9 अगस्त 2026
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एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली फ्लाइट: पायलट की ड्रग रिपोर्ट का इंतजार, DGCA ने दोनों क्रू को रोस्टर से हटाया

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एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली फ्लाइट: पायलट की ड्रग रिपोर्ट का इंतजार, DGCA ने दोनों क्रू को रोस्टर से हटाया

सारांश

एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में 300 फीट की अचानक ऊँचाई-गिरावट के बाद मुख्य पायलट की प्रारंभिक ड्रग स्क्रीनिंग ने कन्फर्मेटरी जाँच की जरूरत बताई। DGCA ने दोनों क्रू को रोस्टर से हटाया; AAIB जाँच जारी है। अंतिम रिपोर्ट आने पर लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई संभव।

मुख्य बातें

4 अगस्त 2026 को एयर इंडिया फ्लाइट AI2379 (फुकेत-दिल्ली) ने क्रूज़ चरण में अचानक 300 फीट की ऊँचाई खोई; विमान बाद में सुरक्षित उतरा।
विमान में 137 यात्री (तीन शिशु सहित) और 8 क्रू सदस्य सवार थे; कुछ यात्रियों व केबिन क्रू को चोटें आईं।
मुख्य पायलट की प्रारंभिक साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग ने कन्फर्मेटरी टेस्ट की जरूरत का संकेत दिया; अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं।
DGCA ने जाँच पूरी होने तक दोनों फ्लाइट क्रू — मुख्य पायलट और फर्स्ट ऑफिसर — को रोस्टर से हटाया ।
घटना को 'गंभीर घटना' माना गया; AAIB जाँच जारी है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस.
रंधावा के अनुसार पॉजिटिव रिपोर्ट पर पायलट का उड़ान लाइसेंस रद्द हो सकता है।

नागर विमानन मंत्रालय ने 9 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 के मुख्य पायलट की ड्रग स्क्रीनिंग की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है और कन्फर्मेटरी जाँच जारी है। जाँच पूरी होने तक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने दोनों फ्लाइट क्रू सदस्यों — मुख्य पायलट और फर्स्ट ऑफिसर — को रोस्टर से हटा दिया है।

घटनाक्रम: क्या हुआ 4 अगस्त को

4 अगस्त 2026 को फुकेत से नई दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 (एयरबस A320, पंजीकरण VT-EXO) क्रूज़ चरण के दौरान अचानक लगभग 300 फीट की ऊँचाई खो बैठी। इसके बाद विमान स्थिर हो गया और दिल्ली में सुरक्षित रूप से उतरा। विमान में 137 यात्री (जिनमें तीन शिशु शामिल थे) और 8 क्रू सदस्य — दो पायलट व छह केबिन क्रू — सवार थे। इस घटना में कुछ यात्रियों और केबिन क्रू सदस्यों को चोटें आईं।

ड्रग स्क्रीनिंग और कन्फर्मेटरी जाँच

मंत्रालय के अनुसार, ऐसी किसी भी गंभीर घटना के बाद लागू स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत दोनों फ्लाइट क्रू सदस्यों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया। मुख्य पायलट के प्रारंभिक स्क्रीनिंग परिणाम से कन्फर्मेटरी टेस्ट की आवश्यकता का संकेत मिला, जिसके बाद नमूने निर्धारित प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।

मंत्रालय ने कहा, 'इसके अनुसार सैंपल कन्फर्मेटरी एनालिसिस के लिए तय लैब में भेज दिए गए हैं और फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है।'

DGCA की कार्रवाई

मंत्रालय ने बताया, 'जाँच और तय प्रक्रिया पूरी होने तक, DGCA ने दोनों फ्लाइट क्रू सदस्यों को रोस्टर से हटा दिया है। जाँच के नतीजों और कन्फर्मेटरी टेस्ट के परिणामों के आधार पर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी।' इस घटना को आधिकारिक रूप से 'गंभीर घटना' की श्रेणी में रखा गया है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इसकी जाँच कर रहा है।

विशेषज्ञ की राय

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने कहा कि यदि मुख्य पायलट का डोप परीक्षण अंततः पॉजिटिव पाया जाता है, तो उनका उड़ान लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है। गौरतलब है कि भारतीय विमानन नियमों के तहत किसी पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आना एक गंभीर उल्लंघन माना जाता है।

आगे क्या होगा

कन्फर्मेटरी लैब रिपोर्ट आने के बाद DGCA और मंत्रालय आगे की कार्रवाई तय करेंगे। AAIB की जाँच भी समानांतर जारी है, जो 300 फीट की अचानक ऊँचाई-गिरावट के तकनीकी और परिचालन कारणों की पड़ताल करेगी। यह मामला भारतीय विमानन क्षेत्र में पायलट फिटनेस प्रोटोकॉल और SOP अनुपालन पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी पारदर्शिता संदिग्ध रहती है। प्रारंभिक स्क्रीनिंग पॉजिटिव संकेत के बावजूद 'अंतिम रिपोर्ट का इंतजार' वाला बयान यात्रियों को आश्वस्त करने की बजाय अनिश्चितता बढ़ाता है। DGCA का क्रू को रोस्टर से हटाना सही कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि 4 अगस्त की घटना के पाँच दिन बाद भी कन्फर्मेटरी रिपोर्ट क्यों नहीं आई। AAIB जाँच के नतीजे और लैब रिपोर्ट मिलकर तय करेंगे कि यह चूक मानवीय थी, तकनीकी थी, या दोनों।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में क्या हुआ था?
4 अगस्त 2026 को फुकेत से नई दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 (एयरबस A320, VT-EXO) क्रूज़ चरण के दौरान अचानक लगभग 300 फीट की ऊँचाई खो बैठी। विमान बाद में स्थिर हो गया और दिल्ली में सुरक्षित उतरा, लेकिन कुछ यात्रियों और केबिन क्रू को चोटें आईं।
मुख्य पायलट की ड्रग टेस्ट रिपोर्ट का क्या हुआ?
मुख्य पायलट की प्रारंभिक साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग के नतीजे से कन्फर्मेटरी टेस्ट की जरूरत का संकेत मिला। नमूने निर्धारित प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं और नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
DGCA ने क्रू के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
DGCA ने जाँच और कन्फर्मेटरी टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों फ्लाइट क्रू सदस्यों — मुख्य पायलट और फर्स्ट ऑफिसर — को रोस्टर से हटा दिया है। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।
क्या पायलट का लाइसेंस रद्द हो सकता है?
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा के अनुसार, यदि डोप परीक्षण अंततः पॉजिटिव पाया जाता है तो पायलट का उड़ान लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है। हालाँकि अंतिम निर्णय कन्फर्मेटरी रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
इस घटना की जाँच कौन कर रहा है?
इस घटना को आधिकारिक रूप से 'गंभीर घटना' माना गया है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इसकी जाँच कर रहा है। AAIB 300 फीट की अचानक ऊँचाई-गिरावट के तकनीकी और परिचालन कारणों की पड़ताल करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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