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तमिलनाडु: 13 लाख परिवारों को सालाना 3 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना पोंगल से लागू

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तमिलनाडु: 13 लाख परिवारों को सालाना 3 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना पोंगल से लागू

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' के तहत 13 लाख परिवारों को सालाना तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का ऐलान किया है। पोंगल से लागू होने वाली इस योजना पर सालाना ₹4,000 करोड़ खर्च होंगे और DBT के ज़रिए सीधे बैंक खातों में राशि जमा होगी।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार ने 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना के तहत 13 लाख पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 3 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की घोषणा की।
योजना पोंगल त्योहार से लागू होगी; सालाना अनुमानित खर्च ₹4,000 करोड़ ।
सिलेंडर की लागत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के ज़रिए लाभार्थियों के पंजीकृत बैंक खातों में जमा होगी।
पात्रता के लिए वार्षिक पारिवारिक आय ₹25 लाख तक निर्धारित; छोटे किसान, दिव्यांग परिवार और वंचित वर्ग प्राथमिकता में।
घोषणा तमिलनाडु विधानसभा में नियम 110 के तहत की गई; विस्तृत दिशानिर्देश पोंगल से पहले जारी होने की उम्मीद।

तमिलनाडु सरकार ने 24 अगस्त 2026 को विधानसभा में नियम 110 के तहत 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना की घोषणा की, जिसके तहत राज्य के लगभग 13 लाख पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे। यह योजना पोंगल त्योहार से लागू होगी और इस पर सालाना लगभग ₹4,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।

योजना की मुख्य संरचना

इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी परिवार मौजूदा वितरण प्रणाली के ज़रिए सिलेंडर खरीदेंगे और प्रतिवर्ष तीन सिलेंडरों की लागत सीधे उनके पंजीकृत बैंक खातों में जमा की जाएगी। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) तंत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय सहायता बिना किसी मध्यस्थ के पात्र परिवारों तक पहुँचे।

पात्रता और लाभार्थी वर्ग

जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹25 लाख तक है, वे इस योजना के लिए आवेदन के पात्र होंगे। योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों, छोटे एवं सीमांत किसानों, दिव्यांगजनों के परिवारों और समाज के अन्य वंचित वर्गों को केंद्र में रखती है। यह ऐसे समय में आई है जब घरेलू खर्चों में वृद्धि के कारण कई परिवारों के लिए एलपीजी रिफिल कराना कठिन हो गया है और वे कभी-कभी लकड़ी जैसे परंपरागत ईंधनों पर निर्भर रहने को मजबूर हो जाते हैं।

महिलाओं पर सकारात्मक असर

गौरतलब है कि इस उपाय से महिलाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो धुआँ पैदा करने वाले ईंधन के उपयोग से सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। स्वच्छ ईंधन के निरंतर उपयोग को प्रोत्साहित करके यह योजना स्वास्थ्य जोखिमों को भी कम करने की दिशा में एक कदम है।

क्रियान्वयन की चुनौतियाँ

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार को बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाना होगा, जिसमें पात्र लाभार्थियों के एलपीजी उपभोक्ता विवरण को उनके बैंक खातों से जोड़ा जाएगा। राजस्व अधिकारियों, नागरिक आपूर्ति विभाग, बैंकों और तेल विपणन कंपनियों के बीच समन्वय इस प्रक्रिया की रीढ़ होगा।

आगे क्या होगा

आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ीकरण और सब्सिडी हस्तांतरण के कार्यक्रम से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश पोंगल से पहले जारी किए जाने की उम्मीद है। तमिलनाडु विधानसभा में नियम 110 के तहत की गई यह घोषणा मुख्यमंत्री को सार्वजनिक महत्व के विषयों पर बयान देने का अधिकार देती है, जो इस पहल की राजनीतिक प्राथमिकता को भी दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सीधी राहत पहल बनाते हैं। लेकिन असली परीक्षा 13 लाख परिवारों के एलपीजी विवरण को बैंक खातों से जोड़ने की विशाल सत्यापन प्रक्रिया में है, जिसमें कई राज्य योजनाएँ पहले लड़खड़ा चुकी हैं। ₹4,000 करोड़ सालाना का आवंटन महत्वाकांक्षी है, लेकिन क्रियान्वयन की जवाबदेही के बिना यह आँकड़ा सिर्फ कागज़ पर रह सकता है। यह देखना होगा कि पोंगल तक जारी होने वाले दिशानिर्देश पात्रता सत्यापन को कितना पारदर्शी और त्वरित बनाते हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु की 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार की एक घरेलू सहायता योजना है जिसके तहत राज्य के लगभग 13 लाख पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे। सिलेंडर की लागत सीधे लाभार्थियों के पंजीकृत बैंक खातों में DBT के ज़रिए जमा होगी।
यह योजना कब से लागू होगी?
योजना पोंगल त्योहार से लागू होने की घोषणा की गई है। पंजीकरण, दस्तावेज़ और सब्सिडी हस्तांतरण से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश पोंगल से पहले जारी किए जाने की उम्मीद है।
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹25 लाख तक है, वे आवेदन के पात्र होंगे। योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों, छोटे एवं सीमांत किसानों, दिव्यांगजनों के परिवारों और अन्य वंचित वर्गों को लक्षित करती है।
इस योजना पर कितना खर्च आएगा और पैसा कैसे मिलेगा?
सरकार के अनुमान के अनुसार इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग ₹4,000 करोड़ खर्च होंगे। लाभार्थी मौजूदा वितरण प्रणाली से सिलेंडर खरीदेंगे और तीन सिलेंडरों की लागत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के ज़रिए सीधे उनके बैंक खाते में जमा होगी।
इस योजना की घोषणा कहाँ और कैसे की गई?
यह घोषणा तमिलनाडु विधानसभा में नियम 110 के तहत 24 अगस्त 2026 को की गई, जो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक महत्व के विषयों पर बयान देने का अधिकार देता है। क्रियान्वयन के लिए राजस्व विभाग, नागरिक आपूर्ति, बैंकों और तेल विपणन कंपनियों के बीच समन्वय आवश्यक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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