3 सितंबर 2026
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ईएलसी 2.0 से युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना जगाएगा चुनाव आयोग: सीईसी ज्ञानेश कुमार का गोवा में संबोधन

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ईएलसी 2.0 से युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना जगाएगा चुनाव आयोग: सीईसी ज्ञानेश कुमार का गोवा में संबोधन

सारांश

चुनाव आयोग का ELC 2.0 महज एक क्लब नेटवर्क नहीं — यह 25 करोड़ छात्रों तक लोकतांत्रिक चेतना पहुँचाने की महत्वाकांक्षी कोशिश है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने गोवा से इसे डिजिटल धार दी, ईसीआईनेट के ज़रिए पारदर्शिता और युवा भागीदारी को एक साथ साधने का प्रयास।

मुख्य बातें

सीईसी ज्ञानेश कुमार ने 3 सितंबर 2026 को पणजी, गोवा में ECI की चौथी क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
ELC 2.0 अभियान 'लर्न डेमोक्रेसी, लीड डेमोक्रेसी' टैगलाइन के साथ स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता फैलाएगा।
भारत में 15 लाख स्कूल , 25 करोड़ छात्र और 1,500 विश्वविद्यालयों में 4.33 करोड़ छात्र इस नेटवर्क के दायरे में आएंगे।
ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म मतदाताओं को एकीकृत चुनाव सेवाएँ और सूचनाएँ उपलब्ध कराएगा।
दौरे के दौरान 1,000 से अधिक BLO को भी संबोधित किया गया और SIR प्रक्रिया में उनकी भूमिका की सराहना की गई।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 3 सितंबर 2026 को पणजी, गोवा में आयोजित भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की चौथी क्षेत्रीय सम्मेलन में कहा कि इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) युवाओं को सत्य के साथ खड़े रहने और भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे को सुदृढ़ करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सशक्त करेंगे। गोवा के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों व शिक्षकों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने इस पहल को युवा पीढ़ी और लोकतंत्र के बीच एक सेतु बताया।

ईएलसी 2.0 — क्या है यह पहल

'लर्न डेमोक्रेसी, लीड डेमोक्रेसी' टैगलाइन के साथ शुरू किए गए ELC 2.0 अभियान का उद्देश्य देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों को अधिक संगठित, प्रभावी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाना है। यह पहल विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने के लिए तैयार की गई है।

इन क्लबों के माध्यम से युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना और ईसीआईनेट ऐप सहित निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।

ईसीआईनेट — पारदर्शिता का डिजिटल माध्यम

ज्ञानेश कुमार ने ईसीआईनेट को मतदाताओं के लिए पारदर्शिता का अहम साधन बताया। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म देशभर में चुनाव संबंधी सेवाओं और सूचनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा। ELC 2.0 इसी प्लेटफॉर्म के ज़रिए वर्षभर चुनावी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियाँ एक समर्पित पोर्टल पर संचालित करेगा।

शैक्षणिक नेटवर्क की विशालता

निर्वाचन आयोग के आँकड़ों के अनुसार, भारत में करीब 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ छात्र और 1 करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालय, लगभग 70,000 शिक्षण संस्थान और 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाना चुनाव आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है। ELC 2.0 इस विशाल शैक्षणिक नेटवर्क को चुनावी शिक्षा के माध्यम के रूप में उपयोग करेगा।

चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर ज़ोर

मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भारत में चुनाव संविधान, संबंधित कानूनों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के हर चरण पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की समानांतर निगरानी रहती है।

गोवा दौरे का व्यापक कार्यक्रम

ज्ञानेश कुमार अपने दो दिवसीय गोवा दौरे पर हैं। इससे एक दिन पहले, बुधवार को उन्होंने राज्यभर के 1,000 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को संबोधित किया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के सफल संचालन में उनकी भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया, जिसमें छात्रों ने भारत की चुनावी प्रक्रिया पर सीधे सवाल पूछे।

गौरतलब है कि यह क्षेत्रीय सम्मेलन ECI की चौथी कड़ी है, जो देशभर में चुनावी साक्षरता को जमीनी स्तर तक ले जाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में इस नेटवर्क का विस्तार और अधिक राज्यों में किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और पिछले ELC के अनुभव बताते हैं कि कागज़ी संख्याएँ ज़मीनी सक्रियता से अक्सर आगे रहती हैं। ईसीआईनेट का डिजिटल आयाम उत्साहजनक है, पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल पहुँच की खाई इसकी वास्तविक परीक्षा होगी। युवाओं को 'लोकतंत्र सीखने' से 'लोकतंत्र चलाने' तक ले जाने की यात्रा सिर्फ एक ऐप या पोर्टल से नहीं होगी — उसके लिए निरंतर संस्थागत प्रतिबद्धता चाहिए।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) 2.0 क्या है?
ELC 2.0 भारत निर्वाचन आयोग की एक पहल है, जो 'लर्न डेमोक्रेसी, लीड डेमोक्रेसी' टैगलाइन के साथ देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता क्लबों को डिजिटल रूप से सक्षम और संगठित बनाती है। इसका लक्ष्य पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है।
ईसीआईनेट (ECInet) क्या है और यह कैसे काम करेगा?
ईसीआईनेट एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो देशभर में चुनाव संबंधी सेवाओं और सूचनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा। ELC 2.0 इसी प्लेटफॉर्म के ज़रिए वर्षभर चुनावी साक्षरता गतिविधियाँ संचालित करेगा।
ELC 2.0 से कितने छात्र और संस्थान जुड़ेंगे?
निर्वाचन आयोग के आँकड़ों के अनुसार, भारत में करीब 15 लाख स्कूल, 25 करोड़ छात्र और 1 करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा में करीब 1,500 विश्वविद्यालय, 70,000 शिक्षण संस्थान और 4.33 करोड़ छात्र इस नेटवर्क के दायरे में आएंगे।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने गोवा दौरे में और क्या किया?
अपने दो दिवसीय गोवा दौरे के दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को राज्य के 1,000 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को संबोधित किया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में उनकी भूमिका की सराहना की।
ELC 2.0 में युवाओं को कौन-सी जानकारियाँ दी जाएंगी?
इन क्लबों के माध्यम से युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान प्रक्रिया, मतगणना, ईसीआईनेट ऐप और निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की गहरी समझ देना है।
राष्ट्र प्रेस
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