मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा: युवाओं और 500 बीएलओ से सीधा संवाद करेंगे
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल 24-25 अगस्त को उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवा मतदाताओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाना और जमीनी स्तर पर निर्वाचन तंत्र को सुदृढ़ करना है। लखनऊ पहुँचते ही ज्ञानेश कुमार ने इस शहर को अपनी 'तपोभूमि' बताया, जहाँ उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई और जिससे उनका गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'लखनऊ मेरी तपोभूमि रही है, यहाँ मेरी शिक्षा भी हुई है। हम उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने के लिए आए हैं। खासतौर से बूथ-लेवल अधिकारियों, जो लोकतंत्र की आधारशिला हैं, से संवाद होगा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और स्कूलों में भी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और पूरी प्रक्रिया को समझाने के लिए कार्यक्रम होंगे।'
गौरतलब है कि ज्ञानेश कुमार ने वर्ष 1979 में हाईस्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाईस्कूल में करीब 10 लाख और इंटरमीडिएट में करीब 6 लाख विद्यार्थियों के बीच यह उपलब्धि उन्होंने हासिल की थी।
कार्यक्रम का विस्तृत कार्यक्रम
24 अगस्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज के अवध सभागार में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे — यही वह संस्थान है जहाँ उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई थी। इसके बाद वे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
यह क्षेत्रीय सम्मेलन उत्तर प्रदेश में तीन चरणों में — लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में — आयोजित किया जाएगा। लखनऊ चरण में 20 जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और मीडिया नोडल अधिकारी भाग लेंगे। 120 विधानसभा क्षेत्रों के 440 शैक्षणिक संस्थानों से करीब 1,500 विद्यार्थी, शिक्षक, प्राचार्य और संस्थान प्रमुख इसमें शामिल होंगे।
ईएलसी 2.0: नई पीढ़ी के लिए नया मंच
भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2018 में एसवीईईपी कार्यक्रम के अंतर्गत निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्वाचन प्रक्रिया से परिचित कराना था। अब डिजिटल युग की माँग और युवाओं की बदलती भागीदारी को देखते हुए इसे ईएलसी 2.0 के रूप में नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में क्लबों को वर्षभर सक्रिय, अनुभवात्मक और डिजिटल रूप से सक्षम मंच बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सम्मेलन में विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी लाइव डेमो के जरिए दी जाएगी। साथ ही ईसीआईनेट के डिजिटल तंत्र और नए ईएलसी पोर्टल के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों को ईएलसी 2.0 से जोड़ने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी।
बीएलओ से सीधा संवाद
दौरे के दूसरे दिन 25 अगस्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मॉर्स हॉल में लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद करेंगे। बीएलओ मतदाता और निर्वाचन तंत्र के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं — मतदाता सूची को अद्यतन रखने, पात्र मतदाताओं को जोड़ने, घर-घर संपर्क करने और जमीनी सत्यापन में उनकी भूमिका अत्यंत निर्णायक होती है।
आम जनता और युवाओं पर असर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि यह दो दिवसीय कार्यक्रम विद्यार्थियों और भावी मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ देने के साथ ही बीएलओ के जमीनी अनुभवों और सुझावों को सीधे आयोग तक पहुँचाने का अवसर देगा। इससे निर्वाचन प्रक्रिया को और प्रभावी, सुगम और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में आकार लेने लगी हैं और युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाना आयोग की प्राथमिकता बन चुकी है।