एयर इंडिया AI 2379 टर्बुलेंस: AAIB की अंतरिम रिपोर्ट एक महीने में, पायलट का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान (AI 2379) के टर्बुलेंस मामले में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की अंतरिम रिपोर्ट एक महीने से पहले आने की संभावना है। सूत्रों ने गुरुवार, 13 अगस्त को यह जानकारी दी। साथ ही, सरकार ने जांच एजेंसी को प्रक्रिया में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस मामले में एक और गंभीर खुलासा यह हुआ है कि उड़ान के मुख्य पायलट का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव पाया गया है।
घटनाक्रम: क्या हुआ था AI 2379 में
थाईलैंड के फुकेत से नई दिल्ली आ रहा एयर इंडिया का विमान AI 2379 उड़ान के दौरान 36,000 फुट की ऊँचाई पर अचानक 300 फुट नीचे आ गया। इस अप्रत्याशित टर्बुलेंस में करीब 24 यात्री घायल हो गए थे। यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में हाल के महीनों में दर्ज की गई गंभीर उड़ान-सुरक्षा घटनाओं में से एक है।
जांच की स्थिति और साक्ष्य
सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया के अहमदाबाद विमान हादसे (AI 171) की तुलना में इस मामले में सभी प्रमुख साक्ष्य उपलब्ध हैं। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) दोनों को सुरक्षित कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, संबंधित यात्रियों और चालक दल के मेडिकल रिकॉर्ड तथा बयान भी इकट्ठा किए जाएँगे। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन साक्ष्यों की उपलब्धता जांच को तेज़ गति देगी।
पायलट का डोप टेस्ट: दूसरी बार भी पॉजिटिव
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह सामने आया है कि नई दिल्ली में उड़ान के बाद हुई स्क्रीनिंग में उड़ान के मुख्य पायलट का नशीले पदार्थों के लिए परीक्षण पॉजिटिव पाया गया था। इसके कुछ समय बाद कराए गए दूसरे डोप टेस्ट में भी नतीजा पॉजिटिव रहा। सूत्रों के अनुसार, परीक्षणों से पुष्टि हुई कि पायलट ने मारिजुआना का सेवन किया था। यह खुलासा विमानन सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत गंभीर माना जा रहा है।
सरकार और नियामक की प्रतिक्रिया
नागर विमानन मंत्रालय और विमानन नियामक ने इस मामले में एयर इंडिया को कड़ी फटकार लगाई है और एयरलाइन को अपनी परिचालन प्रक्रियाओं में तत्काल सुधार करने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि फ्लाइट क्रू के डोपिंग की समस्या से निपटने के लिए अधिक कड़े नियम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इसके साथ ही, AAIB की जांच और रिपोर्ट की प्रक्रिया को तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कड़े कानून और सज़ा का प्रावधान किया जा सके।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय विमानन उद्योग पहले से ही AI 171 अहमदाबाद हादसे की जांच के दबाव में है। FDR और CVR डेटा के विश्लेषण में तेजी लाई जाएगी और अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर नीतिगत बदलावों की उम्मीद की जा रही है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि पायलट के डोप टेस्ट पॉजिटिव आने की घटना भारत में एयरक्रू ड्रग-स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल पर व्यापक बहस को जन्म दे सकती है।