17 अगस्त 2026
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एयर इंडिया के दो और पायलट ड्रग टेस्ट में फेल, फुकेत-दिल्ली हादसे के बाद 300 से ज़्यादा की स्क्रीनिंग

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एयर इंडिया के दो और पायलट ड्रग टेस्ट में फेल, फुकेत-दिल्ली हादसे के बाद 300 से ज़्यादा की स्क्रीनिंग

सारांश

फुकेत-दिल्ली उड़ान में हाइड्रोलिक फेलियर और मुख्य पायलट के ड्रग टेस्ट में फेल होने के बाद एयर इंडिया ने 300 से अधिक पायलटों की स्क्रीनिंग शुरू की। अब दो और पायलट प्रारंभिक जाँच में फेल, दोनों डी-रोस्टर — अंतिम नतीजों का इंतजार।

मुख्य बातें

एयर इंडिया के दो और पायलट प्रारंभिक ड्रग टेस्ट में फेल, दोनों को तत्काल डी-रोस्टर किया गया।
13 अगस्त 2026 से एयरलाइन ने नई SOP के तहत सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग शुरू की।
अब तक 300 से अधिक एयर इंडिया पायलटों की जाँच पूरी हो चुकी है।
फुकेत-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट के शरीर में कथित तौर पर मारिजुआना पाया गया था।
विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने से A320neo लगभग 300 फीट नीचे आ गया था।
ड्रग टेस्ट के अंतिम नतीजे आने में 24 से 48 घंटे लगते हैं; कार्रवाई परिणामों पर निर्भर।

एयर इंडिया के दो और पायलट प्रारंभिक ड्रग टेस्ट में फेल हो गए हैं, जिसके बाद एयरलाइन ने दोनों को तत्काल प्रभाव से डी-रोस्टर (ड्यूटी से बाहर) कर दिया है। यह कार्रवाई फुकेत-दिल्ली उड़ान में हुई गंभीर घटना के बाद शुरू किए गए व्यापक स्क्रीनिंग अभियान के तहत की गई है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, अंतिम ड्रग टेस्ट के नतीजों का अभी इंतजार किया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

13 अगस्त 2026 से एयर इंडिया ने एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत अपने समूह के सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग शुरू की। यह निर्णय विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित पदार्थों की जाँच के लिए लिया गया, ताकि सुरक्षा मानकों को मज़बूत किया जा सके और यात्रियों का भरोसा बहाल हो सके। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 300 से अधिक एयर इंडिया पायलटों की जाँच की जा चुकी है।

फुकेत-दिल्ली उड़ान में क्या हुआ था

इस पूरे विवाद की जड़ फुकेत-दिल्ली रूट पर संचालित एयरबस A320neo से जुड़ी एक गंभीर घटना है। रिपोर्टों के अनुसार, विमान के मुख्य फ्लाइट कंट्रोल प्रणाली पर अचानक नियंत्रण खो गया और वह लगभग 300 फीट नीचे आ गया। शुरुआती रिपोर्ट में इसका कारण टर्बुलेंस बताया गया था, परंतु बाद में विमान के सिस्टम डेटा के विश्लेषण से पता चला कि कई हाइड्रोलिक सिस्टम विफल हो गए थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, हाइड्रोलिक खराबी के कारण कुछ सेकंड के लिए विमान के एलिवेटर, एलिरॉन और स्पॉइलर प्रभावित हुए — ये वे प्रणालियाँ हैं जो विमान की पिच, रोल और लैंडिंग प्रक्रिया को नियंत्रित करती हैं।

मुख्य पायलट पर गंभीर आरोप

उड़ान के मुख्य पायलट के विमान लैंड करने के बाद किए गए दो यूरिन टेस्ट में वे फेल हो गए। कथित तौर पर उनके शरीर में मारिजुआना पाया गया। इसके अलावा, यह भी कहा जा रहा है कि केबिन क्रू के एक सदस्य ने शिकायत की थी कि पायलट ने उड़ान से पहले मारिजुआना का सेवन किया था — हालाँकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी बाकी है।

एयर इंडिया की प्रतिक्रिया

एयरलाइन ने इस घटना के बाद तत्काल कदम उठाते हुए सभी पायलटों के लिए ड्रग स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी। नई SOP के तहत यह परीक्षण विमानन नियमों के अंतर्गत प्रतिबंधित सभी पदार्थों और दवाओं को कवर करता है। गौरतलब है कि ड्रग टेस्ट के अंतिम नतीजे आने में सामान्यतः 24 से 48 घंटे का समय लगता है।

आगे क्या होगा

दोनों नए डी-रोस्टर किए गए पायलटों के अंतिम टेस्ट परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की निगरानी में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में पायलट स्वास्थ्य जाँच प्रोटोकॉल की समीक्षा की माँग को और तेज़ कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नशीले पदार्थों की व्यापक स्क्रीनिंग के लिए कोई नियमित ढाँचा नहीं था — और यह खामी अब सामने आई है। 300 से अधिक पायलटों की एक साथ जाँच का निर्णय सराहनीय है, पर असली सवाल यह है कि क्या यह स्क्रीनिंग एकबारगी संकट-प्रबंधन है या दीर्घकालिक नीति बदलाव की शुरुआत।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया के पायलट ड्रग टेस्ट में फेल क्यों हुए?
फुकेत-दिल्ली उड़ान में हुई गंभीर घटना के बाद एयर इंडिया ने सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग शुरू की, जिसमें दो पायलट प्रारंभिक जाँच में फेल हो गए। अंतिम नतीजों का अभी इंतजार है।
फुकेत-दिल्ली उड़ान में क्या हुआ था?
एयरबस A320neo पर हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने से विमान लगभग 300 फीट नीचे आ गया और एलिवेटर, एलिरॉन व स्पॉइलर कुछ सेकंड के लिए अनियंत्रित हो गए। शुरुआत में इसे टर्बुलेंस बताया गया था, लेकिन सिस्टम डेटा विश्लेषण से हाइड्रोलिक खराबी सामने आई।
डी-रोस्टर किए गए पायलटों का आगे क्या होगा?
अंतिम ड्रग टेस्ट के नतीजे आने के बाद — जिसमें सामान्यतः 24 से 48 घंटे लगते हैं — एयरलाइन आगे की कार्रवाई तय करेगी। DGCA भी इस मामले की निगरानी कर रही है।
एयर इंडिया ने अब तक कितने पायलटों की जाँच की है?
रिपोर्टों के अनुसार, 13 अगस्त 2026 से शुरू हुए स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब तक 300 से अधिक एयर इंडिया पायलटों की ड्रग जाँच की जा चुकी है।
क्या भारत में पायलटों की ड्रग स्क्रीनिंग अनिवार्य है?
DGCA के नियमों के तहत उड़ान-पूर्व ब्रेथलाइज़र टेस्ट अनिवार्य है, लेकिन नशीले पदार्थों की नियमित व्यापक स्क्रीनिंग के लिए कोई स्थायी ढाँचा पहले से मौजूद नहीं था। एयर इंडिया ने इस घटना के बाद नई SOP लागू की है।
राष्ट्र प्रेस
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