महाराष्ट्र सूखा 2026: 304 तहसीलों में सहकारी संस्थाओं के चुनाव स्थगित, 1.50 करोड़ किसानों को ₹5,000 अग्रिम
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन में राज्यव्यापी गंभीर सूखे की स्थिति के मद्देनज़र 304 सूखा-प्रभावित तहसीलों में सभी पात्र सहकारी समितियों के चुनाव तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिए हैं। सहयोग विभाग ने मंगलवार देर रात सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी कर यह निर्णय सार्वजनिक किया, जिससे राज्य के लाखों किसान सदस्यों और सहकारी संस्थाओं पर सीधा असर पड़ेगा।
सूखे की स्थिति और प्रभावित क्षेत्र
सूखा प्रबंधन संहिता 2016 के तहत मूल्यांकन और कृषि आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर शुरुआत में 265 तहसीलों में ट्रिगर-1 की स्थिति दर्ज की गई थी। इसके बाद ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2 के संयुक्त आकलन के आँकड़ों ने यह संख्या बढ़ाकर 304 तहसीलों तक पहुँचा दी। यह स्थिति राज्य के अधिकांश कृषि क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है।
सरकारी प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि गंभीर सूखे के कारण राजस्व, कृषि, पशुपालन, सहयोग, ग्रामीण विकास और जल आपूर्ति विभाग भारी पैमाने पर राहत कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया जारी रखने से महत्वपूर्ण प्रशासनिक कर्मचारी और अधिकारी आवश्यक सूखा-शमन प्रयासों से विमुख हो जाते।
किन संस्थाओं को मिली छूट
सरकारी आदेश के अनुसार प्रभावित जिलों की अधिकांश सहकारी निकायों के चुनाव अगले आदेश तक रोक दिए गए हैं। हालाँकि तीन श्रेणियों को इस रोक से बाहर रखा गया है — पहली, सहकारी हाउसिंग सोसायटियाँ; दूसरी, वे सहकारी समितियाँ जहाँ उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष रूप से चुनाव कराने का आदेश दिया हो; और तीसरी, वे समितियाँ जहाँ इस सरकारी प्रस्ताव की तारीख से पहले ही नामांकन चरण आरंभ हो चुका था।
डीसीसीबी चुनावों पर असर: अहिल्यानगर और सतारा के उदाहरण
सरकारी सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के चुनाव भी प्रभावित हुए हैं। अहिल्यानगर में 21 सीटों में से 11 पहले ही निर्विरोध चुनी जा चुकी थीं, किंतु शेष 10 सीटों के लिए चुनाव छह महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसी प्रकार सतारा डीसीसीबी में 21 में से 9 सीटें पहले ही निर्विरोध तय हो चुकी थीं, और अब 12 सीटों का चुनाव छह महीने के लिए टाल दिया गया है।
किसानों के लिए राहत पैकेज
राज्य सरकार ने 25 सितंबर और 14 अक्टूबर के सरकारी प्रस्तावों के तहत प्रभावित 304 तहसीलों में व्यापक राहत पैकेज पहले से लागू किए हैं। इनमें फसल ऋण पुनर्गठन, कृषि ऋण वसूली का निलंबन, कृषि पंपों के बिजली बिलों में छूट, टैंकरों के ज़रिए पेयजल आपूर्ति, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और रोज़गार गारंटी योजना के अंतर्गत रोज़गार का विस्तार शामिल है।
इसके अतिरिक्त राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को दिवाली से पहले सूखा-प्रभावित जिलों के 1.50 करोड़ किसानों में से प्रत्येक को ₹5,000 अग्रिम सहायता राशि देने की घोषणा की है।
आगे क्या होगा
चुनाव स्थगन 'अगले आदेश तक' प्रभावी रहेगा, जिसका अर्थ है कि सूखे की स्थिति में सुधार और प्रशासनिक क्षमता बहाल होने तक यह रोक जारी रह सकती है। डीसीसीबी जैसे निकायों में आंशिक निर्वाचित बोर्डों की कार्यप्रणाली और शासन पर पड़ने वाले प्रभाव की निगरानी आने वाले हफ्तों में की जाएगी। राज्य सरकार की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब रबी सीजन की बुवाई का समय नज़दीक है और किसानों की वित्तीय स्थिति पहले से दबाव में है।