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ज्ञानेश कुमार: ELC 2.0 से 25 करोड़ छात्र बनेंगे लोकतंत्र के प्रहरी, चेन्नई सम्मेलन में बड़ा संदेश

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ज्ञानेश कुमार: ELC 2.0 से 25 करोड़ छात्र बनेंगे लोकतंत्र के प्रहरी, चेन्नई सम्मेलन में बड़ा संदेश

सारांश

चेन्नई में ELC 2.0 सम्मेलन महज़ एक कार्यक्रम नहीं था — यह 25 करोड़ छात्रों को लोकतंत्र की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ECINet के ज़रिये देशभर में चुनावी साक्षरता का एकीकृत डिजिटल नेटवर्क बनाने की परिकल्पना रखी।

मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 27 अगस्त 2026 को चेन्नई में ELC 2.0 के तीसरे क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
ELC 2.0 के तहत 15 लाख स्कूलों और 70,000 उच्च शिक्षा संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब स्थापित किए जाएंगे।
देश में 25 करोड़ स्कूली छात्र और 4.33 करोड़ उच्च शिक्षा छात्र इस नेटवर्क के दायरे में आएंगे।
ECINet प्लेटफॉर्म पर समर्पित ELC पोर्टल बनेगा, जो वर्षभर चुनावी साक्षरता गतिविधियाँ संचालित करेगा।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 86.03 प्रतिशत मतदान के साथ राज्य का सर्वाधिक मतदान दर्ज हुआ।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 27 अगस्त 2026 को चेन्नई में आयोजित तीसरे क्षेत्रीय सम्मेलन में स्पष्ट किया कि आज के छात्र ही कल के लोकतंत्र की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में स्थापित किए जा रहे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC 2.0) विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करेंगे।

सम्मेलन का स्वरूप और भागीदारी

भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने चेन्नई में 'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC 2.0) और ECINet' विषय पर यह तीसरा क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें तमिलनाडु और पुडुचेरी के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में छात्रों और बूथ लेवल अधिकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ सीधे प्रश्नोत्तर सत्र में हिस्सा लिया।

मुख्य चुनाव आयुक्त का संदेश

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना और चुनाव प्रणाली पर उनका विश्वास सुदृढ़ करना, लोकतंत्र के भविष्य में किया गया सबसे मूल्यवान निवेश है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे भारत की चुनावी व्यवस्था, मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को गहराई से समझें।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए जाते हैं। प्रत्येक चरण की निगरानी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होती है।

ELC 2.0 और ECINet: डिजिटल मंच की परिकल्पना

निर्वाचन आयोग ने 'Learn Democracy, Lead Democracy' टैगलाइन के साथ ELC 2.0 की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब को एक डिजिटल और संगठित मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। ECINet प्लेटफॉर्म के ज़रिये एक समर्पित ELC पोर्टल तैयार किया जाएगा, जो वर्षभर चुनावी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित करेगा और देशभर में ELC का एकीकृत नेटवर्क खड़ा करेगा।

आम जनता पर असर: आँकड़ों की भाषा

आयोग के अनुसार, देश में करीब 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ छात्र और 1 करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालय, 70,000 शैक्षणिक संस्थान और लगभग 4.33 करोड़ छात्र हैं। इस विशाल नेटवर्क के माध्यम से ELC 2.0 का लक्ष्य युवाओं में चुनावी प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ विकसित करना और उन्हें जागरूक लोकतांत्रिक भागीदारी का दूत बनाना है।

बूथ लेवल अधिकारियों से संवाद

सम्मेलन से पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने तमिलनाडु के 500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से सीधा संवाद किया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के सफल संचालन के लिए BLO की सराहना की। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में 4.93 करोड़ मत पड़े और 86.03 प्रतिशत मतदान के साथ राज्य के इतिहास में सर्वाधिक मतदान दर्ज हुआ — इस उपलब्धि पर उन्होंने BLO को बधाई दी।

यह पहल ऐसे समय में आई है जब देश में युवा मतदाताओं की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और चुनावी प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना नीति-निर्माताओं की प्राथमिकता बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती क्रियान्वयन की है — 15 लाख स्कूलों तक डिजिटल पोर्टल की पहुँच सुनिश्चित करना, विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में, एक बड़ा प्रश्न है। गौरतलब है कि ELC 1.0 भी इसी लक्ष्य के साथ आया था, लेकिन उसके व्यापक प्रभाव के आँकड़े अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं। तमिलनाडु का 86.03 प्रतिशत मतदान उत्साहजनक है, पर यह भी देखना होगा कि क्या ELC जैसी पहलें वाकई युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं या यह केवल संस्थागत उपस्थिति का विस्तार है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC 2.0) क्या है?
ELC 2.0 भारतीय निर्वाचन आयोग की एक पहल है, जिसके तहत देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता क्लब को डिजिटल और संगठित मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य 25 करोड़ से अधिक छात्रों को मतदाता पंजीकरण, मतदान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी देना है।
ECINet पोर्टल क्या करेगा?
ECINet प्लेटफॉर्म पर एक समर्पित ELC पोर्टल बनाया जाएगा, जो वर्षभर चुनावी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित करेगा और देशभर के ELC का एकीकृत डिजिटल नेटवर्क तैयार करेगा। इससे छात्र ऑनलाइन मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे।
चेन्नई सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुए?
तमिलनाडु और पुडुचेरी के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षक इस सम्मेलन में शामिल हुए। इसके अलावा तमिलनाडु के 500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ सीधे संवाद में भाग लिया।
तमिलनाडु में सर्वाधिक मतदान का रिकॉर्ड कब बना?
हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 4.93 करोड़ मत पड़े और 86.03 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो राज्य के इतिहास में सर्वाधिक है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए BLO को बधाई दी।
ELC 2.0 से कितने छात्र और संस्थान जुड़ेंगे?
निर्वाचन आयोग के अनुसार देश में करीब 15 लाख स्कूल, 25 करोड़ छात्र और 1 करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा में करीब 1,500 विश्वविद्यालय, 70,000 संस्थान और 4.33 करोड़ छात्र ELC 2.0 के दायरे में आएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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