तमिलनाडु: 13 लाख परिवारों को सालाना 3 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना पोंगल से लागू
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 24 अगस्त 2026 को विधानसभा में नियम 110 के तहत 'अन्नपूर्णी सुपर सिक्स' योजना की घोषणा की, जिसके तहत राज्य के लगभग 13 लाख पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे। यह योजना पोंगल त्योहार से लागू होगी और इस पर सालाना लगभग ₹4,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
योजना की मुख्य संरचना
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी परिवार मौजूदा वितरण प्रणाली के ज़रिए सिलेंडर खरीदेंगे और प्रतिवर्ष तीन सिलेंडरों की लागत सीधे उनके पंजीकृत बैंक खातों में जमा की जाएगी। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) तंत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय सहायता बिना किसी मध्यस्थ के पात्र परिवारों तक पहुँचे।
पात्रता और लाभार्थी वर्ग
जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹25 लाख तक है, वे इस योजना के लिए आवेदन के पात्र होंगे। योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों, छोटे एवं सीमांत किसानों, दिव्यांगजनों के परिवारों और समाज के अन्य वंचित वर्गों को केंद्र में रखती है। यह ऐसे समय में आई है जब घरेलू खर्चों में वृद्धि के कारण कई परिवारों के लिए एलपीजी रिफिल कराना कठिन हो गया है और वे कभी-कभी लकड़ी जैसे परंपरागत ईंधनों पर निर्भर रहने को मजबूर हो जाते हैं।
महिलाओं पर सकारात्मक असर
गौरतलब है कि इस उपाय से महिलाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो धुआँ पैदा करने वाले ईंधन के उपयोग से सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। स्वच्छ ईंधन के निरंतर उपयोग को प्रोत्साहित करके यह योजना स्वास्थ्य जोखिमों को भी कम करने की दिशा में एक कदम है।
क्रियान्वयन की चुनौतियाँ
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार को बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाना होगा, जिसमें पात्र लाभार्थियों के एलपीजी उपभोक्ता विवरण को उनके बैंक खातों से जोड़ा जाएगा। राजस्व अधिकारियों, नागरिक आपूर्ति विभाग, बैंकों और तेल विपणन कंपनियों के बीच समन्वय इस प्रक्रिया की रीढ़ होगा।
आगे क्या होगा
आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ीकरण और सब्सिडी हस्तांतरण के कार्यक्रम से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश पोंगल से पहले जारी किए जाने की उम्मीद है। तमिलनाडु विधानसभा में नियम 110 के तहत की गई यह घोषणा मुख्यमंत्री को सार्वजनिक महत्व के विषयों पर बयान देने का अधिकार देती है, जो इस पहल की राजनीतिक प्राथमिकता को भी दर्शाती है।