2 जुलाई 2026
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मेकेदातु बांध के खिलाफ तमिलनाडु कांग्रेस का प्रस्ताव, कहा — तमिलनाडु की सहमति बिना एक ईंट नहीं

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मेकेदातु बांध के खिलाफ तमिलनाडु कांग्रेस का प्रस्ताव, कहा — तमिलनाडु की सहमति बिना एक ईंट नहीं

सारांश

तमिलनाडु कांग्रेस ने चेन्नई में मेकेदातु बांध के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट किया — तमिलनाडु की सहमति बिना एक ईंट नहीं। नए अध्यक्ष मणिक्कम टैगोर के नेतृत्व में पार्टी ने 2029 में 40 सीटें जीतने का लक्ष्य भी तय किया।

मुख्य बातें

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने 2 जुलाई 2026 को चेन्नई के सत्यमूर्ति भवन में मेकेदातु बांध के विरुद्ध औपचारिक प्रस्ताव पारित किया।
पार्टी ने कहा कि यह परियोजना कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले और सर्वोच्च न्यायालय के 2018 के निर्णय का उल्लंघन है।
बैठक की अध्यक्षता नव-नियुक्त TNCC अध्यक्ष एवं सांसद मणिक्कम टैगोर ने की; नेतृत्व पर्यटन मंत्री एस.
राजेश कुमार ने किया।
कांग्रेस 1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु सरकार में प्रत्यक्ष भागीदार — मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय की TVK सरकार में दो मंत्री ।
पार्टी ने 2029 लोकसभा में तमिलनाडु-पुडुचेरी की सभी 40 सीटें जीतने का लक्ष्य घोषित किया।

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) ने 2 जुलाई 2026 को चेन्नई के सत्यमूर्ति भवन में आयोजित जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की बैठक में मेकेदातु बांध के विरुद्ध औपचारिक प्रस्ताव पारित किया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कावेरी नदी पर कर्नाटक की इस प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ उसका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया जाता।

प्रस्ताव की मुख्य बातें

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने कहा कि प्रस्तावित मेकेदातु बांध, कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम फैसले और सर्वोच्च न्यायालय के 2018 के निर्णय का सीधा उल्लंघन है। पार्टी ने दोहराया कि तमिलनाडु की सहमति के बिना इस परियोजना पर एक भी ईंट नहीं रखी जाएगी — यह बयान TNCC के नव-नियुक्त अध्यक्ष एवं सांसद मणिक्कम टैगोर की पूर्व में व्यक्त की गई स्थिति के अनुरूप है।

पार्टी ने यह भी कहा कि यह परियोजना कावेरी डेल्टा के किसानों के जल अधिकारों के लिए सीधा खतरा है। गौरतलब है कि कावेरी जल बँटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच दशकों पुराना विवाद रहा है, और मेकेदातु परियोजना उसी विवाद की नवीनतम कड़ी है।

बैठक का नेतृत्व और संगठनात्मक संदेश

बैठक की अध्यक्षता तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के नव-नियुक्त अध्यक्ष एवं सांसद मणिक्कम टैगोर ने की, जबकि इसका नेतृत्व तमिलनाडु पर्यटन मंत्री एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता एस. राजेश कुमार ने किया। बैठक में एक अन्य प्रस्ताव के ज़रिए टैगोर की नियुक्ति पर बधाई दी गई।

बताया गया कि यह नियुक्ति कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के निर्देश पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा घोषित की गई थी। जिला कांग्रेस नेताओं ने नए अध्यक्ष को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

छह दशक बाद सरकार में भागीदारी

बैठक में एक ऐतिहासिक तथ्य भी रेखांकित किया गया — कांग्रेस 1967 में तमिलनाडु में सत्ता गँवाने के बाद से गठबंधन का हिस्सा रही है, लेकिन सरकार में प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं थी। अब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके गठबंधन सरकार में कांग्रेस के दो मंत्री हैं, जिससे पार्टी ने लगभग छह दशकों बाद सत्ता में सीधी हिस्सेदारी हासिल की है।

TVK गठबंधन सरकार की सराहना

तीसरे प्रस्ताव में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार की महज दो महीनों की उपलब्धियों की सराहना की गई। इनमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली, छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए फसल ऋण माफी, कुरुवई खेती के लिए विशेष पैकेज, कक्षा 8 तक नाश्ता योजना का विस्तार, महिलाओं के लिए विशेष टास्क फोर्स, नशा विरोधी अभियान और निवेश आकर्षित करने के प्रयास शामिल हैं।

पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने कांग्रेस, वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और वाम दलों के समर्थन से एक धर्मनिरपेक्ष सरकार का गठन किया है।

2029 का लक्ष्य और आगे की राह

बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि मणिक्कम टैगोर के नेतृत्व में पार्टी संगठन को मज़बूत किया जाएगा और 2029 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु एवं पुडुचेरी की सभी 40 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा गया है। कावेरी मुद्दे पर पार्टी की यह आक्रामक स्थिति उसी व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर नई सरकार इसे अपनी पहचान से जोड़ती है। असली सवाल यह है कि क्या यह प्रस्ताव केवल संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन है, या TNCC वास्तव में केंद्र और कर्नाटक पर कानूनी व राजनीतिक दबाव बनाने की ठोस रणनीति लेकर आई है। छह दशक बाद सत्ता में वापसी के साथ कांग्रेस के पास अब राज्य सरकार के भीतर से दबाव बनाने का अवसर है — लेकिन TVK गठबंधन में उसकी सीमित हिस्सेदारी यह भी बताती है कि मुख्य एजेंडा अभी भी मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तय करेगी।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेकेदातु बांध क्या है और तमिलनाडु इसका विरोध क्यों कर रहा है?
मेकेदातु बांध कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर प्रस्तावित एक जलाशय परियोजना है। तमिलनाडु का कहना है कि यह परियोजना कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम फैसले और सर्वोच्च न्यायालय के 2018 के निर्णय का उल्लंघन करती है, और कावेरी डेल्टा के किसानों के जल अधिकारों को खतरे में डालती है।
तमिलनाडु कांग्रेस ने 2 जुलाई 2026 की बैठक में क्या फैसले लिए?
चेन्नई के सत्यमूर्ति भवन में हुई बैठक में तीन प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए — मेकेदातु बांध के विरुद्ध संघर्ष जारी रखने का संकल्प, मणिक्कम टैगोर की TNCC अध्यक्ष नियुक्ति पर बधाई, और TVK गठबंधन सरकार के दो महीनों के कामकाज की सराहना।
मणिक्कम टैगोर को TNCC अध्यक्ष कैसे नियुक्त किया गया?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के निर्देश पर AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सांसद मणिक्कम टैगोर को तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया।
तमिलनाडु में कांग्रेस की सरकार में क्या भूमिका है?
1967 के बाद पहली बार कांग्रेस तमिलनाडु सरकार में प्रत्यक्ष भागीदार है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK गठबंधन सरकार में कांग्रेस के दो मंत्री शामिल हैं, जो लगभग छह दशकों के अंतराल के बाद पार्टी की सत्ता में वापसी है।
2029 लोकसभा चुनाव के लिए तमिलनाडु कांग्रेस का लक्ष्य क्या है?
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने 2029 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु और पुडुचेरी की सभी 40 सीटें जीतने का लक्ष्य घोषित किया है। पार्टी का मानना है कि मणिक्कम टैगोर के नेतृत्व में संगठन को मज़बूत कर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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