क्या तेलंगाना के डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चरित्र हनन के खिलाफ चेतावनी दी?

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क्या तेलंगाना के डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चरित्र हनन के खिलाफ चेतावनी दी?

सारांश

तेलंगाना के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दी चेतावनी। चरित्र हनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जानिए क्या है इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजह।

Key Takeaways

  • सोशल मीडिया का दुरुपयोग
  • चरित्र हनन पर कार्रवाई
  • डीजीपी की चेतावनी
  • झूठी खबरों का प्रभाव
  • कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता

हैदराबाद, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी के चरित्र हनन में लिप्त पाया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डीजीपी ने सोशल मीडिया पर चल रहे चरित्र हनन पर अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति या उनके परिवार के खिलाफ झूठी ख़बरें फैलाना, निराधार आरोप लगाना और निजी जीवन में दखल देना बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कानून के दायरे में रचनात्मक आलोचना और राय पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यदि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर झूठ और अफवाहें फैलाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीजीपी ने याद दिलाया कि जब से उन्होंने पिछले वर्ष डीजीपी का पदभार संभाला है, तब से उन्होंने सोशल मीडिया के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कानून की सीमाएं लांघने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चरित्र हनन करने वाले या किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पुलिस एक मंत्री और एक महिला आईएएस अधिकारी से जुड़ी कथित मानहानिकारक खबरों की जाँच कर रही है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार को तेलुगु समाचार चैनल एनटीवी के दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया।

यह मामला एनटीवी, टी न्यूज सहित अन्य चैनलों और सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ दर्ज किया गया है। शिकायत आईएएस अधिकारियों के संघ द्वारा विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन ने दर्ज कराई थी।

तेलंगाना आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव जयेश रंजन ने कहा कि 8 जनवरी को एनटीवी द्वारा महिला आईएएस अधिकारी के बारे में जो खबर प्रसारित की गई, वह पूरी तरह से झूठी और मनगढ़ंत थी। शिकायत में कहा गया कि एक सेवारत महिला आईएएस अधिकारी पर बिना किसी सबूत के आरोप लगाए गए और उनके तबादलों को बिना प्रमाण के जोड़ा गया।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है। डीजीपी का यह कदम न केवल कानून के दायरे में न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास है, बल्कि समाज में व्याप्त झूठी सूचनाओं पर लगाम लगाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को क्यों चेतावनी दी?
डीजीपी ने चेतावनी दी है कि चरित्र हनन में लिप्त होने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जा रहा है?
जी हां, सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके झूठी खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
विशेष जांच टीम (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रही है।
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