क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा?: गौरव वल्लभ
सारांश
Key Takeaways
- पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास कर रहा है।
- राहुल गांधी की आलोचना का भाजपा ने जवाब दिया है।
- भारत की अर्थव्यवस्था को चीन से आगे ले जाने का संकल्प।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के चीन को लेकर दिए बयान पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस के 60 वर्षों के शासन में, जब चीन तेजी से प्रगति कर रहा था, उस समय यूपीए की सरकार के दौरान भारत पीछे रह गया। उस समय भ्रष्टाचार अपने चरम पर था। चीन आधुनिक नवाचार कर रहा था, जबकि भारत में घोटाले हो रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2004 में भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें स्थान पर थी और 2014 तक यूपीए सरकार के कार्यकाल में यही स्थिति बनी रही, जबकि दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही थी। भारत की विकास दर बहुत धीमी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भारत अब तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए तत्पर है।
गौरव वल्लभ ने कहा कि राहुल गांधी, जो चीन की प्रशंसा करते हैं, उन्हें यह जानना चाहिए कि भारत उनके शासनकाल में पीछे रह गया था। तब उनकी यूपीए सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई थी। नवाचार पर ध्यान नहीं दिया गया, और युवाओं के सपनों को कुचला गया। कोयला घोटाला सहित कई अन्य घोटाले शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। विकसित भारत का 2047 का संकल्प हर भारतीय ने लिया है। इसी संकल्प के साथ हम अपनी अर्थव्यवस्था को चीन से भी आगे ले जाएंगे।
कर्नाटक में जर्मन चांसलर से जुड़े विवाद पर गौरव वल्लभ ने कहा कि कर्नाटक सरकार अब वंशवाद, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। जर्मन चांसलर निवेश के लिए आए थे, लेकिन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री राहुल गांधी के पीछे-पीछे चलकर उनका स्वागत करने में व्यस्त रहे। जो राज्य कभी आईटी का इंजन था, वह अब भ्रष्टाचार और परिवारवाद का पर्याय बन गया है। सरकार की प्राथमिकता प्रदेश को आईटी और एआई हब बनाना नहीं, बल्कि राहुल गांधी का स्वागत करना है ताकि कुर्सी बची रहे। उनकी असली प्राथमिकता परिवारवाद और भ्रष्टाचार है।