एशियन गेम्स 2026 गोल्ड: अमन सहरावत ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में वर्ल्ड चैंपियन को 11-7 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग स्पर्धा के फाइनल में नॉर्थ कोरिया के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 23 वर्षीय इस पहलवान ने इस जीत के साथ इस भार वर्ग में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर होने का गौरव हासिल किया।
मुख्य घटनाक्रम
फाइनल मुकाबले में अमन शुरुआत में 6-1 से आगे थे, लेकिन नॉर्थ कोरियाई चैंपियन ने शानदार वापसी कर स्कोर 7-6 अपने पक्ष में कर लिया। मैच समाप्त होने में एक मिनट से भी कम समय शेष था, तब अमन पीछे चल रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने अंतिम क्षणों में आक्रामक अंदाज़ में वापसी करते हुए 11-7 की निर्णायक जीत दर्ज की।
अमन ने कहा, 'रेसलिंग में ऐसा अक्सर होता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जब एक मिनट बचा था, तब मैं पीछे चल रहा था। हालांकि, मुझे भरोसा था कि मैं आखिर में अटैक करके प्वाइंट्स हासिल कर सकता हूं। मैं और प्वाइंट्स नहीं देना चाहता था।'
कोच की वो सलाह जिसने बदल दिया खेल
अमन ने फाइनल से पहले मिली एक खास सलाह का ज़िक्र किया, जिसने उनकी मानसिक तैयारी में अहम भूमिका निभाई। उनके कोच ने उन्हें विरोधी या किसी अन्य पहलवान का मोबाइल पर वीडियो देखने से मना किया और अपनी नैसर्गिक शैली पर भरोसा रखने को कहा।
अमन के शब्दों में, 'मेरे कोच ने मुझसे कहा कि मैं अपनी रेसलिंग वैसे ही करूं जैसे दूसरे मैचों में करता था। विरोधी के रेसलिंग स्टाइल के हिसाब से न खेलूं। मुझसे कहा गया कि फोन पर किसी का वीडियो न देखूं। मुझे सलाह दी गई कि मैं अपने तरीके से लड़ूं और गोल्ड मेडल जीतूंगा। ऐसा ही हुआ।'
ब्रॉन्ज़ से गोल्ड तक — अमन का सफ़र
गौरतलब है कि अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2023 (हांगझोउ) में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में भी ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। अब एशियन गेम्स में गोल्ड की प्राप्ति उनके तेज़ी से उभरते करियर की अगली बड़ी छलांग है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती विश्व मंच पर अपनी पहचान और मज़बूत करने की राह पर है। अमन जैसे युवा पहलवानों का उभरना भारतीय खेल परिदृश्य के लिए शुभ संकेत है।
ओलंपिक गोल्ड की ललक
गोल्ड जीतने के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अनुभव को अमन ने बेहद भावुक पल बताया। उन्होंने कहा, 'मैं इसे बहुत गर्व का पल मानता हूं। अब मेरा लक्ष्य ओलंपिक में भी इस पल को महसूस करना है।' उनकी यह महत्त्वाकांक्षा स्पष्ट करती है कि 2028 लॉस एंजिलीस ओलंपिक में वे भारत के प्रमुख पदक दावेदारों में से एक होंगे।