8 अगस्त 2026
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तमिलनाडु बजट 'दृष्टिहीन': भाजपा प्रवक्ता तिरुपति की कड़ी आलोचना, कावेरी सर्वदलीय बैठक का समर्थन

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तमिलनाडु बजट 'दृष्टिहीन': भाजपा प्रवक्ता तिरुपति की कड़ी आलोचना, कावेरी सर्वदलीय बैठक का समर्थन

सारांश

भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने राज्य बजट को 'दृष्टिहीन' करार दिया — पाँच साल में कर्ज दोगुना, राजस्व की कोई योजना नहीं। कावेरी विवाद पर उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण को तमिलनाडु की सुरक्षा बताया और सर्वदलीय बैठक का स्वागत किया।

मुख्य बातें

भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने 7 अगस्त को तमिलनाडु बजट को 'दृष्टिहीन' करार दिया।
पिछले पाँच वर्षों में राज्य का कर्ज दोगुना हो चुका है; तिरुपति ने चेतावनी दी कि यह कम से कम 50 प्रतिशत और बढ़ सकता है।
एन्नोर तापीय बिजली परियोजना के विस्तार के लिए बजट में ₹8,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
भाजपा का स्पष्ट रुख — मेकेदातु बाँध नहीं बनना चाहिए; कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से तमिलनाडु के अधिकार सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री विजय की सर्वदलीय बैठक को भाजपा ने 'सकारात्मक कदम' बताते हुए सभी सांसदों से भाग लेने की अपील की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तमिलनाडु इकाई के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने 7 अगस्त को राज्य सरकार के ताज़े बजट को 'दृष्टिहीन' करार देते हुए तीखी आलोचना की। उनका कहना है कि बजट में न तो बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने की कोई ठोस योजना है और न ही उत्पादक परिसंपत्तियाँ खड़ी करने का कोई रोडमैप। साथ ही उन्होंने कावेरी जल विवाद पर मुख्यमंत्री विजय द्वारा बुलाई जा रही सर्वदलीय बैठक का स्वागत किया।

बजट पर भाजपा की आपत्तियाँ

तिरुपति ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में तमिलनाडु का कर्ज दोगुना हो चुका है, फिर भी बजट में इसे कम करने की कोई स्पष्ट रणनीति नजर नहीं आती। उनके अनुसार, 'यह सच है कि पिछले पाँच साल में कर्ज का बोझ दोगुना हुआ है। लेकिन इस कर्ज को कम करने के लिए आपकी क्या योजना है? आपने कौन-सी परिसंपत्तियाँ बनाई हैं? कुछ भी नहीं। इस बजट में कोई दृष्टि नहीं है।'

उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्व बढ़ाने की कोई स्पष्ट योजना न होने के कारण कर्ज का बोझ कम से कम 50 प्रतिशत और बढ़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजकोषीय स्थिति पर विशेषज्ञ पहले से ही चिंता जता रहे हैं।

कृषि और बुनियादी ढाँचे पर सवाल

हालिया बजट सत्रों में कृषि और बुनियादी ढाँचे के लिए किए गए आवंटन को भी तिरुपति ने अपर्याप्त बताया। उनके शब्दों में, 'आज, कल और उससे पहले पेश किए गए कृषि बजट काफी अपरिपक्व और अव्यावहारिक लगे। यह सरकार पूरी तरह दृष्टिहीन है। बुनियादी ढाँचे में निवेश के लिए कोई रोडमैप नहीं है।' उन्होंने पूंजीगत व्यय के प्रस्तावों पर भी आश्चर्य जताया और बताया कि एन्नोर तापीय बिजली परियोजना के विस्तार के लिए ₹8,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

कावेरी जल विवाद पर भाजपा का रुख

कावेरी जल विवाद पर तिरुपति ने भरोसा दिलाया कि तमिलनाडु के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, 'कावेरी के मामले में सब कुछ कानूनी रूप से सुरक्षित है और यह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आधार पर संचालित है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण भी मौजूद है। इसलिए तमिलनाडु के हित पूरी तरह संरक्षित हैं।'

