एयर इंडिया फ्लाइट AI2379 में टर्बुलेंस: 13 यात्री और 4 क्रू घायल, DGCA ने जांच शुरू की
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 में उड़ान के दौरान अचानक ऊँचाई में बदलाव आने की घटना में 13 यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल हो गए। एयरलाइन ने 4 अगस्त को एक विस्तृत बयान जारी करते हुए बताया कि घटना के बाद विमान ने सामान्य रूप से उड़ान जारी रखी और सुबह 11:07 बजे IST सुरक्षित रूप से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड किया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
एयरबस A320neo विमान में उस समय 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए विमान की ऊँचाई में अचानक बदलाव आया, जिससे केबिन में अफरातफरी मच गई। घायल यात्रियों और क्रू सदस्यों को चिकित्सकीय जाँच और उपचार के लिए तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, मंगलवार शाम 6:50 बजे IST तक 5 यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि शेष घायल यात्रियों और क्रू सदस्यों का इलाज जारी रहा।
एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा तथा कुशलक्षेम उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयर इंडिया की टीमें अस्पतालों में मौजूद हैं और प्रभावित यात्रियों तथा उनके परिजनों के लगातार संपर्क में हैं।
एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थापित सुरक्षा और नियामकीय प्रक्रियाओं के तहत संबंधित नियामक एजेंसियों को घटना की जानकारी दे दी गई है। विमान निर्माता कंपनी को भी इस घटना से अवगत कराया गया है और एयरलाइन जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
DGCA की जांच और तकनीकी कदम
घटना के बाद विमान को हैंगर में भेज दिया गया है। जांच के लिए फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को सुरक्षित कर लिया गया है। DGCA ने इस घटना की विस्तृत जांच शुरू करने की घोषणा की थी और यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ऊँचाई में अचानक बदलाव क्यों आया।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विमानन सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएँ बढ़ रही हैं और भारत में भी हवाई यातायात तेज़ी से बढ़ा है।
आम यात्रियों पर असर
इस घटना ने हवाई यात्रियों के बीच टर्बुलेंस की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ान के दौरान सीट बेल्ट बाँधे रखना ऐसी घटनाओं में चोटों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। एयर इंडिया ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
आगे क्या होगा
DGCA की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि घटना के लिए मौसम संबंधी कारण जिम्मेदार थे या कोई तकनीकी खामी। FDR और CVR के डेटा का विश्लेषण जांच की दिशा तय करेगा। एयर इंडिया ने संकेत दिया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।