एशियन गेम्स 2026: अमन सहरावत ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में जीता गोल्ड, राष्ट्रपति मुर्मु ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा के फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन चोंग-सोंग को पराजित कर भारत के लिए स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया। 3 अक्टूबर 2026 को हासिल की गई यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सहित देश के कई शीर्ष नेताओं ने सहरावत को बधाई दी है।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'एशियन गेम्स 2026 में कुश्ती के पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने पर अमन सहरावत आपको बहुत-बहुत बधाई। आपने कड़ी मेहनत से शीर्ष स्थान हासिल किया और अपनी श्रेणी में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त किया। आपका शानदार प्रदर्शन देश भर के कई युवा पहलवानों को उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।'
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी एक्स पर बधाई संदेश साझा किया। उन्होंने अमन सहरावत (पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल, स्वर्ण), अंतिम पंघाल (महिला 53 किग्रा फ्रीस्टाइल, रजत) और दीपक पूनिया (पुरुष 97 किग्रा फ्रीस्टाइल, कांस्य) — तीनों पहलवानों को उनके 'अटूट संकल्प और समर्पण' के लिए बधाई दी और भविष्य में निरंतर सफलता की शुभकामनाएँ दीं।
केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि यह 'भारतीय कुश्ती के लिए शानदार प्रदर्शन' है और सहरावत को बधाई दी। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे 'भारत के लिए कुश्ती में ऐतिहासिक गोल्ड' करार देते हुए सहरावत को एशियन गेम्स 2026 में पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल इवेंट में 'पहला गोल्ड जीतने वाले' के रूप में सम्मानित किया।
योगी आदित्यनाथ ने जताया गर्व
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'पिछले एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद अमन ने अब जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपनी कैटेगरी में एशियन गेम्स चैंपियन बनकर एक नया मुकाम हासिल किया है। यह भारतीय कुश्ती के लिए गर्व का पल है और दृढ़ संकल्प व लड़ने के जज्बे का एक बेहतरीन उदाहरण है।'
अमन सहरावत की उपलब्धि का महत्व
गौरतलब है कि अमन सहरावत पिछले एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुके थे। इस बार मौजूदा विश्व चैंपियन को फाइनल में मात देकर स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी खेल यात्रा में एक निर्णायक छलाँग है। यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारतीय कुश्ती अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है। एशियन गेम्स 2026 में अंतिम पंघाल और दीपक पूनिया के पदकों के साथ भारत का कुश्ती दल इस बार विशेष रूप से उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में सहरावत से और भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।