महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों को ₹5,000 की अग्रिम राहत, राम कदम बोले— यह अंतिम किस्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने 28 अक्टूबर 2026 को सूखे की मार झेल रहे किसानों को ₹5,000 की अग्रिम आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। दीपावली से ठीक पहले लिए गए इस फैसले का उद्देश्य 306 से अधिक तहसीलों में सूखे से जूझ रहे किसान परिवारों को त्योहारी मौसम में राहत पहुँचाना है। सरकार के अनुसार यह पहली किस्त है और आगे भी सहायता जारी रहेगी।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने कैबिनेट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'ऐसे कठिन समय में किसानों के साथ खड़े रहना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने पहले भी किसानों के खातों में ₹5,000 जमा किए थे और अब फिर से यह राशि भेजी जा रही है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सहायता की अंतिम किस्त नहीं है और सरकार आने वाले समय में और भी बड़ी मदद करेगी।
राम कदम ने यह भी कहा कि जो किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं और जिनके घरों पर विभिन्न बैंकों के वसूली एजेंट पहुँच रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी — ऐसे लोगों को 'बख्शा नहीं जाएगा।'
सूखे की व्यापकता
राम कदम के अनुसार, प्रदेश की 306 से अधिक तहसीलें इस समय सूखे की चपेट में हैं। उन्होंने कहा, 'यह प्राकृतिक आपदा का समय है, जिसमें किसान और उनका पूरा परिवार दुखी है। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार दोनों किसानों के साथ मजबूती से खड़ी हैं।' सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
महायुति की प्रतिक्रिया
शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने महायुति गठबंधन की ओर से इस निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा, 'हमारे नेता एकनाथ शिंदे खुद एक किसान हैं और एक साथी के तौर पर वे किसानों के सुख-दुख को अच्छी तरह समझते हैं।' शायना एनसी ने बताया कि दीपावली के अवसर पर हर किसान परिवार को ₹5,000 की सहायता देने की मांग महायुति के नेताओं ने खुद उठाई थी, ताकि वे अपने घरों में खुशी के साथ त्योहार मना सकें।
उन्होंने कहा कि यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन दीपावली जैसे पर्व पर यह किसानों के लिए संबल का काम करेगी। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि कोई भी किसान परिवार त्योहार के समय खुद को अकेला और असहाय महसूस न करे।
आम जनता पर असर
यह सहायता उन लाखों किसान परिवारों के लिए सीधी राहत है जो इस वर्ष अपर्याप्त वर्षा और सूखे के कारण फसल नुकसान से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में दीपावली के आसपास फसल बिक्री का मौसम होता है और सूखे से खरीफ उत्पादन पर असर पड़ने से किसानों की नकदी तंगी बढ़ी है।
क्या होगा आगे
सरकार के अनुसार यह अग्रिम राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। राम कदम के वक्तव्य से संकेत मिलता है कि पंचनामे और फसल नुकसान के आकलन के बाद एक और बड़ी सहायता राशि की घोषणा संभव है। विशेषज्ञों का कहना है कि त्वरित राहत का किसान मनोबल पर सकारात्मक असर पड़ता है, हालाँकि दीर्घकालिक समाधान के लिए सिंचाई अवसंरचना और फसल बीमा दावों के शीघ्र निपटान की दरकार है।