पंजाब में मतदाता सूची SIR का 99.21% काम पूरा, CEO अनिंदिता मित्रा ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है। 1 अक्टूबर 2026 को राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि पंजाब में अब तक 99.21 प्रतिशत SIR कार्य सम्पन्न हो चुका है। यह उपलब्धि राज्य की चुनाव मशीनरी की सक्रियता और समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
किन जिलों में पूरी हुई प्रक्रिया
CEO मित्रा के अनुसार राज्य के आठ जिलों — मोगा, शहीद भगत सिंह नगर (SBS नगर), मानसा, तरनतारन, फरीदकोट, संगरूर, पटियाला और मलेरकोटला — में SIR की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, पंजाब की कुल 117 विधानसभा सीटों में से 55 विधानसभा क्षेत्रों में भी यह कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
बीएलओ की भूमिका और मतदाताओं को राहत
बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन मतदाताओं से सीधे संपर्क करें, जिन्हें नोटिस जारी हुए हैं अथवा जिनकी सुनवाई या दस्तावेज़ जमा करने की प्रक्रिया अभी लंबित है। अब इन मतदाताओं को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के कार्यालय में आने की आवश्यकता नहीं होगी — BLO स्वयं उनके पास जाकर ज़रूरी दस्तावेज़ एकत्र करेंगे।
CEO अनिंदिता मित्रा ने स्पष्ट किया, 'इस व्यवस्था से मतदाताओं को व्यक्तिगत सुनवाई और ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने के लिए ERO के कार्यालयों में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।'
विशेष शिविर और हेल्प डेस्क की व्यवस्था
जिन स्थानों पर SIR से संबंधित कुछ कार्य अभी शेष है, वहाँ आने वाले सप्ताहांत में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही राज्यभर में जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और ERO के कार्यालयों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहाँ मतदाता अपने सवालों और समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। गौरतलब है कि यह पहल मतदाता सूची को अधिकतम सटीक और समावेशी बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
CEO की मतदाताओं से अपील
मित्रा ने राज्य के सभी मतदाताओं से BLO एवं अन्य निर्वाचन अधिकारियों को पूरा सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहाँ आवश्यक हो, वहाँ समय पर आवश्यक दस्तावेज़ और जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि SIR की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जा सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय पूरी चुनाव मशीनरी के साथ समन्वय बनाए हुए है, ताकि यह पुनरीक्षण प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध रहे।
शेष बचे 0.79 प्रतिशत कार्य को भी शीघ्र पूरा किए जाने की उम्मीद है, और इसके साथ ही पंजाब की अद्यतन मतदाता सूची तैयार होने की राह खुलेगी।