एयर इंडिया AI-2379 हाइड्रोलिक फेल: 300 फीट गिरा विमान, जांच जारी; एक्सपर्ट बोले — आधिकारिक बयान का इंतज़ार
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान (AI 2379) में 4 अगस्त को कथित तौर पर हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने और विमान की ऊँचाई अचानक 300 फीट कम होने की रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिसमें सवार 145 में से 24 लोग घायल हो गए थे। इस घटना पर 14 अगस्त को विशेषज्ञों ने कहा कि जाँच एजेंसियों के आधिकारिक बयान से पहले कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
घटना का विवरण
रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरबस A320 विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के कारण लगभग चार सेकंड के लिए फ्लाइट कंट्रोल काम करना बंद हो गए, जिससे विमान अचानक 300 फीट नीचे आ गया। इस अप्रत्याशित गिरावट में विमान में सवार यात्री और क्रू सदस्य घायल हुए।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ही बहस जारी है। गौरतलब है कि इस प्रकार की मध्य-उड़ान तकनीकी विफलताएँ यात्री विश्वास और नियामकीय निगरानी दोनों पर गंभीर सवाल उठाती हैं।
विशेषज्ञ की राय
विमानन विशेषज्ञ सुभाष गोयल ने कहा कि उड़ान के दौरान हाइड्रोलिक फेल होने से विमान के नीचे आने की कुछ रिपोर्ट्स सामने आई हैं, लेकिन जब तक एयरबस, विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं करते, तब तक इन रिपोर्ट्स पर कुछ भी कहना मुश्किल है।
जाँच की स्थिति
फिलहाल इस मामले की जाँच विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) कर रहा है। एयरबस और DGCA दोनों से भी इस विषय में आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। जाँच पूरी होने तक घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
एयर इंडिया का पायलट डोप टेस्ट फैसला
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने सुरक्षा मानकों को और मज़बूत करने के उद्देश्य से अपने समूह के सभी पायलटों के लिए अनिवार्य ड्रग और प्रतिबंधित दवाओं की जाँच शुरू करने का निर्णय लिया है। कंपनी की ओर से पायलटों को भेजे गए पत्र के अनुसार यह स्क्रीनिंग कार्यक्रम 13 अगस्त से लागू हो गया है और एयर इंडिया समूह के सभी पायलट इसके दायरे में आएंगे।
विशेषज्ञ सुभाष गोयल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक बहुत अच्छा कदम है और इससे एयर इंडिया में सुरक्षा बढ़ेगी। एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि वर्षों से उसने अपने पायलटों और कर्मचारियों की पेशेवर क्षमता, कौशल और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के दम पर अपनी पहचान बनाई है, और यात्रियों का भरोसा बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगे क्या होगा
AAIB की जाँच रिपोर्ट और DGCA का आधिकारिक बयान आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियाँ स्पष्ट हो पाएंगी। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के निष्कर्ष भविष्य में A320 बेड़े की सुरक्षा जाँच प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं।