एयर इंडिया पायलट ड्रग टेस्ट पॉजिटिव: फुकेत-दिल्ली उड़ान में 300 फीट की गिरावट, सीईओ कैंपबेल विल्सन से पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की जाँच के बीच एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान AI2379 के मुख्य पायलट का 11 अगस्त 2026 को कराया गया पुष्टिकारक ड्रग टेस्ट गैर-नकारात्मक (non-negative) आया है, जो मादक पदार्थ के सेवन की संभावित पुष्टि करता है। 4 अगस्त को हुई इस घटना में A320 नियो विमान की ऊँचाई अचानक करीब 300 फीट कम हो गई थी, जिससे कई यात्री और केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए थे।
घटना का विवरण
4 अगस्त 2026 को एयर इंडिया का A320 नियो विमान फुकेत से नई दिल्ली के लिए उड़ान संख्या AI2379 के रूप में संचालित हो रहा था। उड़ान के दौरान विमान को तीव्र टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उसकी ऊँचाई अचानक करीब 300 फीट कम हो गई। इसके बाद चालक दल ने विमान को स्थिर किया और वह दिल्ली में सुरक्षित उतर गया। हालाँकि, इस दौरान कई यात्री और केबिन क्रू के सदस्य घायल हो गए।
ड्रग टेस्ट और जाँच की स्थिति
घटना के बाद मुख्य पायलट का प्रारंभिक ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, 11 अगस्त को किए गए पुष्टिकारक (confirmatory) ड्रग टेस्ट का परिणाम भी गैर-नकारात्मक रहा। DGCA ने जाँच पूरी होने तक उड़ान के पूरे चालक दल को ड्यूटी रोस्टर से पहले ही हटा दिया था। विमानन उद्योग के प्रतिनिधियों ने सावधान करते हुए कहा है कि शुरुआती गैर-नकारात्मक स्क्रीनिंग परिणाम के आधार पर अकेले कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
सरकार की प्रतिक्रिया और उच्चस्तरीय बैठक
सूत्रों के अनुसार, नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन के साथ बैठक की। इस बैठक में नागर विमानन महानिदेशक वीर विक्रम यादव और विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) के महानिदेशक जी.वी.जी. युगंधर भी उपस्थित थे। नागर विमानन मंत्रालय ने 4 अगस्त की घटना के बारे में विस्तृत जानकारी लेने के लिए एयरलाइन के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया था।
टाटा संस की भूमिका
टाटा संस के चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार और पूर्व नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला तथा एयर इंडिया के फ्लाइट सेफ्टी प्रमुख दीपक जोशी भी इस बैठक में शामिल हुए। खरोला वर्तमान में टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के एग्जीक्यूटिव एडवाइजर के रूप में कार्यरत हैं। यह ऐसे समय में आया है जब एयर इंडिया टाटा समूह के अधीन अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या होगा
DGCA और AAIB की जाँच जारी है। पुष्टिकारक ड्रग टेस्ट के गैर-नकारात्मक परिणाम के बाद पायलट के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में पायलट फिटनेस और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर नए सिरे से बहस को जन्म दे सकती है।