17 अगस्त 2026
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चुनावी साक्षरता पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जोर, पटना में ELC 2.0 और ECINet लॉन्च

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चुनावी साक्षरता पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जोर, पटना में ELC 2.0 और ECINet लॉन्च

सारांश

पटना के ज्ञान भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ELC 2.0 और ECINet लॉन्च किया — 15 लाख स्कूलों और 4.33 करोड़ उच्च शिक्षा छात्रों तक चुनावी जागरूकता पहुँचाने की महत्वाकांक्षी योजना। नई टैगलाइन 'लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें' युवाओं को लोकतंत्र का सक्रिय दूत बनाने का संदेश देती है।

मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 17 अगस्त 2026 को पटना के ज्ञान भवन में ELC 2.0 और ECINet सम्मेलन का उद्घाटन किया।
नया लोगो और टैगलाइन 'लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें' लॉन्च की गई।
भारत में 15 लाख स्कूल , 25 करोड़ छात्र और 1 करोड़ से अधिक शिक्षक ; उच्च शिक्षा में 4.33 करोड़ छात्र — इस नेटवर्क के ज़रिए चुनावी साक्षरता फैलाने का लक्ष्य।
ELC 2.0 को ECINet पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जो सभी चुनाव-संबंधी सेवाएँ एकल मंच पर देता है।
दो दिवसीय बिहार दौरे में मधुबनी , वैशाली और नालंदा में चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 17 अगस्त 2026 को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स और ECINet सम्मेलन में स्पष्ट रूप से कहा कि युवाओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास सुदृढ़ करने में शिक्षा संस्थान सबसे प्रभावी माध्यम हैं। इस अवसर पर चुनाव आयोग ने देशभर में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स (ELC) 2.0 की औपचारिक शुरुआत की।

मुख्य घटनाक्रम

सम्मेलन में ELC का नया लोगो और नई टैगलाइन — 'लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें' — लॉन्च की गई। यह टैगलाइन पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को लोकतंत्र को समझने के साथ-साथ उसमें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का संदेश देती है।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत में चुनाव संविधान, कानूनों और आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता से आयोजित होते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चुनाव प्रक्रिया के हर चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है, जिससे चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहती है।

ELC 2.0 की रूपरेखा

चुनाव आयोग के अनुसार, ELC 2.0 को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक संगठित, प्रभावी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा। पूरे वर्ष विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से न केवल युवाओं, बल्कि उनके परिवारों और समुदायों में भी चुनावी जागरूकता फैलाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह पहल ECINet डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी, जो मतदाता सूची से लेकर मतदान तक की सभी चुनाव-संबंधी सेवाएँ एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। आयोग ने बताया कि ECINet पर एक समर्पित ELC पोर्टल के ज़रिए देशभर में क्लबों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

शैक्षणिक नेटवर्क की ताकत

चुनाव आयोग ने बताया कि भारत में लगभग 15 लाख स्कूल, 25 करोड़ छात्र और 1 करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालय, 70,000 शिक्षण संस्थान और 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं। इस विशाल शैक्षणिक ढाँचे के ज़रिए चुनावी साक्षरता को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि छात्रों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनावी व्यवस्था, मतदाता पंजीकरण, मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया तथा आयोग की भूमिका से परिचित कराना आज की ज़रूरत है। उनके शब्दों में, 'युवा नागरिकों का जागरूक और सूचित सहभाग लोकतंत्र के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण निवेश है।'

बिहार दौरे की समीक्षा

इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने नालंदा के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बैठक की। अपने 16-17 अगस्त 2026 के दो दिवसीय बिहार दौरे के दौरान उन्होंने मधुबनी, वैशाली और नालंदा जिलों में चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

आगे की राह

आयोग का मानना है कि ELC 2.0 युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की तथ्यात्मक और व्यावहारिक जानकारी देगा और भारत की चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता व विश्वसनीयता के बारे में जागरूकता बढ़ाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक भागीदारी का सक्रिय दूत बनाना है — एक ऐसा लक्ष्य जिसकी परीक्षा क्रियान्वयन के स्तर पर होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पहली बार नहीं है जब चुनाव आयोग ने शैक्षणिक संस्थानों के ज़रिए मतदाता जागरूकता का बड़ा लक्ष्य रखा हो — ELC का पहला संस्करण भी इसी सोच के साथ आया था, पर उसके असर का कोई सार्वजनिक मूल्यांकन उपलब्ध नहीं है। 25 करोड़ छात्रों तक पहुँचने का दावा तब तक अधूरा है जब तक स्कूल-स्तर पर क्रियान्वयन की जवाबदेही तय न हो। ECINet एकीकरण तकनीकी रूप से आशाजनक है, लेकिन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल पहुँच की खाई इसकी वास्तविक सफलता की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0 क्या है?
ELC 2.0 चुनाव आयोग की वह पहल है जिसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए चुनावी जागरूकता फैलाई जाएगी। इसे ECINet पोर्टल से जोड़ा जाएगा और पूरे वर्ष विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित होंगी।
ECINet डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या सुविधाएँ देता है?
ECINet एक एकीकृत डिजिटल मंच है जो मतदाता सूची से लेकर मतदान तक की सभी चुनाव-संबंधी सेवाएँ एक ही जगह उपलब्ध कराता है। इस पर ELC के लिए एक समर्पित पोर्टल भी बनाया जाएगा जिससे देशभर के क्लबों का नेटवर्क जुड़ेगा।
ELC 2.0 से कितने छात्र और संस्थान जुड़ेंगे?
चुनाव आयोग के अनुसार भारत में लगभग 15 लाख स्कूल, 25 करोड़ छात्र और 1 करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा में करीब 1,500 विश्वविद्यालय, 70,000 शिक्षण संस्थान और 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं — यही ELC 2.0 का लक्षित आधार है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बिहार दौरे का उद्देश्य क्या था?
16-17 अगस्त 2026 के दो दिवसीय दौरे में ज्ञानेश कुमार ने मधुबनी, वैशाली और नालंदा जिलों में चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। नालंदा के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई।
ELC 2.0 की नई टैगलाइन क्या है और इसका क्या महत्व है?
नई टैगलाइन 'लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें' है, जो पटना सम्मेलन में लॉन्च की गई। यह युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को लोकतंत्र को समझने के साथ-साथ उसमें सक्रिय और सार्थक भागीदारी के लिए प्रेरित करने का संदेश देती है।
राष्ट्र प्रेस
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