क्या जीतू पटवारी ने इंदौर में दूषित पानी से हुई 23 मौतों पर सरकार को घेरा?
सारांश
Key Takeaways
- इंदौर में दूषित पानी से 23 लोगों की मौत हुई।
- जीतू पटवारी ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।
- मुख्यमंत्री ने इसे छोटी घटना बताया।
- राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर दौरे पर आ रहे हैं।
- सरकार का वाटर ऑडिट कराने का निर्णय सवाल उठाता है।
भोपाल, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार इसे छोटी घटना के रूप में दिखा रही है।
भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए, कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में 23 लोगों की मौत की घटना को मामूली बताया। कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि जो लोग सवाल पूछते हैं, उनमें शर्म नहीं है और वे बेशर्म हैं। लेकिन यही सवाल उमा भारती और सुमित्रा महाजन ने भी उठाए थे, और इंदौर के लाखों लोग भी पूछ रहे हैं कि मध्य प्रदेश सरकार जो 25 वर्षों में एक गिलास साफ पानी भी नहीं दे पाई, वह 23 मौतों के लिए कैसे जिम्मेदार नहीं हो सकती?
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने धमकी भरे लहजे में कहा कि 'अगर यह मामला बाहर आया, तो यह बहुत दूर तक जाएगा।' इस तरह की भाषा एक बड़े पद पर बैठे व्यक्ति को शोभागरिमा होती है। आपने अपना दायित्व नहीं निभाया है। आपने एक 10 महीने के बच्चे की मां की वेदना को नहीं समझा। यह आहिल्या की नगरी है, न्याय की नगरी है। इसलिए हम चाहते हैं कि न्याय होना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार कहती है कि लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध कराया जा रहा है, तो फिर वाटर ऑडिट क्यों कराया जा रहा है? सच्चाई यह है कि सरकार मध्य प्रदेश में शुद्ध जल उपलब्ध कराने में असफल रही है।
राहुल गांधी के इंदौर दौरे पर कांग्रेस नेता ने कहा कि इंदौर में भाजपा सरकार की घोर लापरवाही के कारण मल युक्त दूषित पानी पीने से 23 निर्दोष नागरिकों की असामयिक मृत्यु हुई है। इस दुखद घड़ी में, हमारे नेता, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, 17 जनवरी को इंदौर आ रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और इंदौर दौरे के दौरान वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट करेंगे।