1 अक्टूबर 2026
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मिजोरम एंथुरियम फेस्टिवल 2026: तीन साल बाद ममित में लौटा फूलों का महोत्सव, 1–3 अक्टूबर

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मिजोरम एंथुरियम फेस्टिवल 2026: तीन साल बाद ममित में लौटा फूलों का महोत्सव, 1–3 अक्टूबर

सारांश

तीन साल की चुप्पी के बाद मिजोरम का एंथुरियम फेस्टिवल 1 अक्टूबर 2026 को ममित जिले में लौटा — फूलों की खेती, पहाड़ी साहस और मिजो संस्कृति का त्रिवेणी संगम। यह महोत्सव सिर्फ उत्सव नहीं, स्थानीय अर्थव्यवस्था को पर्यटन से जोड़ने की राज्य सरकार की सोची-समझी रणनीति है।

मुख्य बातें

एंथुरियम फेस्टिवल 2026 तीन साल के अंतराल के बाद 1 अक्टूबर 2026 को ममित जिले के ऐलावंग और रेइक गांवों में शुरू हुआ।
महोत्सव 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा; आयोजक मिजोरम पर्यटन विभाग और बागवानी विभाग हैं।
कार्यक्रम में फूल प्रदर्शनी, रेइक त्लांग सनराइज ट्रेक , गुफा अन्वेषण, पारंपरिक मिजो खेल, चेयरॉ लोकनृत्य और लेइकापुई नाइट शामिल हैं।
पर्यटन मंत्री लालंघिंगलोवा हमार ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को पर्यटन वृद्धि का सीधा लाभ देना है।
महिला नेतृत्व वाली जो एंथुरियम ग्रोअर सोसाइटी ने एंथुरियम को मिजोरम की प्रमुख बागवानी फसल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
अधिकारियों के अनुसार महोत्सव से स्थानीय परिवहन, होमस्टे, भोजनालय, कारीगर और फूल उत्पादकों के लिए सीधे आर्थिक अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मिजोरम का बहुप्रतीक्षित एंथुरियम फेस्टिवल 2026 तीन साल के अंतराल के बाद 1 अक्टूबर 2026 को ममित जिले के ऐलावंग और रेइक गांवों में शुरू हो गया। मिजोरम पर्यटन विभाग और बागवानी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसमें बागवानी, साहसिक पर्यटन, आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक संगीत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एकसाथ प्रदर्शित किया जा रहा है।

महोत्सव का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

एंथुरियम फेस्टिवल का पिछला आयोजन 2023 से पहले हुआ था, और तीन वर्षों के अंतराल के बाद इसकी वापसी मिजोरम के पर्यटन कैलेंडर में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। महोत्सव का प्राथमिक लक्ष्य एंथुरियम — जो अब मिजोरम की प्रमुख बागवानी फसलों में गिनी जाती है — की खेती को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाना है।

गौरतलब है कि जो एंथुरियम ग्रोअर्स सोसाइटी से जुड़े महिला नेतृत्व वाले खेती अभियान ने इस फूल को मिजोरम की पहाड़ी अर्थव्यवस्था की धुरी बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यहाँ के किसान अब देश के विभिन्न बाज़ारों के अलावा अन्य बाज़ारों में भी एंथुरियम के फूल भेज रहे हैं।

पर्यटन मंत्री की बात

मिजोरम के पर्यटन मंत्री लालंघिंगलोवा हमार ने महोत्सव की वापसी को राज्य सरकार की उस व्यापक सोच का प्रतीक बताया, जिसके तहत पर्यटन की वृद्धि का लाभ स्थानीय समुदायों तक सीधे पहुँचना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'पर्यटन से केवल पर्यटन स्थलों को ही लाभ नहीं मिलना चाहिए, बल्कि उन लोगों के लिए भी मूल्य और अवसर पैदा होने चाहिए, जो इन स्थानों को विशेष बनाते हैं। एंथुरियम फेस्टिवल हमारी बागवानी, प्राकृतिक परिदृश्य, संस्कृति और समुदायों को एक अनुभव में जोड़ता है, लेकिन इसका बड़ा उद्देश्य स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।' उद्घाटन कार्यक्रम में बागवानी मंत्री सी. लालसाविवुंगा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

महोत्सव में क्या-क्या है

महोत्सव में फूलों की प्रदर्शनी, नर्सरी भ्रमण और गार्डन अनुभवों के साथ नगाई त्लांग, ऐलावंग त्लांग और रेइक त्लांग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाएगी। साहसिक गतिविधियों में रेइक त्लांग सनराइज ट्रेक तथा ख्वांगचेरा पुक, थावंगपावंगा पुक और नगाइतेई पुक की गुफाओं की खोज शामिल है।

पारंपरिक मिजो खेलों में इंसुकनावर, इनबुआन, कालचेत और इंसैह्रुइपावह के मुकाबले होंगे। इसके अतिरिक्त चेयरॉ लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत, फैशन शो, स्थानीय व्यंजन और हथकरघा-हस्तशिल्प प्रदर्शनियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

