नागालैंड में मतदाता सूची संशोधन: ECI सचिव बिनोद कुमार ने अधिकारियों को दिया तेजी का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
चुनाव आयोग (ECI) के सचिव बिनोद कुमार ने 21 अगस्त 2026 को नागालैंड के चुनाव अधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में तेज़ी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया, ताकि मानचित्रण प्रतिशत में सुधार हो और मतदाता सूची के आँकड़े सटीक रूप से अद्यतन किए जा सकें। यह निर्देश कोहिमा, चुमौकेदिमा और दीमापुर जिलों के अधिकारियों के साथ की गई एक श्रृंखलाबद्ध समीक्षा बैठकों के बाद आया।
मुख्य घटनाक्रम
गुरुवार से शुरू हुई इन बैठकों में बिनोद कुमार ने तीनों जिलों के चुनाव अधिकारियों के साथ SIR की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। दीमापुर में उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने जनगणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ERO) और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (AERO) से बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) के कार्य की बारीकी से निगरानी करने की अपेक्षा जताई।
जमीनी स्तर पर सत्यापन पर ज़ोर
बिनोद कुमार ने BLO को व्यापक सत्यापन और मानचित्रण करने तथा संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानचित्रण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), ERO, AERO और BLO के बीच बेहतर तालमेल अनिवार्य है। गौरतलब है कि SIR के तहत मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है।
मतदान केंद्रों का दौरा
समीक्षा बैठक के बाद ECI सचिव ने दिमापुर-3 विधानसभा क्षेत्र के दो मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरे का उद्देश्य SIR प्रक्रिया की जमीनी हकीकत और उसके क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष आकलन करना था। चुमौकेदिमा जिले में भी मतदाता सूचियों के चल रहे SIR की प्रगति की अलग से समीक्षा की गई।
समय-सीमा और जागरूकता पर बल
बिनोद कुमार ने अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने और सभी SIR संबंधी गतिविधियाँ तय अवधि के भीतर पूरी करने का आग्रह किया। उन्होंने BLO द्वारा सामना की जा रही चुनौतियों के उचित समाधान का भी आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि मतदाता जागरूकता और प्रासंगिक जानकारी पूरे जिले के नागरिकों तक पहुँचे।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मतदाता सूचियों की सटीकता को लेकर चुनाव आयोग की सक्रियता बढ़ी है। नागालैंड में SIR की सफलता न केवल आगामी चुनावों की विश्वसनीयता के लिए, बल्कि राज्य के हर पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए भी निर्णायक मानी जा रही है।