झारखंड कांग्रेस ने चुनाव आयोग से माँगा SIR की समयसीमा में 15 दिन का विस्तार, रांची में मात्र 4.14% डिजिटाइजेशन
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड प्रदेश कांग्रेस (INC) ने 10 जुलाई 2026 को चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 29 जुलाई से बढ़ाकर 13 अगस्त करने की माँग की है। पार्टी का तर्क है कि बड़े शहरी विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटाइजेशन की अत्यंत धीमी रफ्तार के चलते बड़ी संख्या में पात्र मतदाता सूची से वंचित रह सकते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यह ज्ञापन कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, रांची के माध्यम से सौंपा गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की अनुपस्थिति में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार को ज्ञापन दिया गया। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस महासचिव सूर्यकांत शुक्ला, प्रदेश महासचिव एवं मीडिया विभाग संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव तथा सोशल मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष संजय कुमार शामिल थे।
डिजिटाइजेशन की स्थिति: आँकड़े चिंताजनक
कांग्रेस नेताओं के दावे के अनुसार, 30 जून से 29 जुलाई तक चल रहे SIR अभियान में प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता फॉर्म डिजिटाइजेशन की प्रगति अत्यंत निराशाजनक है। पार्टी के अनुसार अब तक रांची विधानसभा क्षेत्र में केवल 4.14%, हटिया में 8.48%, धनबाद में 4.78%, झरिया में 5.96% और बोकारो में 11.56% मतदाताओं का ही डिजिटाइजेशन हो सका है।
गौरतलब है कि ये सभी क्षेत्र घनी आबादी वाले शहरी विधानसभा क्षेत्र हैं, जहाँ मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। ऐसे में सीमित समयसीमा में शत-प्रतिशत पंजीकरण की चुनौती और भी बड़ी हो जाती है।
कांग्रेस की माँग और तर्क
पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि वर्तमान समयसीमा में ही प्रक्रिया समाप्त कर दी गई तो अनेक पात्र मतदाता अपना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कर पाएँगे और मतदाता सूची से वंचित रह सकते हैं। कांग्रेस ने 15 अतिरिक्त दिनों के विस्तार को निष्पक्ष एवं व्यापक मतदाता सूची तैयार करने के लिए अनिवार्य बताया है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं। SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिमुक्त बनाना है, ताकि कोई पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे। यदि समयसीमा नहीं बढ़ाई गई, तो शहरी क्षेत्रों के लाखों पात्र मतदाता — विशेषकर किराएदार, प्रवासी कामगार और नए मतदाता — सूची से बाहर रह सकते हैं।
क्या होगा आगे
चुनाव आयोग ने अभी तक इस माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। कांग्रेस के अनुसार, 13 अगस्त तक समयसीमा बढ़ाने से शेष बचे पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह ज्ञापन राज्य स्तर पर भेजा गया है और पार्टी आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय चुनाव आयोग तक भी अपनी बात पहुँचाने का इरादा रखती है।