एयर इंडिया के दो और पायलट ड्रग टेस्ट में फेल, फुकेत-दिल्ली हादसे के बाद 300 से ज़्यादा की स्क्रीनिंग
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया के दो और पायलट प्रारंभिक ड्रग टेस्ट में फेल हो गए हैं, जिसके बाद एयरलाइन ने दोनों को तत्काल प्रभाव से डी-रोस्टर (ड्यूटी से बाहर) कर दिया है। यह कार्रवाई फुकेत-दिल्ली उड़ान में हुई गंभीर घटना के बाद शुरू किए गए व्यापक स्क्रीनिंग अभियान के तहत की गई है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, अंतिम ड्रग टेस्ट के नतीजों का अभी इंतजार किया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
13 अगस्त 2026 से एयर इंडिया ने एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत अपने समूह के सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग शुरू की। यह निर्णय विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित पदार्थों की जाँच के लिए लिया गया, ताकि सुरक्षा मानकों को मज़बूत किया जा सके और यात्रियों का भरोसा बहाल हो सके। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 300 से अधिक एयर इंडिया पायलटों की जाँच की जा चुकी है।
फुकेत-दिल्ली उड़ान में क्या हुआ था
इस पूरे विवाद की जड़ फुकेत-दिल्ली रूट पर संचालित एयरबस A320neo से जुड़ी एक गंभीर घटना है। रिपोर्टों के अनुसार, विमान के मुख्य फ्लाइट कंट्रोल प्रणाली पर अचानक नियंत्रण खो गया और वह लगभग 300 फीट नीचे आ गया। शुरुआती रिपोर्ट में इसका कारण टर्बुलेंस बताया गया था, परंतु बाद में विमान के सिस्टम डेटा के विश्लेषण से पता चला कि कई हाइड्रोलिक सिस्टम विफल हो गए थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, हाइड्रोलिक खराबी के कारण कुछ सेकंड के लिए विमान के एलिवेटर, एलिरॉन और स्पॉइलर प्रभावित हुए — ये वे प्रणालियाँ हैं जो विमान की पिच, रोल और लैंडिंग प्रक्रिया को नियंत्रित करती हैं।
मुख्य पायलट पर गंभीर आरोप
उड़ान के मुख्य पायलट के विमान लैंड करने के बाद किए गए दो यूरिन टेस्ट में वे फेल हो गए। कथित तौर पर उनके शरीर में मारिजुआना पाया गया। इसके अलावा, यह भी कहा जा रहा है कि केबिन क्रू के एक सदस्य ने शिकायत की थी कि पायलट ने उड़ान से पहले मारिजुआना का सेवन किया था — हालाँकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी बाकी है।
एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
एयरलाइन ने इस घटना के बाद तत्काल कदम उठाते हुए सभी पायलटों के लिए ड्रग स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी। नई SOP के तहत यह परीक्षण विमानन नियमों के अंतर्गत प्रतिबंधित सभी पदार्थों और दवाओं को कवर करता है। गौरतलब है कि ड्रग टेस्ट के अंतिम नतीजे आने में सामान्यतः 24 से 48 घंटे का समय लगता है।
आगे क्या होगा
दोनों नए डी-रोस्टर किए गए पायलटों के अंतिम टेस्ट परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की निगरानी में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में पायलट स्वास्थ्य जाँच प्रोटोकॉल की समीक्षा की माँग को और तेज़ कर सकती है।