PM मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से की फोन पर बात, फ्लाईदुबई हमले के बाद सराहा साहस
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई विमान पर हुई चाकू-हमले की घटना के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से सीधे फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार की असाधारण वीरता की प्रशंसा की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री के साथ उस संकट की घड़ी में अपने अनुभव और मनोबल बनाए रखने की कहानी साझा की।
घटना का पूरा घटनाक्रम
मूल रूप से गुजरात से ताल्लुक रखने वाले कैप्टन स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई उड़ान के पायलट थे। उड़ान के दौरान को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने असाधारण साहस दिखाते हुए हमलावर का मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद की।
विमान में अधिकांश इज़राइली नागरिक सवार थे। यात्रियों ने मिलकर को-पायलट को दबोचा और बाद में विमान को उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। इज़राइली प्रधानमंत्री के अनुसार, गंभीर चोट के बावजूद कैप्टन मच्छार की हिम्मत ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।
परिजनों से भी की PM मोदी ने बात
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से भी फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशन हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। यह कदम उस समय उठाया गया जब कैप्टन मच्छार तबुक के एक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपचार ले रहे थे।
PM मोदी का एक्स पर संदेश
घटना के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था: 'कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।'
कैप्टन मच्छार की वर्तमान स्थिति
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है। भारतीय दूतावास उनकी मदद के लिए सक्रिय है। उनकी स्थिति को लेकर भारत में व्यापक सहानुभूति और प्रशंसा की लहर देखी जा रही है। उनके जल्द स्वस्थ होने पर देशवासियों की नज़रें टिकी हैं।