महाराष्ट्र सूखा संकट: कांग्रेस ने की केंद्र से तत्काल मदद की माँग, 'जानवरों को भी नहीं मिलेगा पानी'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय सचिव रामकृष्ण ओझा ने 22 सितंबर 2026 को नागपुर में महाराष्ट्र में गहराते सूखे संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से किसानों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की माँग की। ओझा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में पशुओं के लिए भी पेयजल उपलब्ध नहीं रह सकता। यह स्थिति उस वक्त और चिंताजनक हो जाती है जब महाराष्ट्र के कई जिलों में खरीफ फसलें पहले से ही संकट में हैं।
सूखे की स्थिति और किसानों पर असर
ओझा ने कहा, 'अभी महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात हैं और सूखे की वजह से स्थिति बहुत खराब हो गई है। चारे की कमी है, किसान अपनी फसलों को लेकर बहुत परेशान हैं। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में जानवरों को भी पीने के लिए पानी नहीं मिलेगा। यह एक बहुत गंभीर समस्या है।' उनके अनुसार, फसलों की बर्बादी और चारे की कमी मिलकर ग्रामीण महाराष्ट्र के सामने दोहरी मार बन चुकी हैं।
किसान ऋण माफी और आत्महत्या का मुद्दा
ओझा ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में किसानों की ऋण माफी की गई थी, लेकिन उसके बाद कोई बड़ी राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पुराने कर्ज के बोझ तले दबे किसान आज भी आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह तत्काल प्रभाव से बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता जारी करे।
कांग्रेस सांसदों की PM मोदी से मुलाकात की योजना
ओझा ने बताया कि महाराष्ट्र में कांग्रेस के सर्वाधिक सांसद हैं और वे सभी किसानों की समस्याओं को लेकर चिंतित हैं। शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस संकट की वास्तविकता से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लाखों लोगों का सवाल है और इसमें किसी भी तरह का राजनीतिकरण उचित नहीं है। राज्य सरकार को गाँव-गाँव तक पहुँचकर किसानों को आर्थिक मदद देनी चाहिए। ओझा ने यह भी सुझाया कि जन्मदिन के उपलक्ष्य में दीप प्रज्ज्वलन पर खर्च होने वाली राशि के बजाय वे संसाधन सीधे किसानों की सहायता पर लगाए जाएँ।
महाराष्ट्र सरकार की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात की योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री से मिलना चाहिए और उन्हें हमारी स्थिति की असलियत बतानी चाहिए। असलियत बताने में कोई दिक्कत नहीं है और केंद्र सरकार मदद भी करती है, क्योंकि केंद्र सरकार ने सूखे के समय पहले भी मदद दी है। इसलिए निश्चित रूप से, जब सभी सांसद उनसे मिलेंगे, तो प्रधानमंत्री मोदी से सकारात्मक प्रतिक्रिया जरूर मिलेगी।' यह बयान महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर दुर्लभ सहमति का संकेत देता है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर महाराष्ट्र की सूखे की स्थिति और किसान राहत के लिए केंद्रीय सहायता की माँग रखेगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में किसान आत्महत्याओं का सिलसिला वर्षों से जारी है और प्रत्येक सूखे के मौसम में यह संकट और गहरा जाता है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर अब राहत उपायों को जमीन पर उतारने का दबाव बढ़ता जा रहा है।