2 अक्टूबर को 'लेइकापुई नाइट' में मिजो कलाकार पुराने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत करेंगे, जबकि 3 अक्टूबर को प्रमुख कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ भव्य समापन समारोह आयोजित होगा। पर्यटक रेइक हेरिटेज विलेज और आसपास के गांवों में जाकर पारंपरिक मिजो घरों और सामुदायिक जीवन का अनुभव भी ले सकेंगे।

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

अधिकारियों के अनुसार, महोत्सव से ऐलावंग और रेइक के स्थानीय परिवहन संचालकों, दुकानदारों, भोजनालयों, होमस्टे संचालकों, गाइडों, कारीगरों और फूल उत्पादकों के लिए सीधे आर्थिक अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो पर्यटक इन गांवों की यात्रा करें, वे स्थानीय परिवहन, स्थानीय भोजन और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें, ताकि पर्यटन का लाभ समाज के अधिकतम वर्गों तक पहुँचे।

आयोजन में भागीदारी

महोत्सव की तैयारियों में सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ यंग मिजो एसोसिएशन, रेइक और ऐलावंग के सामुदायिक नेता, जो एंथुरियम ग्रोअर सोसाइटी तथा मिजो इंडिजिनस गेम्स की आयोजन टीम शामिल रही। एंथुरियम फेस्टिवल मिजोरम के 2026 के व्यापक पर्यटन एवं महोत्सव कैलेंडर का अभिन्न हिस्सा है और राज्य की बागवानी, संस्कृति एवं समुदाय-आधारित पर्यटन को नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में एक सुविचारित कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर-पूर्व भारत में 'इवेंट-टू-इकॉनमी' मॉडल की एक प्रयोगशाला है, जहाँ पर्यटन राजस्व को सीधे किसानों और ग्रामीण उद्यमियों तक पहुँचाने की कोशिश हो रही है। तीन साल का अंतराल बताता है कि ऐसे महोत्सवों की निरंतरता अभी भी प्रशासनिक इच्छाशक्ति और बजट पर निर्भर है — यह संरचनागत कमज़ोरी है जिस पर बात होनी चाहिए। महिला नेतृत्व वाली एंथुरियम ग्रोअर सोसाइटी की भूमिका उत्साहजनक है, पर यह देखना बाकी है कि महोत्सव का आर्थिक लाभ वास्तव में इन किसानों तक पहुँचता है या केवल शहरी पर्यटन कारोबार को फायदा पहुँचाता है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिजोरम एंथुरियम फेस्टिवल 2026 कब और कहाँ हो रहा है?
यह महोत्सव 1 से 3 अक्टूबर 2026 तक पश्चिमी मिजोरम के ममित जिले के ऐलावंग और रेइक गांवों में आयोजित हो रहा है। मिजोरम पर्यटन विभाग और बागवानी विभाग इसके संयुक्त आयोजक हैं।
एंथुरियम फेस्टिवल तीन साल बाद क्यों लौटा?
महोत्सव 2023 से पहले के आयोजन के बाद तीन वर्षों के अंतराल के बाद 2026 में पुनः शुरू हुआ है। राज्य सरकार ने इसे मिजोरम के 2026 के व्यापक पर्यटन और महोत्सव कैलेंडर का हिस्सा बनाया है ताकि बागवानी, संस्कृति और समुदाय-आधारित पर्यटन को नई पहचान मिले।
महोत्सव में पर्यटकों के लिए क्या-क्या गतिविधियाँ हैं?
पर्यटक फूल प्रदर्शनी, नर्सरी भ्रमण, रेइक त्लांग सनराइज ट्रेक, गुफा अन्वेषण, पारंपरिक मिजो खेल (इंसुकनावर, इनबुआन आदि), चेयरॉ लोकनृत्य, लेइकापुई नाइट संगीत कार्यक्रम, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और रेइक हेरिटेज विलेज भ्रमण का आनंद ले सकते हैं।
एंथुरियम मिजोरम के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
एंथुरियम अब मिजोरम की प्रमुख बागवानी फसलों में शामिल है और जो एंथुरियम ग्रोअर सोसाइटी से जुड़े महिला नेतृत्व वाले अभियानों ने इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था की धुरी बनाया है। राज्य के किसान देश के विभिन्न बाज़ारों सहित अन्य बाज़ारों में भी इसके फूल भेजते हैं।
महोत्सव से स्थानीय समुदायों को क्या फायदा होगा?
अधिकारियों के अनुसार, महोत्सव से ऐलावंग और रेइक के परिवहन संचालकों, होमस्टे, भोजनालयों, गाइडों, कारीगरों और फूल उत्पादकों के लिए सीधे आर्थिक अवसर पैदा होने की उम्मीद है। पर्यटन मंत्री लालंघिंगलोवा हमार ने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे स्थानीय सेवाओं और उत्पादों को प्राथमिकता दें।
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