क्या एसआईआर फेज दो के तहत 12 राज्यों में 99.78 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित हुए?
सारांश
Key Takeaways
- 99.78 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं।
- डिजिटलीकरण दर 90.14 प्रतिशत हो गई है।
- गोवा और लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत वितरण हुआ है।
- उत्तर प्रदेश में 99.83 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं।
- चुनाव आयोग ने बूथ स्तरीय एजेंटों की नियुक्ति का आग्रह किया है।
नई दिल्ली, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के तहत देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गणना प्रपत्र वितरण का कार्य जारी है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को एसआईआर के दूसरे चरण में उल्लेखनीय प्रगति की जानकारी साझा की।
ईसीआई ने बताया कि अब तक 99.78 प्रतिशत गणना प्रपत्र (ईएफ) पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
4 नवंबर से 11 दिसंबर तक चलने वाले इस चरण के दौरान पात्र 50.97 करोड़ मतदाताओं में से कुल 50.85 करोड़ ईएफ वितरित किए गए हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में ईएफ के डिजिटलीकरण में भी तेजी आई है। इस प्रक्रिया में अब तक 45.94 करोड़ फॉर्म का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जिससे कुल डिजिटलीकरण दर 90.14 प्रतिशत हो गई है।
गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया है, इसके बाद अंडमान और निकोबार में 99.99 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.93 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.92 प्रतिशत, राजस्थान में 99.93 प्रतिशत और गुजरात में 99.86 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं।
मतदाताओं की संख्या के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश ने 15.41 करोड़ से अधिक मतदाताओं के लिए 99.83 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए हैं।
केरल में 98.96 प्रतिशत, तमिलनाडु में 99.45 प्रतिशत और पुडुचेरी में 99.65 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में 99.92 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। चुनाव आयोग के एक बयान में कहा गया है कि राज्य में 97.34 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।
चुनाव आयोग ने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सत्यापन और डिजिटलीकरण में तेजी लाने के लिए अधिक बूथ स्तरीय एजेंट नियुक्त करने का आग्रह किया गया है।
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि राजस्थान के आंकड़ों में अंता विधानसभा क्षेत्र शामिल नहीं है, जहां उपचुनाव के कारण संशोधन स्थगित कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने कहा कि जैसे-जैसे संशोधन प्रक्रिया 11 दिसंबर की समय-सीमा की ओर बढ़ेगी, वह निर्धारित बुलेटिन जारी करना जारी रखेगा।