कोसी स्नातक सीट से BJP के एनके यादव की तीसरी जीत, बोले— 'श्रेय मतदाताओं को'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार डॉ. एन. के. यादव ने 28 अक्टूबर 2026 को जीत दर्ज की। लगातार तीसरी बार यह सीट जीतने के बाद यादव ने इस सफलता का पूरा श्रेय स्नातक मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया। पूर्णिया में उनकी जीत एनडीए के लिए इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
यादव ने क्या कहा
डॉ. एन. के. यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'जीत का श्रेय सभी स्नातक मतदाताओं और हमारे कार्यकर्ताओं को जाता है।' उन्होंने अपने शीर्ष नेतृत्व को भी धन्यवाद दिया और कहा कि तीसरी बार उन पर विश्वास जताए जाने पर वे आभारी हैं। यह जीत उनके क्षेत्र में निरंतर जनसमर्थन का प्रमाण मानी जा रही है।
BJP नेतृत्व की प्रतिक्रिया
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर डॉ. यादव को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी डॉ. एन. के. यादव की शानदार विजय पर बधाई एवं शुभकामनाएं और सभी समर्पित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। बिहार BJP ने भी सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट के ज़रिए यादव को 'अनंत शुभकामनाएं' दीं।
पटना स्नातक सीट पर जदयू की जीत
इसी चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए समर्थित जनता दल (यू) के प्रत्याशी नीरज कुमार ने भी जीत हासिल की। बिहार जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नीरज कुमार को बधाई देते हुए इस जीत को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले 20 वर्षों के सुशासन और विकास कार्यों पर जनता के विश्वास का प्रमाण बताया।
क्षेत्रीय राजनीतिक महत्व
कुशवाहा ने अपनी पोस्ट में यह भी रेखांकित किया कि पटना के प्रबुद्ध स्नातक मतदाताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की जोड़ी पर भी विश्वास जताया है। दोनों सीटों पर एनडीए की जीत बिहार में गठबंधन की पकड़ मज़बूत बनाए रखने का संकेत देती है। गौरतलब है कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शिक्षित मतदाताओं के रुझान का पैमाना माने जाते हैं, जिससे इन परिणामों का राजनीतिक वज़न और बढ़ जाता है।
आगे का परिदृश्य
बिहार विधान परिषद की इन दोनों सीटों पर एनडीए की जीत राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए नैतिक बढ़त का काम करेगी। आने वाले महीनों में अन्य परिषद सीटों पर भी नज़र रहेगी, जहाँ विपक्ष अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है।