एयर इंडिया फ्लाइट AI2379 में भारी टर्बुलेंस: 4 क्रू मेंबर अस्पताल में भर्ती, एक की रीढ़ में फ्रैक्चर
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379, जो थाईलैंड के फुकेत से नई दिल्ली आ रही थी, को मंगलवार, 4 अगस्त को उड़ान के दौरान अचानक भारी टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसमें सात लोग घायल हो गए — जिनमें चार क्रू मेंबर शामिल हैं जो अभी भी फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती हैं। विमान ने दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया।
घटनाक्रम: क्या हुआ उड़ान के दौरान
उड़ान के दौरान विमान में अचानक प्रेशर ड्रॉप हुआ और तीव्र वर्टिकल झटका लगा, जिससे विमान की ऊँचाई क्षणिक रूप से ऊपर-नीचे हुई। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि टर्बुलेंस के कारण कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों को असहजता और चोटें आईं। लैंडिंग के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल भेजा गया।
घायलों की स्थिति: डॉक्टर का बयान
फोर्टिस हॉस्पिटल के इमरजेंसी हेड डॉ. उज्ज्वल वैद ने बताया, 'कुल सात मरीज अस्पताल लाए गए। इनमें से तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि चार क्रू मेंबर अभी भी भर्ती हैं।'
डॉ. वैद के अनुसार, भर्ती चारों क्रू मेंबर महिलाएँ हैं और उनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इनमें से एक क्रू मेंबर की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर है, एक अन्य को संदिग्ध चोट है, और एक के पेल्विस में चोट लगने का संदेह है। डॉक्टर ने राहत देते हुए कहा कि किसी भी मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर नहीं है।
अस्पताल से छुट्टी पाने वालों में दो महिलाएँ — जिनकी उम्र करीब 30 और 20 वर्ष है — और एक 35 वर्षीय पुरुष शामिल हैं।
अस्पताल की त्वरित प्रतिक्रिया
डॉ. वैद ने बताया कि दोपहर करीब 12.45 बजे एयरपोर्ट से सूचना मिली कि स्पाइनल इंजरी की आशंका वाले मरीज आ रहे हैं। उस समय चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं थी, लेकिन 5 से 8 मरीजों के आने की संभावना जताई गई थी। इस पर अस्पताल की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को तुरंत सक्रिय किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि फोर्टिस में इस तरह की आपात स्थितियों से निपटने के लिए नियमित मॉक ड्रिल की जाती हैं।
एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर घटना की पुष्टि की और कहा कि उड़ान के दौरान टर्बुलेंस के कारण कुछ यात्रियों को असहजता हुई। कंपनी ने कहा कि लैंडिंग के बाद सभी प्रभावित यात्रियों और क्रू सदस्यों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर विमानों में टर्बुलेंस की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिसे जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की ओर से अभी तक कोई औपचारिक जाँच की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की घटनाओं में नियामक समीक्षा की प्रक्रिया स्वतः शुरू होती है। अस्पताल में भर्ती चारों क्रू मेंबरों की स्थिति पर निगरानी जारी है।