एशियन पैरा गेम्स 2026: कोकिला ने चीन की वर्ल्ड चैंपियन यी लियू को हराकर जे2-52 किग्रा फाइनल में प्रवेश किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा-जूडोका कोकिला ने 19 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया में चल रहे 2026 एशियन पैरा गेम्स में महिला जे2-52 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन यी लियू को 1-0 से पराजित कर गोल्ड मेडल बाउट में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। फाइनल में पहुँचते ही कोकिला ने भारत के लिए इस स्पर्धा में कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर दिया है।
सेमीफाइनल का रोमांचक मुकाबला
भारत और चीन की दोनों जूडोका ने मुकाबले के दौरान टेक्निकल स्कोरिंग के ज़रिए बढ़त बनाने की भरपूर कोशिश की। कोकिला ने जूडो का दूसरा सबसे बड़ा टेक्निकल स्कोर वाजा-अरी और प्रभावी तकनीक के लिए युको स्कोर हासिल किया। प्रतिद्वंद्वी लियू ने भी मुकाबले के दौरान वाजा-अरी किया, जबकि कोकिला को एक मामूली नियम उल्लंघन के लिए शिडो पेनल्टी मिली। अंततः कोकिला की तकनीकी श्रेष्ठता निर्णायक साबित हुई और वे 1-0 से जीत दर्ज करने में सफल रहीं।
कोकिला का अंतरराष्ट्रीय सफर और पिछला रिकॉर्ड
कोकिला ने हांगझोऊ 2023 एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं की -48 किग्रा कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार वे एक अलग भार वर्ग में उतरी हैं और उनके पास अपने पदक के रंग को चाँदी या सोने में बदलने का सुनहरा मौका है। गौरतलब है कि कोकिला ने पेरिस 2024 पैरालिंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जो उनके अनुभव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में पारंगतता को दर्शाता है।
पैरा-जूडो जे2 वर्ग: क्या होता है खास
पैरा-जूडो में जे2 वर्ग उन एथलीटों के लिए निर्धारित है जिन्हें दृष्टि में आंशिक कठिनाई होती है। इस वर्ग के खिलाड़ी प्रतियोगी मैट पर बढ़त पाने के लिए अपनी टेक्निकल दक्षता, संतुलन और रणनीतिक जागरूकता पर निर्भर रहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पैरा-जूडो में अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है।
फाइनल और कपिल परमार की दावेदारी
कोकिला का फाइनल मुकाबला किर्गिस्तान की ऐबिक उलानबेक काजी से होगा। यी लियू जैसी मज़बूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मिली जीत से उनका मनोबल निश्चित रूप से ऊँचा रहेगा।
इस बीच, भारत के कपिल परमार पुरुष जे1-70 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल के लिए मैट पर उतरेंगे। पेरिस पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट परमार सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी से इप्पोन के ज़रिए पराजित हुए। हालाँकि इससे पहले उन्होंने मंगोलिया के बैट-एर्डीन बातरसुरेन को 4 मिनट 53 सेकंड में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
आगे क्या होगा
आइची-नागोया में भारत के पैरा-जूडोका दल का प्रदर्शन देश की पैरा-खेल नीति और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। कोकिला के गोल्ड मेडल मुकाबले पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी।