सुरेश गोपी का मिजोरम दौरा: बागवानी-कृषि उत्पादों के वैश्विक निर्यात पर दिया जोर, कोलासिब में की समीक्षा बैठक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुरेश गोपी का मिजोरम दौरा: बागवानी-कृषि उत्पादों के वैश्विक निर्यात पर दिया जोर, कोलासिब में की समीक्षा बैठक

सारांश

केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने मिजोरम के कोलासिब दौरे में बागवानी और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने का आह्वान किया। 'भारत की अदरक राजधानी' मिजोरम की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में रणनीतिक भूमिका, रेलवे कनेक्टिविटी और जल-विद्युत आत्मनिर्भरता पर भी ज़ोर दिया गया।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 7 मई को मिजोरम के कोलासिब जिले का दौरा किया और सरकारी विभागों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की।
मिजोरम को नीति आयोग ने ' भारत की अदरक राजधानी ' घोषित किया है; मंत्री ने बागवानी उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात पर जोर दिया।
राज्य भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के त्रि-जंक्शन पर स्थित है, जो इसे ' एक्ट ईस्ट पॉलिसी ' में महत्वपूर्ण बनाता है।
पूरे मिजोरम में केवल एक केंद्रीय विद्यालय (KV) होने पर चिंता जताई; संख्या बढ़ाने के लिए सांसदों से मुद्दा उठाने का सुझाव।
मंत्री ने बुकवान्नेई स्थित ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल का दौरा कर स्थानीय किसानों से सीधे संवाद किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार, 7 मई को मिजोरम के बागवानी और कृषि उत्पादों को न केवल देश के अन्य राज्यों में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी निर्यात करने के लिए केंद्रित और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। कोलासिब जिले के दौरे के दौरान उन्होंने सरकारी विभागों के प्रमुखों के साथ संवादात्मक बैठक की और राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

मिजोरम की रणनीतिक स्थिति और कृषि क्षमता

मिजोरम को पिछले वर्ष नीति आयोग द्वारा 'भारत की अदरक राजधानी' घोषित किया गया था, जो इस क्षेत्र में राज्य के बड़े पैमाने पर अदरक उत्पादन और बढ़ते योगदान की आधिकारिक पहचान थी। मंत्री गोपी ने राज्य के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया — भले ही इसकी जनसंख्या अपेक्षाकृत कम है और भौगोलिक क्षेत्र भी सीमित है। गौरतलब है कि यह राज्य भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के त्रि-जंक्शन पर स्थित है, जो इसे भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में एक प्रमुख भूमिका प्रदान करता है।

कनेक्टिविटी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर

मंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि मिजोरम धीरे-धीरे बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में आगे बढ़ रहा है, विशेष रूप से रेलवे नेटवर्क के चल रहे विकास के साथ। उन्होंने अधिक जल-विद्युत परियोजनाएँ स्थापित करने के तरीके तलाशने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि राज्य अपनी बिजली ज़रूरतों के मामले में आत्मनिर्भर बन सके। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब पूर्वोत्तर के कई राज्य ऊर्जा सुरक्षा को विकास की प्राथमिकता मान रहे हैं।

कोलासिब में समीक्षा बैठक और विभागीय संवाद

केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कोलासिब का दौरा किया और उपायुक्त के सम्मेलन कक्ष में जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यालय प्रमुखों के साथ संवादात्मक बैठक की। सत्र के दौरान एक पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से कोलासिब जिले की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की गई। विभिन्न विभागों ने मंत्री को अपने सामान्य कामकाज की जानकारी दी और अपनी ज़रूरतें तथा शिकायतें आधिकारिक रूप से उन्हें सौंपीं।

शिक्षा, जनगणना और महिला सशक्तिकरण

गोपी ने राष्ट्र की प्रगति के लिए जनगणना आयोजित करने के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि यह सरकारी नियोजन एवं विकास रणनीतियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि वर्तमान में पूरे मिजोरम में केवल एक केंद्रीय विद्यालय (KV) है और सुझाव दिया कि इस मुद्दे को सांसदों (MPs) के साथ उठाया जाना चाहिए। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को नर्सिंग जैसे क्षेत्रों में जाने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

ऑयल पाम मिल का दौरा और किसानों से संवाद

बैठक के अलावा, मंत्री गोपी ने बुकवान्नेई में ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय ऑयल पाम किसानों से सीधे बातचीत की। यह दौरा कृषि-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले समय में मिजोरम के कृषि और बागवानी क्षेत्र को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में ठोस नीतिगत कदम उठाए जाने की अपेक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वैश्विक निर्यात के ठोस आँकड़े अभी भी सीमित हैं। मंत्री गोपी का यह दौरा प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, पर असली परीक्षा यह है कि क्या केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के कृषि उत्पादों के लिए स्थायी आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँच सुनिश्चित कर पाती है। पूरे राज्य में केवल एक केंद्रीय विद्यालय का होना यह दर्शाता है कि केंद्र की प्राथमिकताएँ अभी पूर्वोत्तर को उसके सामरिक महत्व के अनुरूप संसाधन नहीं दे रहीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश गोपी ने मिजोरम में किस विषय पर जोर दिया?
केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 7 मई को मिजोरम दौरे में बागवानी और कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में निर्यात करने के लिए समर्पित प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जल-विद्युत आत्मनिर्भरता, रेलवे कनेक्टिविटी और शिक्षा सुधार पर भी बात की।
मिजोरम को 'भारत की अदरक राजधानी' क्यों कहा जाता है?
नीति आयोग ने पिछले वर्ष मिजोरम को 'भारत की अदरक राजधानी' घोषित किया, क्योंकि राज्य में बड़े पैमाने पर अदरक का उत्पादन होता है और राष्ट्रीय अदरक उत्पादन में इसका योगदान लगातार बढ़ रहा है।
मिजोरम की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में क्या भूमिका है?
मिजोरम भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के त्रि-जंक्शन पर स्थित है, जो इसे भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में एक रणनीतिक प्रवेश द्वार बनाता है। यह स्थिति दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कोलासिब में सुरेश गोपी की बैठक में क्या हुआ?
कोलासिब के उपायुक्त के सम्मेलन कक्ष में मंत्री गोपी ने जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यालय प्रमुखों के साथ संवादात्मक बैठक की। विभागों ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से अपने कामकाज की जानकारी दी और अपनी ज़रूरतें व शिकायतें मंत्री को सौंपीं।
मिजोरम में केंद्रीय विद्यालयों की स्थिति क्या है?
वर्तमान में पूरे मिजोरम में केवल एक केंद्रीय विद्यालय (KV) है। मंत्री गोपी ने इस पर चिंता जताते हुए सुझाव दिया कि इस मुद्दे को राज्य के सांसदों के माध्यम से संसद में उठाया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले