ कोरिया के हान चोंग सोंग को 11-7 से हराया।
वे 57 किलोग्राम वर्ग में एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर बने।
फाइनल में एक मिनट से कम समय बचने पर 7-6 से पीछे थे, लेकिन अंतिम क्षणों में ज़बरदस्त वापसी की।
कोच ने फाइनल से पहले किसी भी विरोधी का वीडियो न देखने और खुद की रेसलिंग स्टाइल पर भरोसा रखने की सलाह दी।
अमन पहले एशियन गेम्स 2023 और पेरिस ओलंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं।
अब उनका अगला लक्ष्य 2028 लॉस एंजिलीस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है।

भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग स्पर्धा के फाइनल में नॉर्थ कोरिया के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 23 वर्षीय इस पहलवान ने इस जीत के साथ इस भार वर्ग में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर होने का गौरव हासिल किया।

मुख्य घटनाक्रम

फाइनल मुकाबले में अमन शुरुआत में 6-1 से आगे थे, लेकिन नॉर्थ कोरियाई चैंपियन ने शानदार वापसी कर स्कोर 7-6 अपने पक्ष में कर लिया। मैच समाप्त होने में एक मिनट से भी कम समय शेष था, तब अमन पीछे चल रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने अंतिम क्षणों में आक्रामक अंदाज़ में वापसी करते हुए 11-7 की निर्णायक जीत दर्ज की।

अमन ने कहा, 'रेसलिंग में ऐसा अक्सर होता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जब एक मिनट बचा था, तब मैं पीछे चल रहा था। हालांकि, मुझे भरोसा था कि मैं आखिर में अटैक करके प्वाइंट्स हासिल कर सकता हूं। मैं और प्वाइंट्स नहीं देना चाहता था।'

कोच की वो सलाह जिसने बदल दिया खेल

अमन ने फाइनल से पहले मिली एक खास सलाह का ज़िक्र किया, जिसने उनकी मानसिक तैयारी में अहम भूमिका निभाई। उनके कोच ने उन्हें विरोधी या किसी अन्य पहलवान का मोबाइल पर वीडियो देखने से मना किया और अपनी नैसर्गिक शैली पर भरोसा रखने को कहा।

अमन के शब्दों में, 'मेरे कोच ने मुझसे कहा कि मैं अपनी रेसलिंग वैसे ही करूं जैसे दूसरे मैचों में करता था। विरोधी के रेसलिंग स्टाइल के हिसाब से न खेलूं। मुझसे कहा गया कि फोन पर किसी का वीडियो न देखूं। मुझे सलाह दी गई कि मैं अपने तरीके से लड़ूं और गोल्ड मेडल जीतूंगा। ऐसा ही हुआ।'

ब्रॉन्ज़ से गोल्ड तक — अमन का सफ़र

गौरतलब है कि अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2023 (हांगझोउ) में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में भी ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। अब एशियन गेम्स में गोल्ड की प्राप्ति उनके तेज़ी से उभरते करियर की अगली बड़ी छलांग है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती विश्व मंच पर अपनी पहचान और मज़बूत करने की राह पर है। अमन जैसे युवा पहलवानों का उभरना भारतीय खेल परिदृश्य के लिए शुभ संकेत है।

ओलंपिक गोल्ड की ललक

गोल्ड जीतने के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अनुभव को अमन ने बेहद भावुक पल बताया। उन्होंने कहा, 'मैं इसे बहुत गर्व का पल मानता हूं। अब मेरा लक्ष्य ओलंपिक में भी इस पल को महसूस करना है।' उनकी यह महत्त्वाकांक्षा स्पष्ट करती है कि 2028 लॉस एंजिलीस ओलंपिक में वे भारत के प्रमुख पदक दावेदारों में से एक होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय कुश्ती की नई पीढ़ी की परिपक्वता का प्रमाण है। कोच की 'वीडियो मत देखो' वाली सलाह सतह पर सरल लगती है, लेकिन यह मनोवैज्ञानिक तैयारी के उस गहरे सिद्धांत की ओर इशारा करती है जिसे भारतीय खेलों में अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है — प्रतिद्वंद्वी के अनुकूल ढलने की बजाय खुद की ताकत पर भरोसा। पेरिस ओलंपिक ब्रॉन्ज से एशियन गेम्स गोल्ड तक का यह सफ़र दर्शाता है कि अमन सिर्फ परिणाम नहीं, बल्कि चरित्र भी बना रहे हैं। 2028 ओलंपिक में उनसे जो उम्मीद होगी वह असाधारण होगी, और सवाल यह है कि क्या भारतीय कुश्ती प्रशिक्षण तंत्र इस प्रतिभा को उचित संसाधन और निरंतर समर्थन दे पाएगा।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में किसे हराकर गोल्ड मेडल जीता?
अमन सहरावत ने फाइनल में नॉर्थ कोरिया के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह मुकाबला 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग वर्ग में खेला गया।
अमन सहरावत से पहले 57 किग्रा में कोई भारतीय एशियन गेम्स गोल्ड जीत चुका था?
नहीं, अमन सहरावत 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग में एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर बने हैं। इससे पहले उन्होंने 2023 के एशियन गेम्स में इसी वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
फाइनल से पहले अमन सहरावत के कोच ने उन्हें क्या सलाह दी थी?
कोच ने अमन को मोबाइल पर किसी भी विरोधी या दूसरे पहलवान का वीडियो न देखने की सलाह दी। उन्हें कहा गया कि अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखें और उसी तरह लड़ें जैसे पिछले मुकाबलों में लड़ते आए हैं।
फाइनल मुकाबले में अमन सहरावत किस तरह पीछे हुए और कैसे जीते?
अमन 6-1 से आगे थे, लेकिन नॉर्थ कोरियाई चैंपियन ने वापसी करते हुए स्कोर 7-6 अपने पक्ष में कर लिया। मैच के अंतिम एक मिनट से कम समय में अमन ने आक्रामक अटैक करके पॉइंट्स हासिल किए और 11-7 से जीत दर्ज की।
अमन सहरावत का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
अमन सहरावत का अगला लक्ष्य 2028 लॉस एंजिलीस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल के बाद वे अगले ओलंपिक में तिरंगा फहराने का वही गर्व का पल महसूस करना चाहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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