गौरतलब है कि मेकेदातु परियोजना को लेकर भाजपा का स्पष्ट विरोध है। तिरुपति ने कहा कि अगर वहाँ बाँध बना तो इसका सीधा असर तमिलनाडु पर पड़ेगा और उनकी पार्टी का रुख है कि यह बाँध नहीं बनना चाहिए।

सर्वदलीय बैठक को सकारात्मक कदम बताया

मुख्यमंत्री विजय द्वारा कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने के फैसले का भाजपा प्रवक्ता ने खुलकर स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह एक सकारात्मक कदम है। मुख्यमंत्री सभी सांसदों को बुला रहे हैं और तमिलनाडु के सभी सांसदों को इसमें शामिल होना चाहिए।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कर्नाटक में भी इसी तरह की सर्वदलीय बैठक पहले आयोजित की जा चुकी है, जिसमें विभिन्न दलों के नेता, सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हुए थे।

तिरुपति ने यह भी कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और भाजपा दोनों इस बात पर सहमत हैं कि तमिलनाडु के पानी के हिस्से में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आगे की बैठकों और विचार-विमर्श में यह साझा रुख तमिलनाडु की स्थिति को मजबूत कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तमिलनाडु की राजकोषीय स्थिति पर उठाए गए सवाल बेबुनियाद नहीं हैं — राज्य का कर्ज-से-GSDP अनुपात लगातार बढ़ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि कावेरी मुद्दे पर भाजपा और DMK एक ही सुर में बोल रहे हैं, जो तमिलनाडु की राजनीति में दुर्लभ है। सर्वदलीय बैठक का समर्थन करके भाजपा ने राज्य-हित की राजनीति में खुद को शामिल किया है — यह केंद्र-राज्य तनाव के बीच एक सोचा-समझा कदम है। असली परीक्षा यह होगी कि बजट आलोचना के बाद भाजपा कोई ठोस वैकल्पिक राजकोषीय रोडमैप पेश करती है या केवल विरोध तक सीमित रहती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने तमिलनाडु बजट को 'दृष्टिहीन' क्यों कहा?
भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति के अनुसार बजट में पाँच वर्षों में दोगुने हुए कर्ज को कम करने की कोई योजना नहीं है और न ही उत्पादक परिसंपत्तियाँ बनाने का कोई रोडमैप है। उन्होंने कृषि बजट को 'अपरिपक्व और अव्यावहारिक' बताया।
तमिलनाडु का कर्ज कितना बढ़ा है?
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार पिछले पाँच वर्षों में राज्य का कर्ज दोगुना हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्व बढ़ाने की स्पष्ट योजना न होने से यह कम से कम 50 प्रतिशत और बढ़ सकता है।
कावेरी जल विवाद पर भाजपा का क्या रुख है?
भाजपा का कहना है कि तमिलनाडु के कावेरी जल अधिकार सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से पूरी तरह सुरक्षित हैं। पार्टी मेकेदातु बाँध के निर्माण का विरोध करती है।
कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई जा रही है?
मुख्यमंत्री विजय ने कावेरी जल विवाद पर सभी दलों के सांसदों को एकजुट करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। भाजपा ने इसे 'सकारात्मक कदम' बताते हुए सभी तमिलनाडु सांसदों से इसमें भाग लेने की अपील की है।
मेकेदातु बाँध से तमिलनाडु को क्या खतरा है?
भाजपा प्रवक्ता तिरुपति के अनुसार यदि कर्नाटक में मेकेदातु स्थान पर बाँध बनाया गया तो इसका सीधा असर तमिलनाडु को मिलने वाले कावेरी जल पर पड़ेगा। इसीलिए भाजपा और DMK दोनों इस बाँध के निर्माण के विरोध में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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