आंध्र प्रदेश बनेगा क्वांटम वैली का प्रमुख केंद्र: सीएम नायडू की महत्वाकांक्षा
सारांश
Key Takeaways
- आंध्र प्रदेश को क्वांटम वैली के रूप में विकसित किया जाएगा।
- गूगल द्वारा 15 बिलियन डॉलर का निवेश किया जा रहा है।
- अमरावती में पहला क्वांटम कंप्यूटर स्थापित किया जाएगा।
- भारत की नेशनल क्वांटम मिशन का महत्व।
- भारतीय प्रवासियों का अंतरराष्ट्रीय सहयोग में योगदान।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रायसीना डायलॉग के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य को उन्नत तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की अपनी दृढ़ इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश 'सिलिकॉन वैली से क्वांटम वैली' की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है, जहाँ अमरावती भविष्य की क्वांटम क्रांति का केंद्र बनेगा।
सीएम नायडू ने अपने संबोधन में गूगल के बड़े निवेश का उल्लेख किया, जिसमें बताया गया कि गूगल विशाखापत्तनम में एक गीगावाट स्केल का एआई डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए 15 बिलियन डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपए) का निवेश कर रहा है। यह भारत में आर्थिक सुधारों के बाद का सबसे बड़ा विदेशी निवेश है, जो एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर की क्षमता और बड़े पैमाने पर ऊर्जा संसाधनों को मजबूत करेगा। नायडू ने कहा, "अब चीजें हो रही हैं। यह निवेश भारत को ग्लोबल एआई हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
क्वांटम तकनीक पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अमरावती को क्वांटम वैली के रूप में प्रस्तुत किया। फरवरी 2026 में अमरावती में इसकी नींव रखी गई, जो भारत का पहला एकीकृत क्वांटम इकोसिस्टम है। 50 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में क्वांटम कंप्यूटिंग, अनुसंधान, प्रतिभा विकास और मैन्युफैक्चरिंग शामिल है। नायडू ने कहा, "हम वर्तमान में एक क्वांटम कंप्यूटर विकसित कर रहे हैं। भारत में पहली बार 133-क्यूबिट क्वांटम कंप्यूटर सेंटर अमरावती में आईबीएम, टीसीएस और एलएंडटी के सहयोग से स्थापित हो रहा है। दो साल के भीतर हम क्वांटम कंप्यूटर का उत्पादन शुरू करेंगे और इन्हें विश्व को आपूर्ति करेंगे।"
उन्होंने सिलिकॉन वैली की तुलना करते हुए कहा, "आज दुनिया सिलिकॉन वैली (कैलिफोर्निया) की चर्चा करती है। कल लोग क्वांटम वैली की बात करेंगे—यह अमरावती से है, मेरे राज्य से है।"
यह पहल भारत की नेशनल क्वांटम मिशन (6000 करोड़ रुपए) से जुड़ी है, जो क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार और संवेदन में अनुसंधान को बढ़ावा दे रही है। राज्य ने एआई और क्वांटम इकोसिस्टम के लिए यूएनआईसीसी सहित सात एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
नायडू ने भारतीय प्रवासियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय, विशेष रूप से तकनीकी पेशेवर, दुनिया के सबसे अच्छे 'डिप्लोमैट' हैं। वे जहां भी जाते हैं, स्थानीय समुदाय में घुल-मिल जाते हैं और वैश्विक विकास में योगदान देते हैं। पहले, आंध्र से प्रवासन मुख्य रूप से अमेरिका तक सीमित था, लेकिन आज तेलुगु और भारतीय समुदाय कई देशों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि ये प्रवासी अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत कर रहे हैं और भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ा रहे हैं।