तमिलनाडु बजट 'दृष्टिहीन': भाजपा प्रवक्ता तिरुपति की कड़ी आलोचना, कावेरी सर्वदलीय बैठक का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तमिलनाडु इकाई के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने 7 अगस्त को राज्य सरकार के ताज़े बजट को 'दृष्टिहीन' करार देते हुए तीखी आलोचना की। उनका कहना है कि बजट में न तो बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने की कोई ठोस योजना है और न ही उत्पादक परिसंपत्तियाँ खड़ी करने का कोई रोडमैप। साथ ही उन्होंने कावेरी जल विवाद पर मुख्यमंत्री विजय द्वारा बुलाई जा रही सर्वदलीय बैठक का स्वागत किया।
बजट पर भाजपा की आपत्तियाँ
तिरुपति ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में तमिलनाडु का कर्ज दोगुना हो चुका है, फिर भी बजट में इसे कम करने की कोई स्पष्ट रणनीति नजर नहीं आती। उनके अनुसार, 'यह सच है कि पिछले पाँच साल में कर्ज का बोझ दोगुना हुआ है। लेकिन इस कर्ज को कम करने के लिए आपकी क्या योजना है? आपने कौन-सी परिसंपत्तियाँ बनाई हैं? कुछ भी नहीं। इस बजट में कोई दृष्टि नहीं है।'
उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्व बढ़ाने की कोई स्पष्ट योजना न होने के कारण कर्ज का बोझ कम से कम 50 प्रतिशत और बढ़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजकोषीय स्थिति पर विशेषज्ञ पहले से ही चिंता जता रहे हैं।
कृषि और बुनियादी ढाँचे पर सवाल
हालिया बजट सत्रों में कृषि और बुनियादी ढाँचे के लिए किए गए आवंटन को भी तिरुपति ने अपर्याप्त बताया। उनके शब्दों में, 'आज, कल और उससे पहले पेश किए गए कृषि बजट काफी अपरिपक्व और अव्यावहारिक लगे। यह सरकार पूरी तरह दृष्टिहीन है। बुनियादी ढाँचे में निवेश के लिए कोई रोडमैप नहीं है।' उन्होंने पूंजीगत व्यय के प्रस्तावों पर भी आश्चर्य जताया और बताया कि एन्नोर तापीय बिजली परियोजना के विस्तार के लिए ₹8,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
कावेरी जल विवाद पर भाजपा का रुख
कावेरी जल विवाद पर तिरुपति ने भरोसा दिलाया कि तमिलनाडु के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, 'कावेरी के मामले में सब कुछ कानूनी रूप से सुरक्षित है और यह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आधार पर संचालित है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण भी मौजूद है। इसलिए तमिलनाडु के हित पूरी तरह संरक्षित हैं।'
गौरतलब है कि मेकेदातु परियोजना को लेकर भाजपा का स्पष्ट विरोध है। तिरुपति ने कहा कि अगर वहाँ बाँध बना तो इसका सीधा असर तमिलनाडु पर पड़ेगा और उनकी पार्टी का रुख है कि यह बाँध नहीं बनना चाहिए।
सर्वदलीय बैठक को सकारात्मक कदम बताया
मुख्यमंत्री विजय द्वारा कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने के फैसले का भाजपा प्रवक्ता ने खुलकर स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह एक सकारात्मक कदम है। मुख्यमंत्री सभी सांसदों को बुला रहे हैं और तमिलनाडु के सभी सांसदों को इसमें शामिल होना चाहिए।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कर्नाटक में भी इसी तरह की सर्वदलीय बैठक पहले आयोजित की जा चुकी है, जिसमें विभिन्न दलों के नेता, सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हुए थे।
तिरुपति ने यह भी कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और भाजपा दोनों इस बात पर सहमत हैं कि तमिलनाडु के पानी के हिस्से में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आगे की बैठकों और विचार-विमर्श में यह साझा रुख तमिलनाडु की स्थिति को मजबूत कर सकता है।