उज्ज्वला योजना: ₹1,200 के बाज़ार भाव में गरीब परिवारों को सिलेंडर मिल रहा ₹613 में, सरकार दे रही ₹587 की सब्सिडी
सारांश
मुख्य बातें
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 1 जून 2026 को बताया कि वैश्विक बाज़ार में एलपीजी की कीमत बढ़कर ₹1,200 प्रति सिलेंडर हो जाने के बावजूद, उज्ज्वला योजना के लाभार्थी परिवारों को 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर केवल ₹613 में मिल रहा है। सरकार प्रति सिलेंडर ₹587 की सब्सिडी देकर यह अंतर वहन कर रही है — यानी लाभार्थी बाज़ार मूल्य का लगभग आधा ही चुका रहे हैं।
सब्सिडी का दायरा और वित्तीय भार
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 2024-25 में तेल विपणन कंपनियों की कम वसूली ₹41,338 करोड़ थी। मध्य पूर्व संघर्ष के चलते कीमतों में आई तेज़ वृद्धि के कारण यह आँकड़ा 2025-26 में बढ़कर ₹60,000 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने 2025-26 के दौरान एलपीजी पर ₹30,000 करोड़ की सब्सिडी दी है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि घरेलू सिलेंडर की कीमत अंतरराष्ट्रीय मानक से सीधे नहीं जुड़ी है — यही इसकी सुरक्षा-कवच है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत हर महीने अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुसार संशोधित होती है।
पड़ोसी देशों से तुलना
भारत में आम घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर के लिए ₹913 चुकाने पड़ते हैं, जबकि उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए यह दर ₹613 है। तुलनात्मक रूप से, श्रीलंका में प्रति सिलेंडर ₹1,241, नेपाल में ₹1,207 और पाकिस्तान में ₹1,046 खर्च करने पड़ते हैं। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि भारत में एलपीजी की कीमत पड़ोसी देशों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम है।
आपूर्ति की स्थिति सामान्य
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नवीनतम अपडेट के अनुसार, पिछले 3 दिनों में लगभग 1.21 करोड़ सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले लगभग 1.22 करोड़ एलपीजी सिलेंडर घरों तक पहुँचाए गए हैं — यानी आपूर्ति माँग से थोड़ी अधिक है।
गुरुवार को ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में लगभग 99 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अवैध व्यापार रोकने के लिए उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर आधारित प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) डिलीवरी में भी लगभग 96 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
घबराहट में खरीदारी न करें: सरकार की अपील
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचें। देश की सभी तेल रिफाइनरियाँ पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। घरेलू खपत पूरी करने के लिए रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर लगभग 52 टीएमटी/दिन कर दिया गया है।
इस वर्ष मई के दौरान कई ज़िलों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। सरकार ने अफवाहों से सावधान रहने और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी है। आने वाले हफ्तों में सब्सिडी व्यवस्था की समीक्षा और आपूर्ति की निगरानी जारी रहेगी।