परंदूर एयरपोर्ट रद्द और एलपीजी वादाखिलाफी पर भाजपा का विजय सरकार पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने सोमवार, 24 अगस्त को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर दो मोर्चों पर जोरदार हमला बोला — परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द करने का फैसला और चुनावी वादे के मुकाबले एलपीजी सिलेंडर की संख्या में कटौती। तिरुपति ने इन दोनों कदमों को राज्य सरकार की 'अपरिपक्वता और अक्षमता' का प्रमाण बताया।
परंदूर एयरपोर्ट पर भाजपा का रुख
तिरुपति ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। चार-पाँच साल से अधिक समय से सरकार एक नए एयरपोर्ट प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी, जिससे तमिलनाडु की पूरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता — यह सब बेकार चला गया।' उन्होंने सीएम विजय के इस फैसले को 'निंदनीय' और 'तमिलनाडु के हित में नहीं' बताया।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में चुनौतियाँ आना स्वाभाविक है, लेकिन उनका समाधान संवाद और उचित मुआवजे के जरिये निकाला जाना चाहिए था — न कि पूरे प्रोजेक्ट को ही रद्द करके। उन्होंने कहा, 'आप लोगों से बात कर सकते हैं और उचित मुआवजा दे सकते हैं। यही एकमात्र तरीका है।'
एलपीजी योजना पर वादाखिलाफी का आरोप
विजय सरकार ने उसी दिन तमिलनाडु विधानसभा में 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना की घोषणा की, जिसके तहत पात्र परिवारों को सालाना तीन एलपीजी सिलेंडर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी। यह योजना पोंगल 2027 से लागू होगी और ₹2.5 लाख से कम वार्षिक आय वाले लगभग 1.30 करोड़ परिवारों को लाभ मिलने का अनुमान है। राज्य सरकार के अनुसार इस पर सालाना लगभग ₹4,000 करोड़ का व्यय होगा।
तिरुपति ने इस पर तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'चुनाव के दौरान उनके घोषणापत्र में सभी परिवारों को हर साल छह सिलेंडर देने का वादा था, लेकिन अब सिर्फ तीन सिलेंडर दिए जा रहे हैं। आपने तमिलनाडु के लोगों को धोखा क्यों दिया?' उन्होंने यह भी कहा कि न केवल सिलेंडर की संख्या घटाई गई है, बल्कि लाभार्थियों की संख्या में भी 'भारी कमी' आई है।
सरकार की प्रतिक्रिया और संदर्भ
गौरतलब है कि परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट चेन्नई के निकट प्रस्तावित था और इसे राज्य की हवाई संपर्क क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। इस प्रोजेक्ट पर कई वर्षों से भूमि अधिग्रहण और स्थानीय विरोध को लेकर विवाद चल रहा था। विजय सरकार की ओर से इस आलोचना पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
आम जनता पर असर
यदि भाजपा के दावे सही हैं, तो 1.30 करोड़ परिवारों को चुनावी वादे के अनुसार छह की बजाय तीन सिलेंडर ही मिलेंगे — यानी प्रति परिवार तीन सिलेंडर की राशि कम। इसके अलावा परंदूर एयरपोर्ट रद्द होने से तमिलनाडु में संभावित निवेश और रोजगार के अवसर भी प्रभावित हो सकते हैं। तिरुपति ने भाजपा की ओर से इन दोनों फैसलों की 'कड़ी निंदा' की।
आगे क्या
भाजपा ने संकेत दिया है कि वह इन दोनों मुद्दों को जन-आंदोलन का रूप दे सकती है। 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना के क्रियान्वयन की दिशा और परंदूर प्रोजेक्ट के विकल्प पर सरकार का अगला कदम तमिलनाडु की राजनीति में निर्णायक साबित हो सकता है।