कैप्टन स्मित मच्छार अस्पताल में बात कर रहे, हंस रहे — भारतीय राजदूत दीपक मित्तल
सारांश
मुख्य बातें
यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने 1 अक्टूबर 2026 को दुबई के एक अस्पताल में फ्लाईदुबई के घायल पायलट कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की। राजदूत ने बताया कि हवा में चाकू के हमले को विफल करते हुए गंभीर रूप से घायल हुए भारतीय पायलट अब खुलकर बात कर रहे हैं, मुस्कुरा रहे हैं और उनका हौसला बुलंद है।
राजदूत की मुलाकात और परिवार को भरोसा
राजदूत मित्तल ने मुलाकात के बाद कहा, 'वह खुलकर बात कर रहे थे, मुस्कुरा रहे थे और हंस रहे थे। यह हमारे लिए और सबसे बढ़कर उनके परिवार के लिए बड़ी राहत की बात थी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कैप्टन मच्छार को अस्पताल में उचित इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास यूएई के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
यूएई में भारत के महावाणिज्यदूत ई. विष्णु वर्धन रेड्डी भी इस मुलाकात में शामिल रहे। भारतीय मिशन ने परिवार को कैप्टन की स्वास्थ्य स्थिति और रिकवरी की प्रगति से अवगत कराया तथा उनके असाधारण साहस और निस्वार्थ प्रयासों की सराहना की।
घटनाक्रम: हवा में कैसे हुआ हमला
बुधवार को हुई इस घटना के दौरान विमान में सवार एक अन्य पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे विमान तेज़ी से नीचे आने लगा। भारतीय पायलट ने हमलावर का बहादुरी से मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों ने अंदर पहुँचकर हमलावर को काबू में कर लिया।
गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को सऊदी अरब में विमान की आपात लैंडिंग होने तक आवश्यक देखभाल प्रदान की गई। इसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर दुबई के अस्पताल में लाया गया, जहाँ वे फिलहाल उपचाराधीन हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और PM मोदी का संदेश
मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनकी बहादुरी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई और उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशन हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि राजदूत ने परिवार से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भारत सरकार के पूर्ण समर्थन और सहायता का भरोसा दिलाया।
राजदूत ने की बहादुरी की प्रशंसा
राजदूत दीपक मित्तल ने कहा, 'कैप्टन स्मित ने असाधारण साहस और बहादुरी का परिचय देते हुए कई कीमती जानें बचाईं और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। हमें भारत के इस बहादुर बेटे पर बहुत गर्व है और हम उन्हें पूरा सहयोग और समर्थन देंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब प्रवासी भारतीय समुदाय और देशभर में लोग कैप्टन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
भारतीय दूतावास यूएई के अधिकारियों के साथ मिलकर कैप्टन मच्छार के इलाज और उनकी रिकवरी की निगरानी जारी रखेगा। उनके स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन आगे की रिकवरी की समयसीमा अभी निर्धारित नहीं है।