18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पटना में लॉन्च किया ईएलसी 2.0, 15 लाख स्कूलों तक पहुँचेगी चुनावी साक्षरता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पटना में लॉन्च किया ईएलसी 2.0, 15 लाख स्कूलों तक पहुँचेगी चुनावी साक्षरता

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने ईएलसी 2.0 के ज़रिए देश के 15 लाख स्कूलों और 70 हज़ार उच्च शिक्षण संस्थानों को चुनावी जागरूकता के नेटवर्क से जोड़ने की महत्वाकांक्षी शुरुआत की है। यह पहल डिजिटल ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म पर आधारित है और युवाओं को लोकतंत्र का सक्रिय भागीदार बनाने पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 17 अगस्त 2026 को पटना के ज्ञान भवन में ईएलसी 2.0 का लोकार्पण किया।
ईएलसी 2.0 देश के 15 लाख स्कूलों , 25 करोड़ छात्रों और 4.33 करोड़ उच्च शिक्षा छात्रों तक चुनावी साक्षरता पहुँचाएगा।
क्लबों को ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समर्पित पोर्टल के ज़रिए संचालित किया जाएगा।
नई टैगलाइन 'लोकतंत्र को जानें, लोकतंत्र को आगे बढ़ाएं' और नया लोगो भी जारी किया गया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने 16-17 अगस्त की बिहार यात्रा में मधुबनी, वैशाली और नालंदा में जमीनी चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 17 अगस्त 2026 को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित 'चुनावी साक्षरता क्लब और ईसीआईनेट' सम्मेलन के दौरान ईएलसी 2.0 — यानी इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के नए और उन्नत संस्करण — का औपचारिक लोकार्पण किया। भारत निर्वाचन आयोग की इस पहल का लक्ष्य देश के 15 लाख स्कूलों, 1,500 विश्वविद्यालयों और 70 हज़ार उच्च शिक्षण संस्थानों में चुनावी जागरूकता को संस्थागत रूप देना है।

ईएलसी 2.0: नई पहल में क्या है खास

ईएलसी 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संचालित चुनावी साक्षरता क्लबों को डिजिटल रूप से सक्षम और व्यवस्थित प्लेटफॉर्म के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा। इसके लिए आयोग के ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग होगा, जहाँ एक ही क्लिक पर निर्वाचक नामावली से लेकर मतदान तक की समस्त चुनाव-संबंधी सेवाएँ उपलब्ध होंगी।

ईसीआईनेट पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल विकसित कर पूरे देश में इन क्लबों का सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इन क्लबों के माध्यम से वर्षभर निरंतर गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी, ताकि युवा नागरिकों के साथ-साथ उनके परिवार, शिक्षण संस्थान और समुदायों में भी चुनावी जागरूकता का विस्तार हो।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त का संबोधन

ज्ञानेश कुमार ने सम्मेलन में कहा कि शैक्षणिक संस्थान चुनावी प्रक्रियाओं में जनविश्वास को सुदृढ़ करने, साक्षरता बढ़ाने और सजग लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पूर्ण पारदर्शिता के साथ कराए जाते हैं और हर चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है।

उन्होंने कहा, 'युवा नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना लोकतंत्र के भविष्य में निवेश है।' कार्यक्रम में ईएलसी का नया लोगो और टैगलाइन 'लोकतंत्र को जानें, लोकतंत्र को आगे बढ़ाएं' भी जारी की गई, जो पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है।

भारत का शैक्षिक इकोसिस्टम: आँकड़े जो बताते हैं क्षमता

आयोग के अनुसार, भारत का शैक्षिक नेटवर्क अत्यंत विशाल है। देश में लगभग 15 लाख स्कूल हैं, जिनमें करीब 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और 70 हज़ार शिक्षण संस्थान हैं, जहाँ अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र अध्ययनरत हैं। ईएलसी 2.0 इसी विशाल आधार का उपयोग कर तथ्य और अनुभव-आधारित चुनावी शिक्षा देने का माध्यम बनेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब युवा मतदाताओं की भागीदारी को लेकर चुनावी विमर्श में लगातार चर्चा होती रही है। गौरतलब है कि पहले के ईएलसी संस्करण में डिजिटल एकीकरण की कमी एक प्रमुख सीमा मानी जाती थी — ईएलसी 2.0 इसी अंतर को पाटने का प्रयास है।

बिहार दौरे में जमीनी तैयारियों का जायज़ा

पटना कार्यक्रम से पूर्व, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने 16-17 अगस्त की दो दिवसीय बिहार यात्रा के दौरान नालंदा के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने मधुबनी, वैशाली और नालंदा क्षेत्रों का भी दौरा कर जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों का मूल्यांकन किया।

आगे की राह

ईएलसी 2.0 का उद्देश्य केवल मतदाता पंजीकरण या मतदान प्रतिशत बढ़ाने तक सीमित नहीं है — यह भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और विश्वसनीयता के प्रति दीर्घकालिक जागरूकता निर्मित करने की कोशिश है। ईसीआईनेट पोर्टल के माध्यम से इन क्लबों की गतिविधियों की निगरानी और मापन भी संभव होगा, जो इस पहल को पिछले प्रयासों से अलग बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

25 करोड़ छात्र — लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ईसीआईनेट पोर्टल इन क्लबों की गतिविधियों को वास्तव में मापने योग्य बना पाता है या नहीं। पिछले ईएलसी संस्करण की सबसे बड़ी कमज़ोरी यही थी कि क्लब कागज़ों पर तो बने, लेकिन जमीन पर निष्क्रिय रहे। डिजिटल एकीकरण एक सही दिशा है, पर बिना शिक्षकों के प्रशिक्षण और संस्थागत जवाबदेही के, यह पहल भी पिछली घोषणाओं की तरह सुर्खियों तक सिमट सकती है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईएलसी 2.0 क्या है और यह पुराने ईएलसी से कैसे अलग है?
ईएलसी 2.0 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू किए गए इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का उन्नत संस्करण है, जिसे ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। पुराने संस्करण की तुलना में यह अधिक व्यवस्थित, डिजिटल रूप से सक्षम और वर्षभर सक्रिय रहने वाला नेटवर्क होगा।
ईएलसी 2.0 से कितने छात्र लाभान्वित होंगे?
आयोग के आँकड़ों के अनुसार, इस पहल की पहुँच देश के लगभग 15 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले 25 करोड़ छात्रों और उच्च शिक्षा के 4.33 करोड़ छात्रों तक होगी। इसमें एक करोड़ से अधिक शिक्षक भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे।
ईसीआईनेट क्या है और इसका ईएलसी से क्या संबंध है?
ईसीआईनेट भारत निर्वाचन आयोग का व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहाँ निर्वाचक नामावली से लेकर मतदान तक की सभी चुनाव-संबंधी सेवाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। ईएलसी 2.0 के तहत इसी प्लेटफॉर्म पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल बनाया जाएगा, जो देशभर के क्लबों को एकीकृत करेगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त की बिहार यात्रा का उद्देश्य क्या था?
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 16-17 अगस्त को दो दिवसीय बिहार दौरे के दौरान नालंदा के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। साथ ही मधुबनी, वैशाली और नालंदा क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों का मूल्यांकन किया।
ईएलसी 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य युवा नागरिकों को भारत की चुनावी प्रणाली, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया से परिचित कराना है। साथ ही चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के प्रति दीर्घकालिक जागरूकता निर्मित करना और युवाओं को सजग लोकतांत्रिक भागीदार बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले