एशियन पैरा गेम्स 2026: कोकिला ने जूडो जे2 -52 किग्रा में जीता सिल्वर, फाइनल में 21 सेकंड में हार
सारांश
मुख्य बातें
भारत की दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ी कोकिला ने 19 अक्टूबर 2026 को नागोया के आइची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल में एशियन पैरा गेम्स 2026 के महिलाओं के जे2 -52 किलोग्राम जूडो इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक किजी ने महज 21 सेकंड में 'इप्पोन' के ज़रिए कोकिला को पराजित किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मुख्य घटनाक्रम
हरियाणा के जींद जिले की रहने वालीं कोकिला ने सेमीफाइनल में चीन की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन यी लियू को हराकर फाइनल में प्रवेश किया और मेडल पक्का किया। सेमीफाइनल के उस कड़े मुकाबले में कोकिला ने एक 'वाजा-आरी' और एक 'यूको' हासिल किया, जबकि लियू ने भी एक 'वाजा-आरी' स्कोर किया। नियमों के मामूली उल्लंघन के चलते कोकिला को एक 'शिदो' पेनाल्टी भी मिली, लेकिन वह जीत दर्ज करने में सफल रहीं।
फाइनल में उलानबेक किजी का दबदबा
खिताबी मुकाबले में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक किजी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और मात्र 21 सेकंड में 'इप्पोन' के साथ मुकाबला समाप्त कर दिया। इस हार के साथ कोकिला को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, किंतु उनका यह प्रदर्शन भारतीय पैरा-जूडो के लिहाज़ से उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।
पिछले प्रदर्शन से बेहतर
गौरतलब है कि हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में कोकिला ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार 52 किलोग्राम वर्ग में उतरते हुए उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया और सिल्वर मेडल जीतकर अपने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ा। यह उनके लिए व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
कोकिला का परिचय और वर्गीकरण
कोकिला जे2 क्लासिफिकेशन में प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिसमें अलग-अलग स्तर की दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ी शामिल होती हैं। वह पेरिस 2024 पैरालंपिक्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, जो उनके अंतरराष्ट्रीय अनुभव और स्तर को दर्शाता है।
आगे की राह
इस सिल्वर मेडल के साथ कोकिला ने भारतीय पैरा-जूडो को एशियाई स्तर पर नई पहचान दी है। वर्ल्ड चैंपियन यी लियू जैसी खिलाड़ी को हराने का उनका हौसला आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत की उम्मीदों को और मजबूत करता है।