10 अगस्त 2026
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महाराष्ट्र के किसान-युवा मुद्दे लेकर NCP (SP) के 8 सांसद PM मोदी से मिले, कर्ज माफी और सूखे पर जोर

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महाराष्ट्र के किसान-युवा मुद्दे लेकर NCP (SP) के 8 सांसद PM मोदी से मिले, कर्ज माफी और सूखे पर जोर

सारांश

राजनीतिक मतभेदों को परे रखते हुए NCP (SP) के 8 सांसदों ने PM मोदी से सीधे संवाद किया — एजेंडे में महाराष्ट्र के किसानों की आत्महत्या, लंबित फसल बीमा, मराठवाड़ा-सोलापुर का सूखा और युवा बेरोजगारी। विपक्ष का यह कदम जनहित को राजनीति से ऊपर रखने का संदेश देता है।

मुख्य बातें

NCP (SP) की सांसद सुप्रिया सुले सहित सभी 8 सांसदों ने 10 अगस्त को PM नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की।
बैठक में किसान आत्महत्या , कर्ज माफी , सूखा और युवा बेरोजगारी के मुद्दे केंद्र में रहे।
सांसद बजरंग सोनवणे ने बताया कि मराठवाड़ा और सोलापुर में इस बार वर्षा बेहद कम है और किसान संकट में हैं।
पिछले वर्ष की फसल बीमा राशि और सरकारी राहत पैकेज अभी तक किसानों को नहीं मिले।
सांसद निलेश लंके ने कहा — 'राजनीति से महत्वपूर्ण हमारे लिए किसान और युवा हैं।'

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) [NCP (SP)] की सांसद सुप्रिया सुले सहित पार्टी के सभी आठ सांसद सोमवार, 10 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। इस बैठक में महाराष्ट्र के किसानों की आत्महत्या, कर्ज माफी, सूखा, लंबित फसल बीमा और युवा बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दे केंद्र में रहे।

बैठक का एजेंडा

NCP (SP) सांसद निलेश ज्ञानेश्वर लंके ने बैठक से पहले कहा, 'आज हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल रहे हैं। हमारी पार्टी किसानों के लिए काम करती है। हमारे नेता शरद पवार हर समय किसान कल्याण के लिए प्रयासरत रहे हैं। किसानों से जुड़े कई सवाल हैं जिन्हें हम प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे।' उन्होंने किसानों की आत्महत्या और कर्ज माफी को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

लंके ने युवा बेरोजगारी को भी उतना ही अहम बताते हुए कहा, 'जो युवक हमारे देश का भविष्य हैं, वो बेरोजगार हैं। उनके अनेक प्रश्न हैं। वो प्रश्न लेकर भी हम आज पीएम मोदी से मिलेंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के लिए राजनीति से ऊपर किसान और युवा हैं।

मराठवाड़ा और सोलापुर में गहरा संकट

NCP (SP) सांसद बजरंग सोनवणे ने बताया कि मराठवाड़ा और सोलापुर जिले समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस बार वर्षा बेहद कम हुई है, जिससे किसान गहरी चिंता में हैं। उन्होंने कहा, 'इस बार पानी बहुत कम है। इसी वजह से किसान बहुत चिंता में हैं।'

सोनवणे ने दो और गंभीर मुद्दे उठाए — पिछले वर्ष की फसल बीमा राशि अभी तक किसानों को नहीं मिली है, और अत्यधिक वर्षा से हुए नुकसान के लिए सरकार द्वारा घोषित राहत पैकेज भी किसानों तक नहीं पहुँचा। उन्होंने बताया कि इन तीन बड़े मुद्दों के अलावा अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों के स्थानीय सवाल भी प्रधानमंत्री के सामने रखे गए।

सांसदों की प्राथमिकता: राजनीति नहीं, जनहित

निलेश लंके ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा, 'राजनीति से महत्वपूर्ण हमारे लिए किसान और युवा हैं। राजनीति चलती रहती है, लेकिन हमारे किसान और युवा बचने चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में NCP (SP) विपक्ष में है और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन से उसके तीखे मतभेद बने हुए हैं।

