एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 घटना: एएआईबी की शुरुआती रिपोर्ट जल्द, पायलट ड्रग टेस्ट पॉजिटिव
सारांश
मुख्य बातें
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 3 सितंबर को पत्रकारों को बताया कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 — जो 4 अगस्त को फुकेत से नई दिल्ली आते समय अचानक 300 फीट नीचे आ गई थी — की जाँच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा की जा रही है और इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट शीघ्र ही जारी होने की उम्मीद है। इस घटना में कम से कम 24 लोग घायल हुए थे, जिनमें यात्री और क्रू सदस्य दोनों शामिल हैं।
घटनाक्रम: क्या हुआ था 4 अगस्त को
137 यात्रियों और 8 क्रू सदस्यों को लेकर उड़ान भर रही फ्लाइट AI-2379 क्रूज फेज में 36,000 फीट की ऊँचाई पर थी, जब अचानक उसकी ऊँचाई 300 फीट कम हो गई। इस अप्रत्याशित गिरावट में कम से कम 20 यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल हुए। नायडू ने पिछले महीने बताया था कि दो क्रू सदस्यों को टेलबोन और गर्दन के पास रीढ़ की हड्डी में चोटें आई थीं।
पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव
नई दिल्ली में उतरने के बाद पोस्ट-फ्लाइट स्क्रीनिंग के दौरान पायलट साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए पॉजिटिव पाया गया। कुछ समय बाद कराए गए दूसरे परीक्षण का परिणाम भी पॉजिटिव रहा। रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षणों से पुष्टि हुई कि पायलट ने मारिजुआना का सेवन किया था।
जाँच की स्थिति और सरकार की प्रतिक्रिया
एएआईबी इस घटना से जुड़े सभी तकनीकी, ऑपरेशनल, मेडिकल और मानवीय-कारक साक्ष्यों की व्यापक जाँच कर रहा है। सरकार ने एजेंसी से जाँच में तेज़ी लाने को कहा है, ताकि सख्त नियम बनाए जा सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया जा सके। नायडू ने स्पष्ट किया कि एएआईबी की रिपोर्ट आने के बाद 'आगे की कार्रवाई की जाएगी।'
एयरलाइंस के साथ मासिक संवाद
मंत्री ने यह भी बताया कि वे प्रत्येक माह सभी एयरलाइंस के साथ उनकी परिचालन चुनौतियों और मुद्दों पर बैठक करते हैं। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस पर अपने परिचालन को बेहतर बनाने — विशेषकर आर्थिक पक्ष को सुदृढ़ करने — के लिए दबाव डाला जा रहा है, और एयरलाइंस ने आश्वासन दिया है कि वे शीघ्र सुधार करेंगी।
आगे क्या होगा
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय विमानन क्षेत्र में उड़ान सुरक्षा मानकों की समीक्षा को लेकर व्यापक बहस चल रही है। एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ऊँचाई में अचानक गिरावट तकनीकी खराबी के कारण हुई या मानवीय चूक का परिणाम थी। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) नियामकीय कदम उठा सकता है।