क्या राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड किसानों को सशक्त बना रहा है और भारतीय हल्दी का निर्यात बढ़ा रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड ने किसानों को सशक्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
- भारतीय हल्दी का निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 50.7 प्रतिशत बढ़ा है।
- भारत का हल्दी बाजार में 66 प्रतिशत हिस्सा है।
- बोर्ड ने हल्दी के नए उत्पादों को बढ़ावा दिया है।
- हल्दी की आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड (एनटीबी) देश के किसानों को सशक्त बना रहा है और भारतीय हल्दी के निर्यात को दुनिया भर में बढ़ावा दे रहा है।
राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की स्थापना के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बोर्ड ने अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस बोर्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हल्दी के उत्पादन को बढ़ाना, किसानों को सशक्त करना और दुनिया में हल्दी के निर्यात को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि वह बोर्ड की सफलता की कामना करते हैं ताकि यह किसानों की सहायता करता रहे, व्यापारियों और निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा करे और भारत की समृद्धि को वैश्विक स्तर पर पहुँचाए।
इस बीच, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत से हल्दी के निर्यात में 50.7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वित्त वर्ष के 226.58 मिलियन डॉलर की तुलना में बढ़कर 341.54 मिलियन डॉलर हो गया।
संसद के शीतकालीन सत्र में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि साल 2024-25 में भारत से 1.76 लाख मीट्रिक टन से अधिक हल्दी का निर्यात हुआ, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 1.62 लाख मीट्रिक टन था।
भारत का दुनिया के हल्दी बाजार में 66 प्रतिशत हिस्सा है और साल 2020 से देश से सबसे ज्यादा हल्दी आयात करने वाले शीर्ष पांच देशों में बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, मलेशिया और मोरक्को शामिल हैं।
राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड हल्दी से बने नए उत्पादों को बढ़ावा देने, हल्दी और उसके उत्पादों के बारे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में जागरूकता फैलाने और इनके उपयोग को बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।
बोर्ड हल्दी की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और टिकाऊ बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके साथ ही निर्यात के लिए बेहतर ढांचा, परिवहन सुविधाएँ और गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।