पीएमओ अधिकारी बनकर नबन्ना में घुसी आकांक्षा विद्यार्थी से हावड़ा पुलिस ने दिल्ली में की पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
हावड़ा सिटी पुलिस की एक विशेष जांच टीम गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पहुंची और उस महिला से पूछताछ की, जिसने कथित तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की अधिकारी बनकर कोलकाता के मंदिरतला स्थित पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में प्रवेश किया था। महिला की पहचान आकांक्षा विद्यार्थी के रूप में हुई है, जो फिलहाल दिल्ली पुलिस की हिरासत में है।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आकांक्षा विद्यार्थी ने बुधवार को पहले से समय लेकर नबन्ना परिसर स्थित राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के दफ्तर में प्रवेश किया। आरोप है कि उसने खुद को पीएमओ की अधिकारी बताते हुए विभाग के अधिकारियों से उनकी कार्यप्रणाली और विभागीय कामकाज से जुड़े कई सवाल पूछे।
गौरतलब है कि नबन्ना पश्चिम बंगाल का सर्वोच्च प्रशासनिक केंद्र है और वहाँ अनधिकृत प्रवेश को सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत गंभीर माना जाता है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सचिवालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
कैसे हुआ खुलासा
पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारियों को महिला की पहचान और व्यवहार पर संदेह हुआ। जैसे ही महिला को अधिकारियों के शक का आभास हुआ, वह तत्काल नबन्ना परिसर से निकल गई। बाद में जब यह पुष्टि हो गई कि महिला ने अपनी पहचान गलत बताई थी, तो पीडब्ल्यूडी ने हावड़ा सिटी पुलिस को लिखित शिकायत दर्ज कराई। तब तक आकांक्षा विद्यार्थी विमान से दिल्ली लौट चुकी थी।
पुलिस की कार्रवाई
राज्य पुलिस से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, बुधवार शाम पहली बार पुलिस को महिला के दिल्ली में होने की जानकारी मिली। इसके बाद हावड़ा सिटी पुलिस ने दिल्ली पुलिस से तत्काल संपर्क किया और बुधवार रात ही एक विशेष टीम राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गई। गुरुवार को जांच अधिकारियों ने महिला से विस्तृत पूछताछ की।
जांच के अहम पहलू
जांच अधिकारी मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पीएमओ अधिकारी की फर्जी पहचान के साथ राज्य सचिवालय में घुसने के पीछे आकांक्षा विद्यार्थी का असली मकसद क्या था। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महिला किसी संगठित गिरोह का हिस्सा तो नहीं है — जिसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।
पुलिस ने इस मामले को सुरक्षा के नज़रिए से गंभीरता से लिया है। यह मामला राज्य सचिवालय की प्रवेश-जांच प्रणाली में संभावित खामियों की ओर भी इशारा करता है, जिसकी समीक्षा अपेक्षित है।
आगे क्या
पूछताछ पूरी होने के बाद हावड़ा सिटी पुलिस महिला को कानूनी प्रक्रिया के तहत कोलकाता लाने की तैयारी में है। जांच अधिकारियों ने संकेत दिया है कि महिला के संभावित सहयोगियों और नेटवर्क की भी जांच की जाएगी। मामले की अगली कड़ी में गिरफ्तारी और औपचारिक आरोप-पत्र दाखिल होने की संभावना है।