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चुनाव आयोग सचिव बिनोद कुमार ने आइजोल में SIR तैयारियों की समीक्षा की, पारदर्शी मतदाता सूचियों पर बल

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चुनाव आयोग सचिव बिनोद कुमार ने आइजोल में SIR तैयारियों की समीक्षा की, पारदर्शी मतदाता सूचियों पर बल

सारांश

भारतीय चुनाव आयोग के सचिव बिनोद कुमार ने आइजोल में SIR तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को पाँच दिनों में गणना प्रपत्र वितरित करने के निर्देश दिए। 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे इस राष्ट्रव्यापी अभियान में सात पूर्वोत्तर राज्य भी शामिल हैं।

मुख्य बातें

ECI सचिव बिनोद कुमार ने 26 मई 2026 को आइजोल में SIR तैयारियों की समीक्षा बैठक की।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गणना प्रपत्र पाँच दिनों के भीतर वितरित किए जाएँ।
आइजोल जिले में 12 विधानसभा क्षेत्र और 324 मतदान केंद्र SIR के दायरे में हैं।
ECI ने 14 मई को 16 राज्यों व 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध SIR की घोषणा की थी।
पूर्वोत्तर के 7 राज्य — मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा — इस अभियान में शामिल; असम पहले ही प्रक्रिया पूरी कर चुका है।

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के सचिव बिनोद कुमार ने मंगलवार, 26 मई 2026 को आइजोल में विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि देशभर में स्वच्छ, सटीक एवं पारदर्शी मतदाता सूचियाँ सुनिश्चित करना इस अभियान का केंद्रीय उद्देश्य है। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का चरणबद्ध कार्यक्रम पहले से प्रगति पर है।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

बिनोद कुमार ने आइजोल के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) लालहरियातपुइया, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO), सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। चुनाव आयोग के अनुभाग अधिकारी विजय गुप्ता भी इस बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी लालहरियातपुइया ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से आइजोल जिले की SIR तैयारियों और अब तक की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। आइजोल जिले में वर्तमान में 12 विधानसभा क्षेत्र और 324 मतदान केंद्र हैं।

मुख्य निर्देश और दिशानिर्देश

बिनोद कुमार ने ERO और BLO से आग्रह किया कि वे SIR से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को भली-भाँति समझें तथा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गणना प्रपत्र पाँच दिनों के भीतर वितरित कर दिए जाएँ।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बैठक का उद्देश्य केवल प्रगति की समीक्षा करना नहीं था, बल्कि अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करना और जहाँ आवश्यक हो, मार्गदर्शन प्रदान करना भी था। बैठक के बाद बिनोद कुमार ने सरकारी मिडिल स्कूल, जेमाबॉक वेस्ट स्थित मतदान केंद्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

SIR अभियान का राष्ट्रीय संदर्भ

चुनाव आयोग ने 14 मई को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के चरणबद्ध संचालन की घोषणा की थी। आयोग के अनुसार SIR का चरण-III कार्यक्रम एक बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों की सटीकता, समावेशिता और पारदर्शिता को बढ़ाना है।

गौरतलब है कि इन 16 राज्यों में आठ पूर्वोत्तर राज्यों में से सात राज्य शामिल हैं — मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड और त्रिपुराअसम ने 'विशेष पुनरीक्षण' का कार्य पहले ही पूरा कर लिया है और ECI ने 10 फरवरी को असम के सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूचियाँ प्रकाशित कर दी थीं।

पूर्वोत्तर में SIR की स्थिति

14 मई की ECI घोषणा के बाद से सात पूर्वोत्तर राज्यों ने SIR की तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। मिजोरम में आइजोल की यह समीक्षा बैठक उसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अपात्र नाम सूची में न जुड़े।

आने वाले हफ्तों में जिला स्तर पर BLO द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन और गणना प्रपत्रों का वितरण इस अभियान की अगली कड़ी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

3 केंद्र शासित प्रदेश, और पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान — यह संकेत देती है कि चुनाव आयोग आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर है। हालाँकि, BLO-स्तर पर क्षमता और सुदूर क्षेत्रों में पहुँच की चुनौतियाँ पूर्वोत्तर में पहले भी बाधा बनती रही हैं। असली परीक्षा यह होगी कि पाँच दिनों में गणना प्रपत्र वितरण का निर्देश ज़मीन पर कितनी तेज़ी से अमल में आता है, क्योंकि पहाड़ी और दूरदराज़ के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स हमेशा चुनौतीपूर्ण रहे हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान क्या है?
SIR यानी विशेष गहन संशोधन एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसके तहत भारतीय चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को सटीक, समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए घर-घर सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया चलाता है। ECI ने 14 मई 2026 को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में इसके चरण-III की घोषणा की थी।
आइजोल में SIR समीक्षा बैठक का उद्देश्य क्या था?
ECI सचिव बिनोद कुमार ने 26 मई को आइजोल में यह बैठक SIR की तैयारियों की प्रगति जाँचने, अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करने और ज़रूरी मार्गदर्शन देने के लिए बुलाई। बैठक में DEO, ERO, BLO सहित जिले के प्रमुख निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए।
पूर्वोत्तर के कौन-से राज्य SIR अभियान में शामिल हैं?
पूर्वोत्तर के सात राज्य — मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा — इस SIR अभियान में शामिल हैं। असम इस सूची में नहीं है क्योंकि उसने 'विशेष पुनरीक्षण' पहले ही पूरा कर लिया है और ECI ने 10 फरवरी को उसकी अंतिम मतदाता सूचियाँ प्रकाशित कर दी थीं।
BLO और ERO की SIR में क्या भूमिका है?
बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं और गणना प्रपत्र वितरित करते हैं, जबकि निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) नए पंजीकरण और संशोधन अनुरोधों की जाँच कर सूचियाँ अद्यतन करते हैं। ECI सचिव ने इन्हें पाँच दिनों के भीतर गणना प्रपत्र वितरित करने का निर्देश दिया है।
SIR अभियान से आम मतदाताओं को क्या फायदा होगा?
इस अभियान से पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जुड़ेगा और अपात्र या दोहरे नाम हटाए जाएँगे, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनेगी। विशेष रूप से पूर्वोत्तर के दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं को इस घर-घर सत्यापन प्रक्रिया से सीधा लाभ मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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