सीईसी ज्ञानेश कुमार बोले — छात्र विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य, लखनऊ में ELC 2.0 सम्मेलन
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने 24 अगस्त 2026 को लखनऊ में आयोजित 'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC 2.0) और ECINET' के दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवा नागरिकों में चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को सुदृढ़ करना है।
सम्मेलन का मुख्य संदेश
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं की जानकारी और उनकी गहरी समझ लोकतंत्र को समृद्ध बनाने की बुनियाद है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ELC इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक अनिवार्य मंच है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में चुनाव भारत के संविधान, प्रचलित कानूनों और ECI के निर्देशों के अनुसार, सभी चरणों में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाते हैं। युवा मतदाताओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान प्रक्रिया, मतगणना और ECI की भूमिका से परिचित कराना इस पहल का केंद्रीय लक्ष्य है।
ELC 2.0 — 'लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें'
ELC 2.0 की टैगलाइन 'लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें' है। यह पहल स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों को एक व्यवस्थित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम मंच के रूप में पुनर्गठित करती है। इसमें साल भर चलने वाली गतिविधियों की परिकल्पना की गई है, जो युवाओं के साथ-साथ उनके परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों तक चुनावी जागरूकता पहुँचाएंगी।
सीईसी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में युवाओं का भरोसा और उनकी जानकारीपूर्ण भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में एक दीर्घकालिक निवेश है। यह पहल पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों को न केवल लोकतंत्र को समझने, बल्कि उसमें सार्थक रूप से भाग लेने और उसकी प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
ECINET — एक बटन पर चुनावी सेवाएँ
ELC 2.0 और ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगा, जो एक ही क्लिक पर वोटर लिस्ट से लेकर मतदान तक की समस्त चुनावी सेवाएँ उपलब्ध कराता है। ECINET पर एक विशेष ELC पोर्टल के माध्यम से पूरे देश में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों का एक सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
भारत का विशाल शैक्षणिक तंत्र — संख्याओं में
यह पहल भारत के विशाल शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र की दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। देश में लगभग 15 लाख स्कूल हैं, जिनमें करीब 25 करोड़ छात्र और 1 करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और करीब 70,000 शैक्षणिक संस्थान हैं, जिनमें अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र अध्ययनरत हैं।
इस विशाल संस्थागत नेटवर्क के माध्यम से ELC 2.0 का लक्ष्य तथ्यों और अनुभव पर आधारित चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देना, भारतीय चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के प्रति जागरूकता फैलाना और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक भागीदारी का दूत बनाना है।
कोल्विन तालुकदार कॉलेज का दौरा और आगे की योजना
सम्मेलन से पहले सीईसी ज्ञानेश कुमार ने अपने पूर्व कॉलेज कोल्विन तालुकदार कॉलेज, लखनऊ का दौरा किया और वहाँ के शिक्षकों व छात्रों से संवाद किया। दौरे के दूसरे दिन वे उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के साथ बैठक करेंगे। गौरतलब है कि यह सम्मेलन श्रृंखला का दूसरा क्षेत्रीय आयोजन है, जो चुनावी साक्षरता को ज़मीनी स्तर तक ले जाने की ECI की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।