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क्या एमसीडी की डिस्पेंसरियों पर ‘आरोग्य मंदिर’ बोर्ड लगाना सही है?

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क्या एमसीडी की डिस्पेंसरियों पर ‘आरोग्य मंदिर’ बोर्ड लगाना सही है?

सारांश

दिल्ली में एमसीडी की डिस्पेंसरियों पर 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' के बोर्ड लगाने को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह केवल दिखावा है। क्या वास्तव में सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे में कोई सुधार किया है?

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार पर आम आदमी पार्टी के आरोप गंभीर हैं।
पुरानी डिस्पेंसरियों पर नया नाम लगाकर उद्घाटन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में कोई नया सुधार नहीं हुआ है।
राजनीतिक लाभ के लिए दिखावटी क्रियाकलाप हो रहे हैं।

नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में एमसीडी की पुरानी डिस्पेंसरियों पर “आयुष्मान आरोग्य मंदिर” के बोर्ड लगाकर उद्घाटन करने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि दिल्ली सरकार बिना कोई नया स्वास्थ्य ढांचा तैयार किए, केवल नाम बदलकर और फीता काटकर जनता को गुमराह कर रही है।

एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि सरकार एमसीडी की ज़मीन और कर्मचारियों वाली डिस्पेंसरियों पर अपना बोर्ड लगाकर श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जो कि नियमों के खिलाफ है।

अंकुश नारंग ने कहा कि जिन 62 डिस्पेंसरियों का उद्घाटन किया गया है, वे कोई नई स्वास्थ्य इकाइयां नहीं हैं। ये सभी पहले से एमसीडी द्वारा संचालित हैं और इनकी ज़मीन, स्टाफ और प्रबंधन निगम के अधीन है। एमसीडी एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे दिल्ली सरकार इन पर मालिकाना हक जता सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ज़मीन पर काम करने के बजाय केवल फीता काटने की राजनीति कर रही है और पुरानी इमारतों पर लीपापोती कर उन्हें “नया” बताकर पेश कर रही है।

एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा जनता की आंखों में धूल झोंक रही है। जिन डिस्पेंसरियों का नाम बदला गया है, वहां वर्षों से मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। न तो वहां नया स्टाफ तैनात किया गया है, न नई दवाइयों की व्यवस्था हुई है और न ही जांच सुविधाओं में कोई वृद्धि की गई है। ऐसे में केवल नाम बदलने से जनता को कोई लाभ नहीं मिलने वाला।

एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि मुख्यमंत्री को मीम्स से शिकायत है, लेकिन जब सरकार ऐसा दिखावटी काम करेगी तो जनता सवाल जरूर उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अरविंद केजरीवाल सरकार के समय बने मोहल्ला क्लीनिकों को कमजोर किया और अब उन्हीं के कामों पर अपनी मुहर लगाने की कोशिश कर रही है।

वजीरपुर वार्ड से पार्षद चित्रा विद्यार्थी ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड की डिस्पेंसरियों पर शिलापट्ट में जानबूझकर आम आदमी पार्टी के पार्षदों का नाम नहीं लिखा गया, जबकि भाजपा नेताओं और मंत्रियों के नाम प्रमुखता से अंकित किए गए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि निगम की संपत्ति पर निगम प्रतिनिधियों को ही दरकिनार किया जा रहा है।

मादीपुर वार्ड से पार्षद साहिल गंगवाल ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन वार्डों में भाजपा के पार्षद हैं, वहां बोर्ड पर सभी नाम लिखे गए, जबकि आप पार्षदों के वार्डों में उनके नाम हटाए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा काम की नहीं, बल्कि केवल नाम की राजनीति कर रही है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार ने इस तरह की “लीपापोती” और दिखावटी राजनीति बंद नहीं की, तो दिल्ली की जनता इसका कड़ा जवाब देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक लाभ के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सभी पार्टियों को मिलकर इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आम आदमी पार्टी ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार बिना कोई नया स्वास्थ्य ढांचा विकसित किए, केवल नाम बदलकर और फीता काटकर जनता को गुमराह कर रही है।
क्या डिस्पेंसरियों का उद्घाटन वास्तव में नया है?
नहीं, जिन 62 डिस्पेंसरियों का उद्घाटन किया गया है, वे पहले से ही एमसीडी द्वारा संचालित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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