चुनाव आयोग का एसआईआर फेज 3: 16 राज्यों व 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान शुरू
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 21 मई 2026 को विशेष गहन पुनरावृत्ति (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत की, जिसके तहत 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अधिक सटीक, शुद्ध और अद्यतन बनाने का व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य फर्जी नामों को हटाना, नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना और आगामी चुनावों के लिए एक विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करना है।
अभियान की प्रमुख प्रक्रियाएँ
इस अभियान में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मतदान केंद्रों का युक्तिकरण, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन, दावे-आपत्तियों की सुनवाई और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भी इस प्रक्रिया के अभिन्न अंग हैं। आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ अभियान पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
नागालैंड और त्रिपुरा की समय-सारणी
नागालैंड और त्रिपुरा दोनों में अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। नागालैंड में तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग का कार्य 5 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक चलेगा, जबकि BLO द्वारा घर-घर सर्वेक्षण 16 अगस्त से 14 सितंबर 2026 तक होगा। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 20 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी और दावे-आपत्तियाँ 20 सितंबर से 20 अक्टूबर 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी। अंतिम मतदाता सूची 22 नवंबर 2026 को जारी होगी।
त्रिपुरा में यह प्रक्रिया कुछ बाद में शुरू होगी — तैयारी व प्रशिक्षण 5 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक, BLO सर्वेक्षण 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 21 अक्टूबर 2026 को और अंतिम मतदाता सूची 23 दिसंबर 2026 को जारी होगी।
अन्य राज्यों की अर्हता तिथियाँ
ओडिशा, मिज़ोरम, सिक्किम और मणिपुर में अर्हता तिथि 1 जुलाई 2026 रखी गई है। दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी जुलाई 2026 से प्रक्रिया आरंभ होगी। वहीं तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।
आयोग का उद्देश्य और महत्व
निर्वाचन आयोग का मानना है कि इस विशेष अभियान से मतदाता सूची की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और लोकतंत्र की आधारशिला और मज़बूत होगी। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की संभावना को देखते हुए एक त्रुटिरहित मतदाता सूची की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। गौरतलब है कि पिछले SIR चरणों में भी लाखों फर्जी और दोहरी प्रविष्टियाँ हटाई गई थीं। SIR फेज 3 के पूरा होने के बाद इन सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अद्यतन अंतिम मतदाता सूचियाँ जारी की जाएंगी।