NCP (SP) सांसद सुरेश म्हात्रे ने कहा, 'हम अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में होने वाले सभी महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर आज पीएम नरेंद्र मोदी से मिले, ताकि वो सब काम सुगमता से सम्पन्न कराए जा सकें।'

पृष्ठभूमि: महाराष्ट्र में किसान संकट

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या की दर लगातार चिंताजनक बनी हुई है, विशेषकर विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में। फसल बीमा योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और राहत राशि वितरण की खामियाँ पहले भी संसद में उठाई जा चुकी हैं। यह बैठक इस लिहाज से अहम है कि विपक्षी दल ने सत्तापक्ष के प्रधानमंत्री से सीधे संवाद का रास्ता चुना।

आगे क्या

बैठक के बाद सांसदों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्रधानमंत्री कार्यालय का रुख स्पष्ट होना बाकी है। यदि केंद्र सरकार किसान राहत पैकेज या कर्ज माफी पर कोई ठोस आश्वासन देती है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह बैठक नीतिगत बदलाव लाएगी या महज़ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी। महाराष्ट्र में किसान आत्महत्याओं और फसल बीमा की विफलताओं की शिकायतें नई नहीं हैं — ये मुद्दे वर्षों से संसद में उठते रहे हैं, फिर भी ज़मीन पर हालात नहीं बदले। लंबित राहत पैकेज और अवितरित बीमा राशि यह दर्शाती है कि नीति और क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई। बिना जवाबदेही तंत्र के इस तरह की बैठकें किसानों को राहत कम और राजनीतिक संदेश अधिक देती हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCP (SP) के सांसदों ने PM मोदी से किन मुद्दों पर बात की?
10 अगस्त को हुई इस बैठक में महाराष्ट्र के किसानों की आत्महत्या, कर्ज माफी, मराठवाड़ा-सोलापुर में सूखा, लंबित फसल बीमा राशि और युवा बेरोजगारी के मुद्दे उठाए गए। इसके अलावा विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों के स्थानीय विकास कार्य भी एजेंडे में शामिल थे।
सुप्रिया सुले और NCP (SP) के कितने सांसद PM मोदी से मिले?
सांसद सुप्रिया सुले सहित NCP (SP) के कुल 8 सांसद 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। इनमें निलेश ज्ञानेश्वर लंके, बजरंग सोनवणे और सुरेश म्हात्रे भी शामिल थे।
महाराष्ट्र में किसानों को फसल बीमा क्यों नहीं मिला?
NCP (SP) सांसद बजरंग सोनवणे के अनुसार, पिछले वर्ष अत्यधिक वर्षा से हुए नुकसान के लिए सरकार ने राहत पैकेज घोषित किया था, लेकिन वह किसानों तक नहीं पहुँचा। फसल बीमा राशि भी अभी तक वितरित नहीं हुई है, जो किसानों की परेशानी का बड़ा कारण है।
मराठवाड़ा और सोलापुर में इस बार क्या स्थिति है?
सांसद बजरंग सोनवणे ने बताया कि इस बार मराठवाड़ा क्षेत्र और सोलापुर जिले में वर्षा बेहद कम हुई है, जिससे सूखे जैसे हालात बन रहे हैं और किसान गहरी चिंता में हैं। यह स्थिति पहले से ही कर्ज और आत्महत्या के संकट से जूझ रहे किसानों के लिए और कठिन हो गई है।
NCP (SP) ने विपक्ष में रहते हुए PM मोदी से मुलाकात क्यों की?
सांसद निलेश लंके ने स्पष्ट किया कि पार्टी के लिए राजनीति से ऊपर किसान और युवा हैं। विपक्षी दल ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि महाराष्ट्र के ज्वलंत मुद्दे सीधे प्रधानमंत्री तक पहुँचाए जा सकें और राज्य के विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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