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क्या गूगल का गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत के 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप है?

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क्या गूगल का गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत के 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप है?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गूगल के गीगावाट स्तर के डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर को 'विकसित भारत' विजन के साथ जोड़ा है। विशाखापत्तनम में एआई हब की स्थापना का यह कदम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा। जानें इस ऐतिहासिक साझेदारी के बारे में और इसे लेकर पीएम मोदी का क्या कहना है।

मुख्य बातें

गूगल द्वारा 15 अरब डॉलर का निवेश विशाखापत्तनम में एआई हब का निर्माण गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा यह डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा साझेदारी अदाणी समूह के साथ

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बताया कि गूगल का गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप है।

गूगल ने विशाखापत्तनम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब स्थापित करने की घोषणा की है। इसके लिए कंपनी अगले पांच वर्षों (2026-2030) में लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश करेगी। यह देश में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "आंध्र प्रदेश के गतिशील शहर विशाखापत्तनम में गूगल एआई हब का लॉन्च होना काफी खुशी की बात है।"

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह बहुआयामी निवेश, जिसमें गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल है, टेक्नोलॉजी के लोकतंत्रीकरण को एक सशक्त बल प्रदान करेगा।

गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह निवेश सभी के लिए एआई सुनिश्चित करेगा, हमारे नागरिकों को अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करेगा, हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में भारत का स्थान सुरक्षित होगा।

पिचाई ने इससे पहले पोस्ट किया था कि प्रधानमंत्री मोदी से बात करके उन्हें बहुत अच्छा लगा और विशाखापत्तनम में पहले गूगल एआई हब के लिए हमारी योजनाओं को साझा किया।

उन्होंने कहा, "यह हब गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता, एक नए अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को जोड़ता है। इसके माध्यम से हम अपनी उद्योग-अग्रणी तकनीक को भारत में उद्यमों और उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाएंगे, एआई इनोवेशन को गति देंगे और देश भर में विकास को तेज करेंगे।"

गूगल एआई हब को अदाणी समूह की कंपनी अदाणीकॉनेक्स के साथ मिलकर बनाया जाएगा।

अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा, "अदाणी समूह को इस ऐतिहासिक परियोजना पर गूगल के साथ साझेदारी करने पर गर्व है, यह परियोजना भारत के डिजिटल परिदृश्य के भविष्य को परिभाषित करेगी।"

उन्होंने आगे कहा, "यह सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश से कहीं बढ़कर है। यह एक उभरते राष्ट्र की आत्मा में निवेश है। यह साझेदारी राष्ट्र निर्माण के हमारे साझा दृष्टिकोण और 21वीं सदी के उपकरणों से प्रत्येक भारतीय को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विशाखापत्तनम अब टेक्नोलॉजी के लिए एक वैश्विक गंतव्य बनने के लिए तैयार है, और हम इस ऐतिहासिक यात्रा के आर्किटेक्ट बनकर रोमांचित हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि गूगल का यह निवेश भारत के डिजिटल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल तकनीकी विकास को आगे बढ़ाएगा, बल्कि देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बढ़ाएगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गूगल का डेटा सेंटर भारत में कहाँ स्थापित होगा?
गूगल का डेटा सेंटर विशाखापत्तनम में स्थापित होगा।
इस प्रोजेक्ट में गूगल कितना निवेश करेगा?
गूगल इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश करेगा।
यह डेटा सेंटर किस उद्देश्य को पूरा करेगा?
यह डेटा सेंटर एआई तकनीकी के विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
इस प्रोजेक्ट में कौन सी कंपनी साझेदार है?
अदाणी समूह की कंपनी अदाणीकॉनेक्स इस प्रोजेक्ट में साझेदार है।
इस निवेश से भारत को क्या लाभ होगा?
इस निवेश से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्लोबल टेक्नोलॉजी में भारत का स्थान मजबूत होगा।
राष्ट्र प्रेस
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